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धन्यवाद गूगल हमारे प्रयास को सम्मान देने के लिए




धन्यवाद तो हमलोग अपने संपादकीय में कई बार कई नेताओं और सरकारों को देते हैं।

यह धन्यवाद उनके द्वारा लिये गये नीतिगत फैसलों अथवा निर्णयों के लिए दिया जाता

है। आज भी हेमंत सोरेन सरकार को मुख्य संपादकीय में इसी बात के लिए धन्यवाद दिया

गया है कि उन्होंने सात लाख किसानों का कर्ज माफ करने का एक फैसला लिया है,

जिसके दूरगामी परिणाम होंगे। लेकिन धन्यवाद गूगल को इसलिए कहना पड़ रहा है कि

कोरोना संकट के दौरान जब मीडिया किसी तरह खुद को जीवित रखने के लिए संघर्ष कर

रही थी, उन प्रयासों के बीच गूगल ने राष्ट्रीय खबर की गुणवत्ता और कार्य को सराहा।

गूगल ने जर्नलिस्ट्स रिलीफ फंड की तरफ से राष्ट्रीय खबर को इस संकट के संघर्ष की

वजह से राहत देने के लायक समझा है। यह राष्ट्रीय खबर के लिए गौरव का विषय है कि

दुनिया भर के मीडिया संस्थानों में से इस राहत के लिए चुना गया झारखंड का अकेला

मीडिया संस्थान राष्ट्रीय खबर ही है।

बताते चलें कि गूगल न्यूज इनिशियेटिव जर्नलिज्म ईमर्जेंसी रिलीफ फंड के लिए दुनिया

भर से मात्र 12 हजार आवेदनों को ही चुना गया था। पूरी दुनिया के एक सौ देशों के हजारों

मीडिया संस्थानों में से एक चुना जाना भी राष्ट्रीय खबर के लिए निश्चित तौर पर गौरव

का विषय है। अपने प्रथम चरण की राहत के तहत गूगल ने यह धन राष्ट्रीय खबर को

उपलब्ध कराया है। इसके लिए ही धन्यवाद गूगल।

धन्यवाद का अधिक महत्व कोरोना संकट की वजह से

इस राहत का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि इस दौरान संकट के दौर से गुजरते

सभी मीडिया संस्थानों ने राज्य और केंद्र सरकारों से भी राहत की मांग की थी। कोरोना

संकट और लॉकडाउन की परेशानियों की वजह से भारत के कई राज्यों में अनेक संस्थानों

को काफी समय तक अपना प्रकाशन भी बंद करना पड़ा था। इसी बात को जानते हुए

डीएवीपी, आरएनआई और पीआईबी ने भी अपने नियमों और प्रावधानों में छूट दी थी

ताकि मीडिया संस्थानों में आयी इस विपदा के बाद उन्हें संभलने का मौका मिल सके।

लेकिन राष्ट्रीय खबर को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर राहत के लिए चुना जाना हमारे लिए हमारी

ईमानदारी से की गयी मेहनत का नतीजा नजर आता है।

जब देश के भीतर सरकारी स्तर पर कोई मदद और राहत नहीं मिली, उस संकट के दौर के

बीच दुनिया की सबसे लोकप्रिय सर्च इंजन बनाने वाली कंपनी गूगल ने पत्रकारों के इस

दर्द और चुनौती को समझा और उनकी मदद की, उन सभी संस्थानों की तरफ से भी

धन्यवाद गूगल।

अपनी राहत के लिए राष्ट्रीय खबर का चयन करने के दौरान ही गूगल की तरफ से

गोपनीयता की कई शर्तों पर सहमति ली गयी थी। इसलिए हम उसका विस्तृत उल्लेख

नहीं कर रहे हैं। लेकिन गूगल से मिली छूट के आधार पर हम इतना अवश्य कह सकते हैं

कि देश से कुल 227 नाम इस सूची में हैं, जिनमें से अधिकांश मीडिया घरानों की अलग

अलग कंपनियां भी हैं। झारखंड से सक्रिय संस्थान में राष्ट्रीय खबर का उल्लेख इसमें

159वें नंबर पर है। वैसे गूगल से मिले निर्देशों के मुताबिक खुद गूगल की तरफ से भी

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उनकी सुविधा के मुताबिक इस सूची और चयन के प्रावधानों का

शायद भविष्य में खुलासा कर दिया जाएगा।



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