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मॉनसून डिस्टेंस साइकिलिंग चैलेंज में प्रतिभागियों ने दिखाया दम

  • अजीत ने तय की 1695 किमी की दूरी

  • 72 साल के आरपी शाही ने भी पूरा किया लेवल

  • इसमें महिला प्रतिभागियों का भी रहा उम्दा प्रदर्शन

संवाददाता

रांचीः मॉनसून डिस्टेंग की साइकिलिंग अभियान को जबर्दस्त रिस्पांस मिला है। रांची के

साइकिल मेयर कनिष्क पोद्दार के नेतृत्व में रांची के विभिन्न साइकलिंग क्लबों के बीच

मॉनसून डिस्टेन्स चैलेंज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें रांची साइक्लिंग

क्लब, साइकिल दोस्त, पेडल पॉवर्स और एनसाइक्लपीडिया क्लब से जुड़े कई प्रतिभागियों

ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में चैलेंज को तीन वर्ग में बंटा गया था। लेवल एक में 250

किलोमीटर, लेवल दो में 500 किलोमीटर और लेवल तीन में 750 किलोमीटर की दूरी 15

दिनों में तय करनी थी। चैलेंज में प्रतिभागियों को उनकी फिटनेस के आधार पर अपना

लेवल स्वयं चुनने का विकल्प दिया गया था। चैलेंज में कुल 81 साइकिल चालकों ने

हिस्सा लिया। इसमें से 50 साइकिल चालकों ने 250 किलोमीटर, 22 साइकिल चालकों ने

500 किलोमीटर और 9 साइकिल चालकों ने 750 किलोमीटर लेवल में भाग लिया था।

सभी ने मिलकर कुल 30250 किलोमीटर साईकिल चलाई। चैलेंज में सबसे उम्रदराज 72

वर्षीय युवा प्रतिभागी आरपी शाही ने अपने जुझारू प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया।

उन्होंने निर्धारित 15 दिन में 286 किलोमीटर का सफर तय किया। उनकी सबसे लंबी

सवारी 35 किलोमीटर की थी, जो उन्होंने रिंग रोड, बेलसरींग में ब्लू पॉन्ड तक साईकिल

चलाकर पूरी की। इस चैलेंज में महिला प्रतिभागी आकांक्षा भगत, कनिका मल्होत्रा, दिव्या

मल्होत्रा और पूजा बायनाई में भी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई। आकांक्षा भगत ने 12 वें

दिन ही चुनौती पूरी कर लिया। उनकी सबसे लंबी सवारी 46 किलोमीटर की रही। जिसमें

वह गंगा घाट, रांची तक जाकर वापस क़लौटती थीं। चैलेंज में अजीत कुमार सिंह ने 15

दिनों में 1695 किलोमीटर की दूरी तय की। इसी तरह जी हरिहरन ने एक दिन में

अधिकतम 211 किलोमीटर और अरिन्दम विश्वास एक दिन में 204 किलोमीटर की दूरी

तय कर सबका ध्यान खींचा।

मॉनसून डिस्टेंग में कई ने लोगों का ध्यान खींचा

चैलेंज में शामिल 81 प्रतिभागियों में से 47 प्रतिभागियों ने अपने लेवल की चुनौती पूरी की

सभी को रांची, झारखंड के साइकिल मेयर, कनिष्क पोद्दार ने प्रमाण पत्र देकर पुरस्कृत

किया। इस अवसर पर कनिष्क पोद्दार ने कहा कि इस चैलेंज के आयोजन का उद्द्देश्य था

लॉकडाउन के दौरान लोगों को साइकिल चलाने के लिए प्रेरित करना। साइकिल की सवारी

को नियमित जीवन में भी अपनाने की जरूरत है। यह स्वस्थ जीवनशैली के लिए एक

महत्वपूर्ण कारक साबित हो सकता है। इस आयोजन को देखकर अन्य लोगों में भी

साईकिल चलाने की इच्छा को मजबूती मिली है।

चैलेंज से बढ़ा साईकिल का क्रेज

मॉनसून चैलेंज ने लोगों के बीच साइकिल का रोमांच बढ़ा दिया है। रांची में दो नए

साइकिलिंग क्लबपेडल पॉवर्स और एनसाइक्लपीडिया का गठन हुआ है। विगत दो महीने

में रांची साइक्लिंग क्लब से 100 नए प्रतिभागी जुड़े हैं। इतना ही नहीं, रांची शहर में

साइकिल स्टोर पर पूछताछ और नई साईकिल की बिक्री में भी तेजी आई है। इससे पता

चलता है कि साइकिलिंग के फायदे को सभी लोग जानते हैं। फिर भी साईकिल से दूरी बनी

हुई है। साइकिलिंग को अपनाने के लिए बस उन्हें प्रेरित करने की जरूरत है।


 

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