Press "Enter" to skip to content

पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के इलाके में मिला जमीन के नीचे का प्राणी




  • जमीन के साठ मीटर की गहराई में
  • वहां सांस कैसे लेता है, यह पता नहीं
  • अक्सर खनिज वाले इलाकों में रहते हैं
  • इस जीव के वाकई हजार से अधिक टांगे हैं
राष्ट्रीय खबर

रांचीः पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के इलाके में जमीन के नीचे से एक विचित्र छोटा सा जीव मिला है। यह रेंगकर चलता है लेकिन वैज्ञानिक उसके पैरों की कुल संख्या को लेकर हैरानव हैं। वैज्ञानिक परिभाषा में इसे इयूमिलिपेस परसोफोन कहा जाता है। वैसे इस बार उसे मिलीपेड का नाम दिया गया है। इसका यह नामकरण इस वजह से हुआ है क्योंकि मिली का अर्थ एक हजार और पेड का अर्थ पैर है। इस प्राणी के कुल 1306 पैर पाये गये हैं। इसके पहले कभी भी कोई ऐसा प्राणी नहीं पाया गया था, जिसके साढ़े सात सौ से अधिक पैर हों।




पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में खनन कार्य के दौरान मिला

पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया का यह जीव मात्र नौ सेंटीमीटर से थोड़ा अधिक लंबा है और उसकी चौड़ाई एक मिलीमीटर से भी कम है। इसके बाद भी उसके शरीर में 330 अलग अलग हिस्से हैं। उसका सर थोड़ा त्रिकोण जैसा है जिसके ऊपर लंबा एंटेना जैसा है। खाने के लिए उसके पास बहुत छोटे चोंच जैसा हिस्सा है।

पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में जमीन के लिए खनिज की खुदाई चलने के दौरान यह जीव नजर आया है। जहां पर इसे पाया गया है वह जमीन से साठ मीटर नीचे का हिस्सा है। इस गहराई तक ड्रील चलाकर वहां की मिट्टी निकालने के दौरान ही निकाली गयी मिट्टी के साथ यह जीव बाहर आया तो लोग उसे देखकर हैरान हुए।




खनन करने वालों ने इसकी जानकारी वैज्ञानिकों को दी। वहां पहुंचकर वैज्ञानिक इस जीव को सुरक्षित अपने साथ ले आये और प्रयोगशाला में काफी गहराई से उसका अध्ययन किया गया। इसी अध्ययन के दौरान यह पाया गया कि उसके पास वाकई एक हजार से अधिक पैर है। अपने शारीरिक ढांचे की वजह से यह प्राणी काफी लचीला है और सारे पैरों का इस्तेमाल कर सकता है।

अपने लचीले शरीर में सारे पैरों का इस्तेमाल करता है

समझा जा रहा है कि इस किस्म के रेंगने वाले जीवों में होने वाले क्रमिक विकास के दौर में ऐसे प्राणियों की अलग अलग प्रजातियां विकसित हुई है। वैसे यह प्राणी खनिज वाले इलाकों में ही गहराई में क्यों रहते हैं, इस बारे में अब तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पायी है।

साथ ही यह सवाल भी अनुत्तरित है कि पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के खनन क्षेत्र से मिला यह जीव जमीन की इतनी गहराई में सांस कैसे लेता है। इस प्रजाति के बारे में माना जाता है कि वे भी प्राचीन पृथ्वी के जीवन में से एक हैं और करीब चार सौ मिलियन वर्ष पहले से ही वे इस धरती पर मौजूद हैं। अंटार्कटिका को छोड़कर शेष सभी इलाकों में यह जीव किसी न किसी प्रजाति के तौर पर विकसित हुआ है।



More from HomeMore posts in Home »
More from ताजा समाचारMore posts in ताजा समाचार »
More from पर्यावरणMore posts in पर्यावरण »

2 Comments

Leave a Reply

%d bloggers like this: