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मैंने जुबान खोली तो उन्हें जबाव देते नहीं बनेगा

  • सरकारी वेबसाइटों में दर्ज है सारा कुछ

  • आरोप लगाने वालों को भी सच्चाई पता है

  • केंद्र सरकार की तरफ छिपाने को कुछ नहीं

  • भाई बसंत के नामांकन में दुमका पहुंचे हेमंत सोरेन

राष्ट्रीय खबर

रांचीः मैंने जुबान खोली तो विरोधियों को जबाव देते नहीं बनेगा। यहां चुनाव आचार

संहिता से बंधा हूं। लेकिन यह नहीं भूलना चाहिए कि सरकार अभी भी हमारी ही है।

विरोधियों द्वारा कई मुद्दों पर वर्तमान राज्य सरकार पर आरोप लगाने के संदर्भ में

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज यह तीखी टिप्पणी की। वह अपने भाई बसंत सोरेन के

नामांकन के लिए दुमका पहुंचे थे। उनके साथ कांग्रेस की तरफ से मंत्री आलमगीर आलम

भी थे।

वीडियो में देखिये मुख्यमंत्री ने क्या कहा

आदर्श आचार संहिता का उल्लेख करते हुए श्री सोरेन ने कहा कि जो लोग आरोप लगा रहे

हैं, उन्हें खुद पता है कि सच्चाई क्या है। इसमें किसी को किसी से पूछने की जरूरत भी नहीं

है। सारा कुछ और आंकड़े सरकार की वेबसाइटों में दर्ज है। साथ ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

ने चुटकी लेते हुए कहा कि यह कोई केंद्र सरकार थोड़े है कि आंकड़ों से सच्चाई उजागर

करने वाली सारी सरकारी एजेंसियों को ही बंद कर दे। यहां सब कुछ बिल्कुल पानी की

तरफ साफ है। उन्होंने कहा अगर मैंने अपनी तरफ से आंकड़े दिखाना प्रारंभ कर दिया तो

विरोधियों को जबाव देते नहीं बनेगा। उन्होंने कहा कि हमलोगों की सरकार अपने मुंह

मियां मिट्ठू नहीं बनते, सारा विवरण सरकारी वेबसाइटों पर उपलब्ध कराया गया है।

जिनको सवाल करना है, वे पहले इन आंकड़ों को देख समझ लें फिर बात करें।

मैंने जुबान नहीं खोली है सब कुछ वेबसाइट पर

पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास के लगातार दुमका में कैंप

करने के सवाल पर उन्होंन कहा कि भाजपा के दूसरे नेता भी चुनाव में यहां आयेंगे।

उन्होंने मजाक उड़ाने के लहजे में कहा कि यह नेता यहां रहेंगे, कार्यकर्ताओं के यहां खाना

खायेंगे और चले जाएंगे। उन्होंने इसी क्रम में कहा कि यह बात सत्य है कि कोरोना की

वजह से देश में हर स्तर पर स्थिति बिगड़ी है। इस स्थिति को सुधारने की जिम्मेदारी केंद्र

सरकार की है। श्री सोरेन ने कहा कि इसके ठीक विपरीत केंद्र सरकार किसानों के खिलाफ

कानून ला रही है। हर सरकारी उपक्रम को बेच रही है। इसलिए कहीं ऐसा न हो कि पूरे देश

को ही चंद पूंजीपतियों के हाथों यह सरकार गिरवी रख दे।

शहीद की मां को अनुदान और भाई को नौकरी

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उग्रवादी हिंसा में शहीद हुए सशस्र सुरक्षा बल (एसएसबी) की

114वीं बटालियन के जवान इसरार खान की माता खैरुन्निशा को विशेष अनुग्रह अनुदान

भुगतान और आश्रित भाई मोहम्मद इरफान खान को तृतीय वर्ग के पद पर नियुक्त करने

के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। श्री सोरेन ने सोमवार को शहीद जवान की माता

खैरुन्निशा को दस लाख रुपये का विशेष अनुग्रह अनुदान और आश्रित भाई मोहम्मद

इरफान खान को तृतीय वर्ग के पद पर नियुक्त करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी।

उल्लेखनीय है कि धनबाद जिले के तिसरा थाना क्षेत्र स्थित साउथ गोलकडीह निवासी एवं

सीमा सुरक्षा बल जवान इसरार खान चार अप्रैल 2019 को छत्तीसगढ़ राज्य के कांकेर

जिला में महला नाला जंगल के निकट उग्रवादी हिंसा में शहीद हो गए थे।

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