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जिन जिलों में शराब से हुई है मौत वहां के आलाधिकारियों पर गिर सकती है गाज




जहरीली शराब से हुए मौतों के बाद मुख्यमंत्री हुए सख्त
कुछ जिलों को सौंपी गयी है खास जिम्मेदारी
आगामी 16 नवंबर को होगी इसकी समीक्षा
लगातार हो रही घटनाओं से नीतीश नाराज
दीपक नौरंगी

भागलपुर: जिन जिलों में शराब से मौतें हुई है, उन जिलो के आलाधिकारी पर गाज गिर सकती है। शराब से हो रही है लगातार मौतों के बाद प्रशासनिक हल्के में यह चर्चा आम है। पुलिस ने अधिकारियों को परफॉरमेंस सुधारने का मौका दिया है।




टारगेट में बेतिया, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, सीतामढ़ी और समस्तीपुर के आलाधिकारी हैं। इन जिलों के आलाधिकारियों का तबादला कभी भी हो सकता है।

त्योहार का मौसम भी अब खत्म हो गया है। इस कारण अब विधि-व्यवस्था को लेकर भी कोई खतरा नहीं है।

माना जा रहा है कि 16 नवंबर को मुख्यमंत्री शराबबंदी को लेकर राज्य स्तर पर समीक्षा करेंगे, जिसके बाद मौतों वाले जिले के अधिकारियों पर गाज गिरना तय है।

गौरतलब है कि पिछले 10 दिनों के दौरान जहरीली शराब कांड मैं गोपालगंज, बेतिया, मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी, समस्तीपुर में करीब 40 लोगों की मौत हो चुकी है।

एक दर्जन गंभीर रूप से बीमार है। गंभीर रूप से बीमार है कई व्यक्ति जीवन और मौत की लड़ाई लड़ रहे हैं।जो अस्पताल में भर्ती नहीं है अब चोरी-छिपे इलाज करा रहे हैं।

प्रशासन हर रोज आग्रह कर रहा है कि ऐसे लोग सामने आए और सही तरह से अपना समुचित इलाज कराएं, लेकिन शराब बंदी के कड़े कानून के कारण यह लोग सामने नहीं आ रहे हैं।

क्योंकि इन पर कारवाई हो सकती है। इसी कारण एक दर्जन लोग चोरी-छिपे इलाज करा देना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है।

जिन जिलों में कारोबार है वहां खबर छिपायी जाती है

ऐसे लोगों को खोजना और उनका इलाज कराना इसी कारण लोगों के मरने की सूचना आती रहती है।




सूत्र बताते हैं कि कई लोगों की मौत परिजनों ने छुपा लिया है और चोरी-छिपे दाह संस्कार कर दिया है। संबंधित जिलों के प्रशासन ऐसे लोगों का पता लगाने में भी जुटी हुई है।

मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में इन सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा होगी और इससे संबंधित रिपोर्ट भी सभी जिले की प्रस्तुति की जाएगी।

इस बार नीतीश कुमार अपने सुशासन के मंत्र और शराबबंदी के अपनी इमेज लेकर किसी तरह के समझौता के मूड में नहीं दिख रहे हैं। तभी तो कुछ दिन पहले उन्होंने काफी बेहद सख्त लहजे में कहा था सभी दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मुजफ्फरपुर का एक नेता शराब को लेकर सुर्खियों में

बिहार में मुजफ्फरपुर जिला के एक नेता जो सरकार के काफी करीबी बताए जाते हैं सरकारी आला अधिकारियों से लेकर बिहार के मुखिया नीतीश कुमार के करीबी नेताओं के बीच

यह बात काफी सुर्खियों में है कि उक्त नेता के द्वारा शराब के कारोबारियों के साथ उनकी संलिप्तता बताई जाती है लेकिन क्योंकि वह नेता बिहार सरकार के मुखिया के बहुत करीबी बताए जाते हैं

और सरकार के आला अधिकारी चाह कर भी बिहार के मुखिया नीतीश कुमार को उक्त नेता के बारे में जानकारी नहीं दे सकते हैं क्योंकि सरकार के मुखिया से मधुर संबंध होने के कारण बिहार के पुलिस के आला अधिकारी की अपनी प्रतिष्ठा कहीं धूमिल ना हो जाए

इस भय के कारण उक्त नेता के बारे में बिहार के मुखिया को जानकारी नहीं दे रहे हैं। पूरे बिहार के आला अधिकारियों में मुजफ्फरपुर के एक नेता शराब के कारोबार में संलिप्त होने की बात सुर्खियों में है।

बिहार के मुखिया नीतीश कुमार को उक्त नेता के बारे में जानकारी जरूर प्राप्त करनी चाहिए और ऐसे नेताओं को भी सुशासन के कानून का भय होना चाहिए।



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