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मरणासन्न हालत में लाया गया तेंदुआ स्वस्थ्य होकर वापस जंगल पहुंचा

भोपालः मरणासन्न हालत में पाया गया एक तेंदुआ भोपाल स्थित वन विहार राष्ट्रीय

उद्यान के अधिकारियों और कर्मचारियों के अथक प्रयास से आज पूर्णरूपेण स्वस्थ्य हो

गया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार डॉ. अतुल गुप्ता और सहयोगी दल द्वारा

तेंदुए को बचाने के लिये दिन-रात किये गये अथक प्रयासों के फलस्वरूप आज 4 महीने

बाद तेंदुए को स्वस्थ्य एवं सुरक्षित हालत में रातापानी अभयारण्य में सुबह सुरक्षित छोड़

दिया गया। यह तेंदुआ गीदगढ़ में तारों में बुरी तरह फंस गया था। लाते समय इसकी

हालत अत्यंत गंभीर थी। छाती एवं पेट पर चारों ओर पूरी गोलाई में कंधे के नीचे काफी

गहरे घाव थे, जो कि फेंसिग वायर के कसे होने के कारण काफी गहरे हो गये थे। तेंदुए

द्वारा तारों में फंस जाने पर निकलने के पुरजोर प्रयास के कारण घाव और ज्यादा गंभीर

होते चले गए। डॉ. अतुल गुप्ता के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम इसे लेकर आधी रात में भोपाल

वन विहार पहुंची और तत्काल चिकित्सा आरंभ की गयी। तेंदुए को वन-विहार के

वन्यप्राणी चिकित्सालय के इंडोर वार्ड में रखा जाकर सीसीटीवी के माध्यम से 24 घंटे

निगरानी की गई।

मरणासन्न तेंदुआ ने 13 दिन तक कुछ नहीं खाया था

घाव इतने गंभीर थे कि तेंदुए ने शुरू के 13 दिन तक कुछ भी नहीं खाया। डॉ. गुप्ता ने

सेलाईन और पानी के दम पर उसे जीवित रखा। इतनी कठिन परिस्थिति में भी उसको 2

बार बेहोश कर सर्जरी करनी पड़ी। सतत् उपचार और गहन देख-भाल के परिणाम स्वरूप

धीरे-धीरे यह तेंदुआ बिल्कुल स्वस्थ्य हो गया। धीरे धीरे लगातार प्रयास से उसकी स्थिति

में सुधार होने की वजह से वह पहले अपने से खाने लगा। शरीर में ताकत बनने से दवाइयों

का असर भी उसपर होने लगा। इस वजह से उसके सारे घाव भी पूरी तरह भर गये। हर

तरीके से जांच कर इत्मिनान हो लेने के बाद ही बचाव दल के सदस्यों ने उसे दोबारा जंगल

में सुरक्षित छोड़ दिया।


 

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