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लकड़ी के अस्थायी पुल चचरी के सहारे रेंग रही जिन्दगी

  • जान जोखिम में डाल कर करते हैं लोग करते हैं आना जाना

  • दर्जनों गांव को जिला व प्रखंड मुख्यालय से जोडने का सुगम राह

  • डिप्टी सीएम व प्रदेश अध्यक्ष की पहल पर टिकी सबकी निगाहें

साठी, बेतिया : लकड़ी के अस्थायी पुल से ही आना जाना हो रहा है। पहले दो-चार नाविक

थे, वही इन गावों के नैया को पार लगाते थे। अब न नाव है न नाविक है। लकड़ी का

अस्थायी पुल, जिसे स्थानीय तौर पर चचरी पुल कहते हैं, ही दर्जनों गावों का एक मात्र

सहारा है। यह हाल है पश्चिम चम्पारण जिले के लौरिया प्रखंड अवस्थित साठी कोठी व

शनिचरी कोठी को जोडने वाला ऐतिहासिक परसा मार्ग का जो दर्जनों गावों को प्रखड व

जिला मुख्यालय से जोडता है। यह सडक सिकरहना नदी जवाहीर पुर घाट से होकर

गुजरती है। विवशता यह है की लोग जान जोखिम मे डाल कर नदी पार करते है इस क्रम

मे दर्जनो लोग अपनी जान गवां बैठे है। इस लकड़ी के अस्थायी पुल से जुडे रामप्रसौना

गाव निवासी झुलन चौधरी सिपाही चौधरी, विरता टोला निवासी लालबहादुर साह, धोबनी

निवासी फारूक आलम, नौशाद आलम,दनियाल प्रसौना के,विजय प्रताप रामबाबू

कुशवाहा सिंह, निप्पु शुक्ला,मुशहरी के अदालत हाजरा,श्रीमननारायण तिवारी, भुषण

मिश्रा गोनाही के रामबावु कुशवाहा,खजुरिया के कंचन साह ,बहुअरवा के राधेशयाम

प्रसाद, बबलु दुबे,सोनु दुबे आदि की माने तो सूबे मे नई सरकार का गठन हो गया है। खुशी

इस बात का है की डिप्टी सीएम व सतारूढ दल के प्रदेश अध्यक्ष इसी जिले के है।

लकड़ी के अस्थायी पुल के बदले स्थायी पुल की पुरानी मांग

राज्य सभा सदस्य व जदयू के एमपी के अलावा स्थानीय विधायक सरकार मे शामिल है।

सरकार की ओर से नित्यदिन पुल पुलिया व सडकों का शिलान्यास व अधारशीला रखा जा

रहा है। वावजूद इसके मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री सेतु योजना मे यह पुल वंचित है। इलाके के

लोगो मे उम्मीद की किरण अभी भी बरकरार है। लोगो की आशा डिप्टी सीएम व प्रदेश

अध्यक्ष की पहल पर टिकी हुई है। विगत एक दशक मे करीब आधा दर्जन लोगो ने

जवाहीरपुर घाट के समीप सिकरहना नदी पार करने के क्रम अपनी जान गवां दी है इनमे

दनियालप्रसौना के हरसेवक महतो,रामप्रसौना के भुटेली यादव,सुरेश साह,फरजान

आलम,जगभरण दास, शम्भु मुखिया आदि का नाम शामिल है।

जवाहिरपुर पुल व शनिचरी परसा सड़क को लेकर इस क्षेत्र के लोगों ने समय-समय पर

आवाज उठाने का काम किया है लोग वोट बहिष्कार से लेकर सड़क जाम तक करने का

कदम उठाया है हर बार जनप्रतिनिधि पदाधिकारियों ने लोगो को दिलासा देकर शांत कर

दिया तंग आकर हजारो लोगो ने 17 सितंबर 2019 को बेतिया नरकटियागंज मुख्य मार्ग

को जाम कर दिया जिसमे 35 लोगो को नामजद और सैकडो अय्गात लोगो पर मुकदमा

कर दिया गया। इस बार में राज्यसभा सांसद सतीश चंद्र दूबे कहते हैं कि साठी-शनिचरी

परसा रोड व जवाहीरपुर सिकरहना नदी मे पुल का प्रस्ताव दिया गया है तकनीकी प्रक्रिया

पूरा करने का प्रयास जारी है।

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