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उइगर मुसलमानों को प्रताड़ित करने वालों में कई मानसिक रोगी है

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चीन के भागे हुए जासूस ने पहली बार किया खुलासा

वाशिंगटनः उइगर मुसलमानों को बेवजह प्रताड़ित करने में कई ऐसे पुलिस वाले हैं जो वाकई




मानसिक तौर पर बीमार है। इनलोगों को शायद लोगों को कष्ट देने में मजा आता है। चीनी से भागे

हुए एक जासूस ने पहली बार सीएनएन के सामने इसका खुलासा किया है। याद रहे कि कुछ समय

पूर्व ही दुबई में भी चीन द्वारा एक गुप्त जेल बनाने की खबर सामने आयी थी। उस जेल में भी खास

तौर पर उइगर मुसलमानों को ही प्रताड़ित किया जाने की सूचना मिली थी। चीन के पश्चिमी इलाके

में उइगर मुसलमानों की आबादी रहती है। वहां के मुसलमानों के उत्पीड़न से अच्छी तरह वाकिफ

होने के बाद भी पड़ोसी देश पाकिस्तान और अब तालिबान शासित अफगानिस्तान भी कुछ नहीं कह

पा रहा है। अब चीन से किसी तरह भागकर निकले चीन के ही एक जासूस ने वहां के उत्पीड़न की जो

कहानी बयां की है, वह लोगों के रोंगटे खड़े कर देने वाली है। उनसे टीवी चैनल पर कहा कि सैकड़ों की

संख्या में चीनी पुलिस के हथियारबंद अधिकारी रात के अंधेरे में उइगर समुदाय के इलाकों में पहुंचते

हैं। उनके घरों से लोगों को खींचकर निकाला जाता है। वहां से पकड़कर उन्हें उन जेलों में लाया जाता




है, जिन्हे जेल कम और यातना शिविर अधिक माना जा सकता है। इस चीन के पूर्व जासूस ने दावा

किया कि कई अभियानों में वह खुद भी शामिल रहा है क्योंकि ऊपर से ऐसा ही आदेश आया था।

उइगर मुसलमानों के इलाकों में रात को होता है धावा

रात के अंधेरे में इनलोगों को विरोध करने पर गोली मारा देने की धमकी दी जाती है। कई अवसरों

पर प्रतिरोध करने वालों को गोली से मारा भी गया है। चीन में रहने वाले अपने परिवार की सुरक्षा के

लिए इस जासूस ने अपनी पहचान जाहिर नहीं की है लेकिन उसने इलाके और घटनाक्रमों का सही

सही विवरण दिया है। दुनिया के प्रमुख टीवी नेटवर्क सीएनएन पर तीन घंटे के साक्षातकार में वह

चेहरा छिपाकर ही बैठा था। उसने कहा कि इस किस्म की यातना देने में कुछ वैसे पुलिस

अधिकारियों को उसने देखा है, जिन्हें उइगर मुसलमानों को कष्ट देने में मजा आता है। पकड़े गये

लोगों को तब तक यातना दी जाती है जब तक कि वे यह स्वीकार न कर लें कि वे आतंकवादी है। एक

बार खुद को आतंकवादी स्वीकार कर लेने के बाद उनके खिलाफ दूसरे मामले दर्ज होते हैं। फिर ऐसे

बंदी बनाये गये लोगों को जिंदा बाहर निकल पाना कठिन हो जाता है।



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