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महाप्रलय के पहले भी एक और ब्रह्मांड थाः रोजर पेनरोज

पूर्व के साक्ष्य अब भी हमारे ब्रह्मांड में मौजूद

बिग बैंग से पहले के ब्रह्मांड की स्थिति बदली

लार्ज हैडोन कोलाइडर से आगे की सोच पर काम होगा

नोबल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक ने नये सिद्धांत को जारी किया

रांचीः महाप्रलय से पहले ही सौर मंडल था यानी इस भीषण विस्फोट से सौरजगत की

उत्पत्ति का सिद्धांत भी अब विज्ञान की कसौटी में गलत साबित हो रहा है। नोबेल

पुरस्कार विजेता रोजर पेनरोज ने कहा कि महाप्रलय हमारे ब्रह्मांड की शुरुआत नहीं थी।

उन्होंने कहा कि इससे पहले भी कुछ था और उस ब्रह्मांड के सबूत अभी भी मिल सकते हैं।

वरना इससे पहले वैज्ञानिक सिद्धांत यही कहता था कि पृथ्वी सहित समस्त सौरमंडलों की

रचना खरबों वर्ष पहले हुए इसी महाप्रलय की वजह से हुई थी। वैज्ञानिक परिभाषा में इस

महाविस्फोट को बिंग बैंग के नाम से जाना जाना है। इसी सिद्धांत के आधार पर जमीन के

अंदर लार्ज हैडोन कोलाइडर प्रयोग भी किया गया था। इस प्रयोग में सुरंग के अन्दर दो

बीम पाइपों में दो विपरीत दिशाओं से आ रही प्रोट्रॉन किरण-पुंजों (बीम) को आपस में

टक्कर कराने का उद्देश्य यह था कि इससे वही स्थिति उत्पन्न की जाय जो ब्रह्माण्ड की

उत्पत्ति के समय बिग बैंग के रूप में हुई थी। ज्ञातव्य है कि सात टीइवी ऊर्जा वाले प्रोटॉन

का वेग प्रकाश के वेग के लगभग बराबर होता है। एल एच सी की सहायता से किये जाने

वाले प्रयोगों का मुख्य उद्देश्य स्टैन्डर्ड मॉडेल की सीमाओं एवं वैधता की जाँच करना था।

इस परियोजना में विश्व के 85 से अधिक देशों नें अपना योगदान किया है। अब पहली बार

यह बताया जा रहा है कि इसी बिग बैंग के पहले से ही सौरमंडल अस्तित्व में था।

महाप्रलय से पहले के तथ्यों पर कई साक्ष्य प्रस्तुत किया

नोबल पुरस्कार विजेता ने कहा कि ब्रह्मांड महाप्रलय के साथ शुरू नहीं हुआ था। वास्तव

में एक ब्रह्मांड पहले से ही मौजूद था और महाप्रलय केवल उस ब्रह्मांड का अंत था। नोबेल

पुरस्कार विजेता रोजर पेनरोज ने कहा। उन्होंने कहा कि उस पिछले ब्रह्मांड के प्रमाण

आज भी देखे जा सकते हैं। रोजर पेनरोज़, जो वर्तमान में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से

जुड़े हैं, को ब्लैक होल के शोध के लिए मंगलवार को भौतिकी में 2020 का नोबेल पुरस्कार

दिया गया। अपने उद्धरण में, रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंस ने कहा कि रोजर

पेनरोज़ को भौतिकी में नोबेल पुरस्कार दिया गया था “इस खोज के लिए कि ब्लैक होल

का गठन सापेक्षता के सामान्य सिद्धांत का एक मजबूत पूर्वानुमान है”। नोबेल पुरस्कार

जीतने के बाद द टेलीग्राफ (यूके) से बात करते हुए, रोजर पेनरोज़ ने कहा कि महाप्रलय

“शुरुआत नहीं” था। महाप्रलय से पहले कुछ था और हमारे भविष्य में ऐसा ही कुछ होगा।

उन्होंने कहा, “हमारे पास एक ब्रह्मांड है जो फैलता है और फैलता है, और सभी द्रव्यमान

दूर हो जाते हैं, और मेरे इस पागल सिद्धांत में, यह दूरस्थ भविष्य एक अन्य कल्प का

महाप्रलय बन जाता है।” रोजर पेनरोज़ के अनुसार, महाप्रलय वास्तव में “कुछ के साथ

शुरू हुआ, जो कि पिछले एयॉन का दूरस्थ भविष्य था”। हॉकिंग वाष्पीकरण के माध्यम से

समान ब्लैक होल वाष्पित हो रहे होंगे, और वे आकाश में इन बिंदुओं का उत्पादन करेंगे,

जिसे मैं हॉकिंग पॉइंट्स कहता हूं। हम उन्हें देख रहे हैं। ये बिंदु चंद्रमा के व्यास के लगभग

आठ गुना हैं और थोड़ा सा हैं। उन्होंने कहा कि कम से कम छह बिंदुओं के लिए बहुत अच्छे

सबूत हैं।

क्यों उन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया

रोजर पेनरोज़ ने अपने काम के लिए भौतिकी में नोबेल पुरस्कार जीता जिसमें दिखाया

गया था कि सापेक्षता के सामान्य सिद्धांत से ब्लैक होल का निर्माण होता है। एकेडमी ने

अपने शोध को विस्तार से बताते हुए कहा कि रोजर पेनरोज ने अपने प्रमाण में सरल

गणितीय तरीकों का इस्तेमाल किया है कि ब्लैक होल अल्बर्ट आइंस्टीन के सापेक्षता के

सामान्य सिद्धांत का प्रत्यक्ष परिणाम हैं। खुद आइंस्टीन को विश्वास नहीं था कि ब्लैक

होल वास्तव में मौजूद हैं। हालांकि, जनवरी 1965 में, आइंस्टीन की मृत्यु के दस साल

बाद, रोजर पेनरोज़ ने साबित किया कि ब्लैक होल वास्तव में बन सकते हैं और उन्हें

विस्तार से वर्णित कर सकते हैं; उनके दिल में, ब्लैक होल एक विलक्षणता को छिपाते हैं

जिसमें प्रकृति के सभी ज्ञात नियम समाप्त हो जाते हैं। अकादमी ने अपने बयान में कहा,

उनका जमीनी लेख अभी भी आइंस्टीन के बाद से सापेक्षता के सामान्य सिद्धांत में सबसे

महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है। इसलिए हमारी पृथ्वी और अन्य ग्रहों के अलावा

सौरमंडल कैसे बने इस पर आगे और बहस जारी रहेगी क्योंकि अगर महाप्रलय में यह नहीं

बना था तो फिर कैसे बना था, यह एक स्वाभाविक प्रश्न है।


 

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