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टेरर फंडिंग का मामले में गिरफ्तारी पर लगी अदालती रोक

  • हाई कोर्ट में गिरफ्तारी वारंट निरस्त करने पर सुनवाई

  • 14 आरोपियों के खिलाफ दाखिल की जा चुकी है चार्जशीट

  • महेश अग्रवाल और सोनू अग्रवाल को मिली बड़ी राहत

  • नौ आरोपियों के खिलाफ तय हो चुके हैं आरोप

रांची : टेरर फंडिंग मामले में आधुनिक पावर के एमडी महेश अग्रवाल

और ट्रांसपोर्टर सोनू अग्रवाल को हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट

ने एनआइए कोर्ट द्वारा जारी किये गये गिरफ्तारी वारंट को निरस्त

करने को लेकर दायर की गयी याचिका पर सोमवार को सुनवाई करते

हुए महेश अग्रवाल और सोनू अग्रवाल गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगा

दी है। बता दें कि टेरर फंडिंग मामले में 14 आरोपियों के खिलाफ

चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। इनमें से नौ आरोपियों के खिलाफ

आरोप भी तय कर दिये गये हैं। बता दें कि बीते 4 फरवरी को टेरर

फंडिंग मामले में एनआइए की विशेष अदालत ने आरोपित आधुनिक

पावर के एमडी महेश अग्रवाल की याचिका खारिज कर दी थी।

एनआइए की विशेष अदालत ने महेश अग्रवाल सहित पांच लोगों के

खिलाफ के बीते 17 जनवरी को गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। महेश

अग्रवाल की ओर से वारंट खारिज करने के लिए अदालत में याचिका

दाखिल की गई थी। चतरा के टंडवा स्थित मगध-आम्रपाली कोल

परियोजना से टेरर फंडिंग मामले में एनआइए ने 18 जनवरी 2020 को

आधुनिक कॉरपोरेशन लिमिटेड के एमडी महेश अग्रवाल, वीकेवी

कंपनी के विनीत अग्रवाल व सोनू अग्रवाल, व्यवसायी सुदेश केडिया

और ट्रांसपोर्टर अजय उर्फ अजय सिंह के खिलाफ पूरक चार्जशीट

दाखिल की थी। दाखिल पूरक चार्जशीट पर एनआइए के विशेष

न्यायाधीश नवनीत कुमार की अदालत ने संज्ञान लिया था।

एनआइए ने अग्रवाल बंधुओं के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी प्राप्त कर

लिया था। पूरक चार्जशीट के दो आरोपी अजय एवं सुदेश केडिया को

एनआइए ने 10 जनवरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अदालत

ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 18 फरवरी निर्धारित की है।

टेरर फंडिंग मामले में इनके खिलाफ दायर है केस

आधुनिक पावर के महाप्रबंधक संजय कुमार जैन, ट्रांसपोर्टर सुधांशु

रंजन उर्फ छोटू सिंह, सुभान खान, विदेश्वर गंझू उर्फ बिंदु गंझू, प्रदीप

राम, विनोद गंझू, अजय सिंह भोक्ता समेत नौ आरोपी मुकदमे का

सामना कर रहे हैं। गौरतलब है कि सीसीएल, पुलिस, उग्रवादी और

शांति समिति के बीच समन्वय बैठाने की आड़ में मोटी रकम लेवी के

रूप में वसूली जाती थी। एनआइए ने टंडवा थाने में दर्ज प्राथमिकी

(कांड संख्या 22/18) को टेकओवर करते हुए कांड संख्या 3/2018

दर्ज किया है

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