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मच्छरों से निजात पाने का नया और आसान रास्ता मिला !

  • दो विश्वविद्यालयों में हुए जांच का नतीजा

  • बिल्लियों का दिमाग चकरा देता है यह पौधा

  • कीट पतंगों को भीषण दर्द महसूस कराता है

  • इसकी महक से मच्छर गंध भूल जाते हैं

राष्ट्रीय खबर

रांचीः मच्छरों से निजात पाने का एक आसान रास्ता शायद हमारे पास के बगीचे अथवा

आस पास के सामान्य पौधों के जंगल में भी मौजूद है। पहली बार इस पौधे में मच्छरों को

भगाने के गुण होने की जानकारी मिली है। कैटनीप नामक इस पौधे की जानकारी हम

सभी को पहले से ही है। हमें यह भी पहले से पता था कि कई किस्म के कीट पतंगों भगाने

में यह काम आता है। कैटनीप नामक इस पौधे से तैयार हर्बल टी का इस्तेमाल भी बहुत

लोग करते हैं। कई किस्म की शारीरिक कमजोरियों के ईलाज में भी इसका इस्तेमाल पहले

से होता आ रहा है। लेकिन मच्छरों से निजात दिलाने में भी यह कारगर है, इसकी

जानकारी पहली बार मिली है। यह एक बारहमासी फूलों वाला पौधा है। आमतौर पर इसे

कैटमिंट या कैटसूट के रूप में भी जाना जाता है| इसका बायोलॉजिकल नाम नेपेटा

कैटेरिया है। इसके फूलों और पत्तियों का इस्तेमाल दवाइयों के रूप में किया जाता है। ये

अपनी सिडेटिव प्रॉपर्टीज के लिए जाना जाता है, जो मन को शांत करता है। कई लोग हर्बल

टी में भी इसका प्रयोग करते हैं। कैटनिप का इस्तेमाल माइग्रेन, एंग्जाइटी, इन्सोम्निया,

सर्दी, पीरियड्स में ऐंठन, डाइजेस्टिव डिसऑर्डर, अस्थमा और इन्फ्लूएंजा के इलाज के

लिए इंटरनली किया जाता है। गठिया और बवासीर के इलाज के लिए इसका इस्तेमाल

एक्सटर्नली किया जाता है। आमतौर पर कैटनीप माइल्ड रेस्पिरेटरी कंडीशंस के लिए

इस्तेमाल किया जाता है और अक्सर शिशुओं और बच्चों को दिया जाता है। टॉनिक के

तौर पर इसका इस्तेमाल यूरिन बढ़ाने के लिए भी किया जाता है। लेकिन मच्छरों से

निजात दिला सकता है इसकी जानकारी हमलोगों को इससे पहले नहीं थी। इसी वजह से

मच्छरों की परेशानी से मुक्ति पाने का यह नया रास्ता बन सकता है।

मच्छरों के निजात के पहले से इस पौधे के कई गुण मालूम थे

नार्थवेस्टर्न विश्वविद्यालय और लूंड विश्वविद्याल के वैज्ञानिकों ने इस पर काम किया

है। इन जीव विज्ञान के वैज्ञानिकों ने सामान्य घरेलू बगीचों और सामान्य किस्म के

जंगलों में अपने आप ही उगने वाले इस पौधे की पहचान की है। अमेरिकी के घरों में अपने

पालतू बिल्लियों को नियंत्रण में रखने के लिए भी इस पौधे का पहले से इस्तेमाल होता

आया है। दरअसल इस पौधे के संपर्क में आने की वजह से बिल्लियों की बुद्धि चकरा जाती

है। उनके दिमाग पर इस पौधे का प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। लेकिन पहली बार यह जांचा

गया है कि यह मच्छरों से निजात भी दिला सकता है। इससे यह उम्मीद भी बंधी है कि

मच्छरों के हमलों से निजात पाने के लिए अब हमें शायद भविष्य में हानिकारक रसायनों

का इस्तेमाल नहीं करना पड़ेगा।

सामान्य मिंट प्रजाति के इस पौधे में यह गुण है इसकी जांच भी पहले नहीं हुई थी। सिर्फ

यह पता था कि कीट पतंग इस पौधे के करीब आना पसंद नहीं करते हैं। बिल्ली के दिमाग

पर इसके प्रभाव से होने वाले प्रतिकूल प्रभाव की वजह से ऐसा समझा जाता था कि अन्य

कीटों पर भी यह इसी किस्म का कोई असर डालता है। इसी वजह से कीट पतंग उससे दूर

भागते हैं। करंट बॉयोलॉजी के 4 मार्च के अंक में इस नये शोध के बारे में जानकारी

प्रकाशित की गयी है। कैटनीप से मच्छरों से निजात पाने की विधि का पता चलने के बाद

वैज्ञानिकों ने इस पर और अधिक शोध किया है। यह पाया गया है कि उसमें नेपेटालैक्टिन

नामक रसायन होता है। इसी रसायन से कीट पतंगों को परेशानी होती है क्योंकि यह सीधे

दिमाग पर असर डालता है।

नेपेटालेक्टिन रसायन की वजह से कीट पतंग दूर रहते हैं

लूंड विश्वविद्यालय के एसोसियेट प्रोफसर मारकूस सी स्टेंसमायर ने कहा कि इस

रसायन का प्रयोग पहले से ही होता आया है। उसे प्रयोगशाला में कृत्रिम तरीके से तैयार

किया जाता रहा है। लेकिन कैटनीप इतने सारे छोटे जीव जंतुओं पर और क्या क्या असर

डालता है, इस पर गहन शोध किया जाना अभी बाकी है। अब तक जो शोध हुआ है उसके

मुताबिक इस पौधे के संपर्क में आन के बाद मच्छरों में इंसानी महक को समझने की

शक्ति ही समाप्त हो जाती है। इसके पहले जो रसायन मच्छरों को खात्मे के लिए

इस्तेमाल में लाये जाते रहे है, उससे दूसरे कीट पतंग भी मर जाते हैं। लिहाजा बिना किसी

अन्य प्रजाति को कोई नुकसान पहुंचाये, यह विधि मच्छरों से निजात पाने का बेहतर और

कारगर तरीका साबित हो सकती है। दूसरी तरफ यह भी पाया गया है कि यह पौधा अन्य

जीव जंतुओं के दर्द महसूस करने की ग्रंथी को सक्रिय कर देते हैं। इससे पौधे के करीब जाने

वाले जीव भयानक दर्द महसूस करते हैं। कई मामलों में यह इंसानों के अंदर भी यह दर्द

बढ़ा देता है। जानकारी नहीं रखने वाले लोग यह समझ भी नहीं पाते हैं कि इस पौधे के

सीधे संपर्क में आने की वजह से ही वे ऐसा भीषण दर्द महसूस कर रहे हैं।

वर्तमान समय में मौसम के बदलाव और अन्य कारणों से मच्छरों की आबादी और उससे

होने वाली परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। ऐसे में मच्छरों के निजात दिलाने में

कारगर यह पौधा हरेक के काम आ सकती है। इससे पहले पौधा को देखने के बाद भी हम

उसकी उपयोगिता को नहीं जान पाये थे। प्रयोग के तहत इस कैटनीप के तेल का इस्तेमाल

करने से होने वाले प्रभाव को भी जांचा परखा जा चुका है।

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