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शिक्षकों ने राजधानी लखनऊ में आयोजन की उम्मीद नहीं छोड़ी

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शिक्षकों ने राजधानी लखनऊ में आयोजन की उम्मीद नहीं छोड़ी है सम्मान पाने की

उम्मीद नहीं छोड़ी है शिक्षकों ने अमरोहा, वर्ष 2019 के लिए चयनित राज्य अध्यापक

पुरस्कार प्राप्त उत्तर प्रदेश के 73  पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के निधन के कारण पिछले

साल पांच सितंबर को शिक्षक दिवस ना होने की स्थिति में इस बार शिक्षक प्रदेश सरकार

से उम्मीद लगाए हुए हैं। शिक्षक नेता यशपाल सह ने बताया कि मुख्यमंत्री और राज्यपाल

के हाथों राज्य अध्यापक पुरस्कार प्राप्त करने की आशा लिए शिक्षकों के चेहरों पर गहरी

मायूसी छाई हुई है। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार द्वारा प्रतिवर्ष उत्कृष्ट कार्य के लिए

शिक्षकों का राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए चयन किया जाता है।लेकिन पूर्व राष्ट्रपति

प्रणवमुखर्जी के निधन के कारण राष्ट्रीय शोक के चलते शिक्षक दिवस के कार्यक्रम

स्थगित करदिया गया था।

शिक्षकों का लंबी प्रक्रिया के पश्चात राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए चयन

शिक्षकों का लंबी प्रक्रिया के पश्चात राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए चयन किया गया

था।इस कड़ी में वर्ष 2019 के लिए प्रदेश भर से 73  गत वर्ष दो सितंबर को राज्य अध्यापक

पुरस्कार की सूची भी प्रदेश शासन द्वारा जारी कर दी गई थी, लेकिन पूर्व राष्ट्रपति प्रणव

मुखर्जी के निधन के कारण राष्ट्रीय शोक के चलते शिक्षक दिवस के कार्यक्रम स्थगित कर

दिया गया था। उसके पश्चात एक साल तक कोई कार्यक्रम इन राज्य अध्यापक पुरस्कार

के लिए चयनित शिक्षकों के लिए प्रदेश शासन द्वारा समारोह आयोजित नहीं किया गया।

जबकि हरियाणा दिल्ली व राजस्थान आदि प्रदेशों में बाद में कार्यक्रम आयोजित कर वहां

के राज्य अध्यापक पुरस्कार शिक्षकों को सम्मानित किया जा चुका है। अब आगामी पांच

सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रदेश के 73 राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए

चयनित शिक्षकों को उम्मीद जगी है कि इस बार उन्हें पूर्व की भांति परंपरागत ढंग से

राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री व राज्यपाल के हाथों राज्य अध्यापक पुरस्कार प्राप्त हो

सकता है।



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