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कोरोना की तीसरी लहर को कोई नहीं रोक सकता

  • यह वायरस मनुष्य से मनुष्य में ही फैल सकता है

  • सरकार ने दी चेतावनी और वैज्ञानिक के इस दावे की 10 बड़ी बातें

भूपेन गोस्वामी

रांची : कोरोना की तीसरी लहर भी आएगी। इसे कोई नहीं रोक सकता है। हालांकि, यह

कब आएगी और यह कैसे इफेक्ट करेगी, अभी कहना मुश्किल है लेकिन, इसके लिए तैयार

रहना होगा। देश अभी कोरोना की दूसरी लहर से ही जूझ रहा है लेकिन कोरोना की तीसरी

लहर आने की भी भविष्यवाणी हो गई है। कोरोना की तीसरी लहर का आना तय माना जा

रहा है। ये दावा केंद्र सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के विजय राघवन ने किया है।

विजय राघवन ने आगाह किया है कि क्योंकि सार्स-सीओवी2 और उत्परिवर्तित हो रहा है

इसलिए नयी लहरों के लिए तैयार रहना चाहिए। देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर की

तीव्रता का पूर्वानुमान नहीं जताया गया था। देश के शीर्ष वैज्ञानिक ने कहा कि कम

ऐहतियाती उपाय, पहली लहर से आबादी में कम प्रतिरक्षा के चलते दूसरी लहर अधिक

तीव्र हो रही है और इससे अभी तक देशभर में हजारों लोगों को जान गंवानी पड़ी है और

लाखों लोग संक्रमित हुए हैं। प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के मुताबिक जब वैक्सिनेशन

बढ़ेगी तो वायरस लोगों को संक्रमित करने के नए तरीके ढूंढेगा, जिसके लिए हमें तैयार

रहना होगा। वायरस अपना रूप बदलता रहता है। इसलिए हमें वैक्सीन और दूसरे पहलुओं

पर रणनीति बदलती रहनी होगी। दूसरी लहर में कई फैक्टर हैं जिसमें कोरोना के नए

वेरिएंट भी एक फैक्टर है। दूसरी लहर इसलिए बढ़ी क्योंकि जो इम्युनिटी बनी थी वो

इतनी नहीं थी की संक्रमण को रोक सके। कोरोना की पहली लहर दो वजह से कम हुई थी,

जिन लोगों को इंफेक्शन हुआ उनमें इम्युनिटी आई और मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग सहित

बचाव के जो भी कदम उठाए गए उससे संक्रमण फैलना कम हुआ। लेकिन बचाव के

कदमों में ढिलाई बरती तो संक्रमण फैलना फिर शुरू हुआ।

कोरोना की तीसरी लहर के पहले वैज्ञानिकों की चेतावनी

वैज्ञानिक का कहना है कि कई लोग नई प्रतिरक्षा सीमा तक पहुंचने से पहले ही संक्रमित

हो जाते हैं। ऐसी दूसरी लहर आम तौर पर पहले की तुलना में छोटी होती है. ऐसी ही दूसरी

लहर की उम्मीद थी। हालांकि, कई कारक दूसरी लहर में बदलाव करके उसे पहली की

तुलना में बहुत बड़ी बना सकते हैं। दूसरी ओर , स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा

कि देश इस तीव्रता की जिस लंबी कोविड लहर का का सामना कर रहा है, उसका

पूर्वानुमान नहीं जताया गया था। सरकार ने कहा कि महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल और उत्तर

प्रदेश समेत 12 राज्यों में एक लाख से अधिक कोरोना वायरस के मरीज उपचाराधीन हैं।

सरकार ने कहा कि कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और बिहार उन

राज्यों में शामिल हैं जहां दैनिक मामलों में बढ़ोतरी की प्रवृत्ति दिख रही है। सरकार ने यह

भी कहा कि 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कोविड संक्रमण दर 15 प्रतिशत से

अधिक है। उसने कहा कि एक मई से, नौ राज्यों में 18-44 आयु समूह के 6.71 लाख लोगों

को कोविड रोधी टीका लगाया गया है। केंद्र के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के विजय

राघवन ने कहा कि वायरस के उच्च स्तर के प्रसार को देखते हुए कोरोना की तीसरी लहर

आना अनिवार्य है लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि यह तीसरी लहर कब आएगी और किस

स्तर की होगी। उन्होंने कहा, “हमें नई लहरों के लिए तैयार रहना चाहिए।” नीति आयोग

के सदस्य डॉ वीके पॉल ने डॉक्टरों से आग्रह किया कि वे कोरोना वायरस से संक्रमित

होकर घर में पृथक-वास में रह रहे लोगों और परिवारों को टेलीफोन पर परामर्शन देने के

लिए आगे आएं। डॉ पॉल ने कहा, बदलते वायरस की प्रतिक्रिया समान रहती है।

गाइड लाइन का पालन कर इस आक्रमण से बचा जा सकता है

हमें कोविड-उपयुक्त व्यवहार अपनाने की जरूरत है, जैसे मास्क लगाना, दूरी बनाना,

स्वच्छता, गैर जरूरी मुलाकातें नहीं करना और घर में ही रहना। एक सवाल के जवाब में

उन्होंने कहा कि यह बीमारी पशुओं के जरिए नहीं फैल रही है, बल्कि इसका प्रसार मनुष्य

से मनुष्य में हो रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा

कि विदेशों से आ रही मदद की निगरानी वरिष्ठ अधिकारियों का एक समूह कर रहा है।

उन्होंने कहा, “हमारी तकनीकी इकाई ने यह देखने के लिए दिशा-निर्देश बनाए हैं कि

उपकरण किस अस्पताल के लिए उपयुक्त होंगे। उपकरण उन अस्पतालों को भेजे जा रहे

है जहां इनकी तत्काल जरूरत महसूस की गई है। अग्रवाल ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र के

11 जिलों में पिछले 14 दिनों से मामले घट रहे हैं जबकि सतारा और सोलापुर जैसे कुछ

अन्य जिलों में पिछले दो हफ्तों से मामले बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार देश भर में

सभी स्वास्थ्य सुविधाओं की क्षमता बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा

कि दूरी बनाए रखने से प्रसार पर लगाम लगायी जा सकती है। उन्होंने कोविड अनुकूल

व्यवहार का पालन करने पर जोर देते हुए कहा, ‘यह वायरस मनुष्य से मनुष्य में ही फैल

सकता है।’ नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) ने वी के पॉल ने कहा, बदलते वायरस के

प्रति प्रतिक्रिया वही है। हमें कोविड उचित व्यवहार का पालन करने की आवश्यकता है जैसे

कि मास्क लगाने, एक दूसरे से दूरी बनाये रखने, स्वच्छता बनाए रखने, कोई अनावश्यक

मुलाकात नहीं करना और घर पर रहना। बीमारी जानवरों से नहीं फैल रही है, यह मानव से

मानव संचरण है।

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