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दस वर्षीय बालिका के करतबों से पल रहा है बिलासपुर क्षेत्र का परिवार




रायसेन: दस वर्षीय एक बालिका छत्तीसगढ़ के बिलासपुर क्षेत्र की मध्यप्रदेश के रायसेन जिले के

आदिवासी बहुल क्षेत्र सिलवानी में अपनी कला का प्रदर्शन कर अपने स्वयं और परिवार की दो वक्त की रोटियों के लिए संघर्ष करती हुयी नजर आती है।

पैरों में थाली फसाए और सिर पर कलश रखकर यह बालिका जब अपने पंजों के सहारे पतली रस्सी पर चलकर रोमांचक करतब दिखाती है

तो लोग दांतों तले उंगलियां दबाने मजबूर हो जाते हैं, लेकिन शायद करतब देखने वालों को

दस वर्षीय एक बालिका का दफन होता हुआ बचपन और उसकी मजबूरियां नजर नहीं आती है।

करतब दिखाने के बाद बालिका लोगों के सामने पात्र रखकर कुछ पाने का जतन करती है

और कुछ लोगों का यदि हृदय पसीज जाए तो वे कुछ पैसे पात्र में डाल देते हैं।

इस तरह बालिका अपने और अपने परिजनों के पालन पोषण में लगी है

और उसके परिजन उसका साथ देते हैं। पिछले लगभग एक माह से

परिवार सिलवानी क्षेत्र में करतब दिखा रहा है।

दस साल की बालिका नीता नट के करतब आम जनता, समाजसेवी, नेता और प्रशासन की नाक के नीचे

सड़क चलते लोग रुककर देखते तो हैं, लेकिन सार्थक मदद की तरफ कोई हाथ बढ़ाने की नहीं सोचता।

मूलत: बिलासपुर की रहने वाली नीता के पिता बसंत नट बीते लगभग एक माह से नगर में विभिन्न स्थानों पर करतब दिखा रहे हैं।

बालिका रस्सी पर चढ़कर सिर पर कलश रखकर पहिया, लाठी और थाली के साथ

सधे हुए कदमों से करीब 50 Ÿफीट रस्सी पर करतब दिखाती है।

बालिका के भाई शिवप्रसाद ने बताया कि करतब दिखाने से मिले पैसों से

उसके परिवार का पालन पोषण होता है। प्रदेश के अनेक शहरों में वे इन करतबों का प्रदर्शन कर चुके हैं।

शिवप्रसाद को दुख है कि उसके परिवार को अभी तक मध्यप्रदेश या छत्तीसगढ़ सरकार से

किसी भी प्रकार की कोई आर्थिक सहायता नहीं मिली है और ना ही किसी योजना का लाभ ही मिल सका है।

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