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जिनके पास पहले से आलीशान भवन हैं उन्हें पूर्वांचल में घर क्यों चाहिएः शेख हसीना

  • सबसे पहले आदिवासियों को हक मिलेगा

  • वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए किया भूखंड आवंटन

  • मौत के बाद तो साढ़े तीन हाथ जमीन के अंदर जाना है

राष्ट्रीय खबर

ढाकाः जिनके पास पहले से ही आलीशान भवन हैं, विशाल विशाल घर हैं, उन्हें इस

पूर्वांचल का एक प्लॉट क्यों चाहिए, यह बात मेरी समझ से परे हैं। गरीबों के लिए बन रहे

नये शहर में जमीन पाने के लिए मची होड़ के बीच बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने

इस प्रवृत्ति की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि मरने के बाद तो

सभी को उसी साढ़े तीन हाथ के कब्र में जाना है। यह सारा धन, घर कोई अपने साथ तो ले

नहीं जाता। फिर भी इतनी लालच क्यों है। आज एक वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से

पूर्वांचल में जमीन हथियाने के लिए मची होड़ पर प्रधानमंत्री ने यह कड़ी टिप्पणी की है।

इस वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उन्होंने इस इलाके के पुराने वाशिंदों और गरीब लोगों

के लिए तैयार एक हजार 440 प्लॉटों का आवंटन करने के दौरान यह बात कही थी। शेख

हसीना ने कहा कि हम नये शहर बने रहे हैं। इस देश के जो पैसे वाले हैं, उनके पास पहले से

ही काफी संपत्ति है। उनके लिए घर होना कोई जरूरी नहीं हैं। वे जहां भी जमीन लेते हैं,

बहुत अच्छा घर बनाते हैं। फिर इस पूर्वांचल के जमीन के लिए इतनी होड़ क्यों मची हुई

है। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन्हें यह भूखंड मिलने चाहिए थे, उसका उल्लेख

पहले ही फाइल में साफ साफ कर दिया गया था। अब जिनके पूरे ढाका के आलीशान

इलाकों में घर है, उन्हें यहां क्यों जमीन चाहिए, यह बात मेरी समझ से परे है।

जिनके पास पहले से ज्यादा है वह और लेकर क्या करेंगे

इस पूर्वांचल में बंगबंधु मजीबुर रहमान की याद में एक स्मारक बनाने का भी प्रस्ताव

आया था, जिसे शेख हसीना ने खारिज कर दिया। उन्होंने आज कहा कि मैंने प्रारंभ में ही

फाइल में यह साफ साफ लिख दिया था कि जो यहां के आदिवासी हैं, सबसे पहले उन्हें

भूखंड का आवंटन किया जाएगा। उन्हें कैसे यह जमीन मिलेगी, यह देखना अधिकारियो

की जिम्मेदारी थी। उन्होंने कहा कि जिनके पास पहले से हैं, उन्हें छोड़कर देश के हरेक

नागरिक के पास अपना एक घर हो। हर नागरिक के सर के ऊपर एक छत हो, हर घर में

बिजली हो और हर घर में शिक्षित हो, यही इस सरकार की प्राथमिकता है।

नारायणगंज, रुपगंज, गाजीपुर और कालीगंज इलाके के करीब छह हजार 277 एकड़ में

पूर्वांचल बनाने की योजना वर्ष 1996 की है। जमीन अधिग्रहण और अन्य कार्यों में वर्ष

2009 तक का समय लग या है। इसके बाद भी शेख हसीना लगातार इस शहर को बसाने के

लिए ध्यान देती रही। जिसके पास पहले से अच्छे घर हैं, उन्हें भूखंड मिले अथवा नहीं

मिले, वहां के मूल वाशिदों को भूखंड देना उनकी प्राथमिकता थी। आज इस काम को

औपचारिक तौर पर अंजाम दिया गया है।

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