रोबोट अब पतंगों की तरह उड़ सकेंगे, वैज्ञानिकों का नया आविष्कार

रोबोट पतंग के साथ उसके निर्माणकर्ता
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  • हालैंड के वैज्ञानिकों ने ड्रोन पद्धति को आगे विकसित किया

  • आकार और वजन में छोटा पर दमदार यंत्र

  • प्रति सेकंड सत्रह बार अपने पंख हिलाता है

  • 25 किलोमीटर गति से 1 किलोमीटर तक जाता है

प्रतिनिधि



नईदिल्लीः रोबोट अब छोटे कीट पतंगों की तरह उड़ सकेंगे।

हालैंड के वैज्ञानिकों ने इस विधि का आविष्कार किया है। इसका सफल प्रयोग हो चुका है।

अब इस नये किस्म के सुक्ष्म यंत्र को अनेक किस्म के कामों में लगाने के लायक बनाया जा रहा है

ताकि जहां इंसान के हाथ की पहुंच कठिन अथवा खतरनाक हो, वह सारे काम यह उड़ने वाला मशीनी पतंग कर सके।

रोबोट कैसे उड़ता है, इसके लिए देखें वीडियो

समझा जा रहा है कि इस विधि से तैयार रोबोट के और कुशल होने पर दुनिया भर में ड्रोन के उपयोग के तौर तरीके भी तेजी से बदल जाएंगे।

गत 13 सितंबर को इसके सफल परीक्षण के बाद इसकी विधिवत घोषणा कर दी गयी है।

शोध से जुड़े वैज्ञानिकों ने इस उड़ने वाले रोबोट के बारे में बताया है कि इसमें ठीक पतंगों की तरह पंख लगाये गये हैं।

दोनों तरफ दो दो अलग अलग पंख हैं।

यह सभी पंख एक साथ अथवा अलग अलग भी काम कर सकते हैं।

इन्हीं की मदद से यह रोबोट बड़ी आसानी से उड़ सकता है।

परीक्षण के दौरान पाया गया है कि यह रोबोट हवा में प्रति सेकंड सत्रह बार अपने पंखों को हिला सकता है।

इसी वजह से वह बड़ी आसानी से उड़ लेता है।

इन पंखों की ऐसी गति की वजह से वह न सिर्फ उड़ सकता है बल्कि हवा में कहीं स्थिर भी रह सकता है।

इसके लिए उसे नीचे से नियंत्रित किया जा सकता है।

वैज्ञानिक परीक्षण के दौरान इस रोबोट पतंग की गति 25 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की गयी है।

यह पाया गया है कि आवश्यकतानुसार इसकी गति को और बढ़ाया भी जा सकता है।

साथ ही यह मशीनी पतंग हवा में 360 डिग्री घूमने में भी सक्षम है।

इसके अलावा जरूरत के हिसाब से यह हवा में हर किस्म की कलाबाजी भी कर लेता है।

पतंग मशीन बनाने वालों ने दी इसके बारे में विशेष जानकारी

इस रोबोट को डिजाइन करने वाले डेल्फ्ट विश्वविद्यालय के तकनीकी विभाग के विशेषज्ञ मातेज कारासेक ने यह जानकारी दी है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में जो मशीन तैयार किया गया है, उसके पंखों की लंबाई 33 सेंटीमीटर तक होती है।

इस मशीनी पतंग का कुल वजन मात्रा 29 ग्राम है।

इस लिहाज से इसे वर्तमान परिस्थिति को काफी उन्नत रोबोट माना जा रहा है।

इसकी बैटरी पूरी तरह चार्ज होने की स्थिति में यह मशीनी पतंग सीधे 5 मिनट तक हवा में कलाबाजी दिखा सकता है अथवा जरूरत पड़ने पर एक किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकता है।

उन्होंने बताया कि इस रोबोट को देखकर फलों पर मंडराने वाले मक्खियों की याद आती है क्योंकि यह आकार और संचालन में उसी के जैसा दिखता है।

इस रोबोट के माध्यम से अब वैज्ञानिक इस किस्म की मक्खियों की गतिविधियों का भी बेहतर तरीके से अध्ययन कर रहे हैं।

इससे खास तौर पर अब तक इन मक्खियों के भागने के तौर तरीकों का पता चल रहा है।

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