माइंड रीडिंग तकनीक से सोचते ही टाइप होने लगे शब्द, फेसबुक की क्रांतिकारी परियोजना

कैलीफोर्निया के सैन जोस में चल रही सालाना एफ-8 डेवलपर्स कांफ्रेंस में फेसबुक ने साझा की यह परियोजना

Spread the love

फेसबुक एक क्रांतिकारी परियोजना पर काम कर रही है। बिल्डिंग 8 प्रोजेक्ट के जरिए यह कंपनी माइंड रीडिंग तकनीक विकसित करने में लगी है। इसके जरिए भविष्य में हाथों से टाइप करने की जहमत नहीं उठानी होगी। बस जो लिखना है उसे दिमाग में सोचना भर काफी होगा।
शब्द स्मार्टफोन और कंप्यूटर स्क्रीन पर अपने आप लिख जाएंगे। परियोजना की बागडोर अमेरिकी सेना के रिसर्च विंग, डिफेंस एंडवास्ड रिसर्च प्रोजेक्ट्स एजेंसी (डारपा) की पूर्व प्रमुख रेजिना ड्यूगन के हाथ में है। कैलीफोर्निया के सैन जोस में चल रही सालाना एफ-8 डेवलपर्स कांफ्रेंस में फेसबुक ने यह परियोजना साझा की है।कंपनी ने प्रोजेक्ट के लिए 60 इंजीनियरों की टीम बनाई है। यह टीम ब्रेन कंप्यूटर इंटरफेस विकसित कर रही है। इस तकनीक में इंसान के दिमाग को स्कैन करने के लिए ऑप्टिकल इमेजिंग का सहारा लिया जाएगा। इसके लिए यूजर्स को एक कैपनुमा स्कैनर सिर पर पहनना पड़ेगा।कंपनी का दावा है कि माइंड रीडिंग तकनीक की बदौलत यूजर अपने डिवाइस में एक मिनट में सौ शब्द लिख पाएंगे। टाइप करने की तुलना में यह रफ्तार पांच गुना ज्यादा है।
स्किन से मिलेंगे संदेश
यह एक दूसरा प्रोजेक्ट है। इसके तहत टीम एक ऐसा सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर विकसित कर रही है जिसके जरिए इंसान की स्किन वाइब्रेशन से संदेशों को पढ़ा जा सकेगा। इसके लिए रिस्ट वॉच जैसा उपकरण विकसित किया जाएगा। इससे बधिर लोगों को संवाद करने में आसानी होगी।

You might also like More from author

Comments are closed.

Optimization WordPress Plugins & Solutions by W3 EDGE