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झारखंड में बढ़ा आत्महत्या का ग्राफ, 72 घंटे में 7 लोगों ने दी जान

  • झारखंड के विभिन्न जिले बने इन मौतों के गवाह
  • 9 अप्रैल को 1 मौत हुई, 10 को 2 और 11 को 4 मौते हुई

रांची : झारखंड में आत्महत्या के ग्राफ में अचानक से काफी इजाफ़ा हुआ है। जहां कोरोना

वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन है। इसी दौरान झारखंड में

पिछले 72 घंटे के दौरान राज्य के अलग-अलग जिले में सात लोगों ने आत्महत्या की है।

आत्महत्या की घटनाओं के पीछे अवसाद, पारिवारिक कलह, नशे की लत, प्रेम प्रसंग जैसे

कारण बताये जा रहे हैं। आजकल हो रहे आत्महत्या पर गौर करें तो युवा वर्ग के लड़के

और लड़कियों में आत्महत्या की प्रवृत्ति बढ़ी है। सुसाइड के ग्राफ में युवाओं की संख्या

दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। इस तरह की घटनाओं के पीछे की ज्यादातर वजह पारिवारिक

कलह अथवा मानसिक तनाव ही मानी जा रही है। साथ ही कई बार प्रेम प्रसंग का मामला

भी सामने आता है। एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, 27.6 फीसदी आत्महत्या के पीछे

का कारण पारिवारिक समस्या है। देश में कुल आत्महत्या में करीब 27.6 फीसदी का

कारण पारिवारिक कलह बताया जा रहा है। वहीं करीब 26 फीसदी लोग कई अन्य कारणों

से अपनी जान गवां देते हैं। बता दें कि आत्महत्या आपराधिक मामले में मानी जाती है।

झारखंड में 9 से 11 अप्रैल को हुई मौते

झारखंड में 9 अप्रैल से 11 अप्रैल तक आत्महत्या से कुल मौतों का आंकड़ा 7 है जिसमें

सिर्फ 11 को ही 4 मौते हुई है। बता दें कि 11 अप्रैल को रामगढ़ जिले के बरकाकाना क्षेत्र के

नयानगर सीसीएल कॉलोनी में रहने वाली एक विवाहिता ने कुएं में कूदकर आत्महत्या

कर ली। तो 11 अप्रैल को ही कोडरमा थाना क्षेत्र के बिजली कॉलोनी में रहने वाली चाइल्ड

लाइन की डिस्ट्रिक्ट कोओर्डिनेटर सोनी कुमारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वहीं

उसी तारीख को जमशेदपुर के परसुडीह थाना क्षेत्र जानीगोडा निवासी जिलिंग भेंगरा ने घर

की बाथरूम में लगी लोहे की कड़ी के सहारे फांसी लगाकर खुदकशी कर ली। और 11 को ही

जमशेदपुर में नाबालिग लड़की ने फंखे से लटक कर खुकदशी कर ली थी। यह घटना

घाटशिला थाना इलाके के खरस्वती गांव में हुई। उसी तरह 10 अप्रैल को भी मौते

आत्महत्या से हुई, जिसमें लोहरदगा जिले के कुडू बाजार टांड के रहने वाले एक युवक ने

फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली और दूसरा लोहरदगा जिले के सेन्हा प्रखंड मुख्यालय के

रहने वाले युवक ने आग लगाकर आत्महत्या कर ली थी। हालांकि 9 अप्रैल सिर्फ एक ही

मौत हुई जो काफी चर्चे में भी रहा था, जहां चाईबासा पुलिस लाइन में पदस्थापित जवान

गुमला निवासी लक्ष्मण उरांव ने बिजली पोल से कूद कर अपनी जान दे दी थी।

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