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टाटा स्टील ट्राइवल कनक्लेब 15 नवंबर से जमशेदपुर में

  • आदिवासियत को जीवित रखने का क्रम छठे वर्ष में
  • पहले हो चुके हैं क्षेत्रीय सम्मेलन आयोजित
  • सांस्कृतिक आदान प्रदान का मंच है यह
  • पूरी दुनिया में हो रहे हैं ऐसे आयोजन
संवाददाता

रांचीः टाटा स्टील देश के औद्योगिक जगत का एक जाना माना नाम है।

इस ख्याति के अलावा भी यह कंपनी अपने सामाजिक दायित्व और

सामाजिक गतिविधियों की वजह से अलग पहचान रखती है। 

देश की अग्रणी कंपनी टाटा स्टील अपनी परंपरा का निर्वाह करते हुए

ट्राइवल कनक्लेव का आयोजन इस बार भी करने जा रही है। आदिवासी

संस्कृति के निर्वहन और पालन की दिशा में टाटा स्टील के आयोजन का

यह छठा वर्ष है। जमशेदपुर के गोपाल मैदान में यह समारोह 15 से 19

नवंबर तक आयोजित किया जाएगा।

इस मुख्य आयोजन के पहले ही कंपनी की पहल पर पूरे देश में सात

क्षेत्रीय सम्मेलन पहले ही आयोजित किये जा चुके हैं। इस कनक्लेव में

देश भर के 18 राज्यों की 103 जनजातियों के करीब आठ सौ से अधिक

जनजाति समुदाय के सदस्य इस आयोजन में शामिल होने जा रहे हैं।

दरअसल वर्तमान जगत में आदिवासी समुदाय की परंपराओं में छिपी

जानकारी को संजोये रखने के लिए टाटा स्टील ने इसकी पहल की थी।

इसे प्रारंभ करने के बाद से लगातार इसमें नये नये तथ्य जुड़ते चले

जा रहे हैं।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी इस किस्म के प्रयासों को प्रोत्साहन और संरक्षण

प्रदान किया जा रहा है ताकि विकास की तेज रफ्तार के बीच भी आदिवासी

समुदाय की विशिष्टताओं को संरक्षित किया जा सके।

इस बारे में आज एक संवाददाता सम्मेलन में इस आयोजन के बारे में विशिष्ट

जानकारी दी गयी। यह पत्रकार सम्मेलन स्थानीय बीएनआर चाणक्य में

किया गया था।

टाटा स्टील के आयोजन में अनेक आयाम शामिल होंगे

इसमें बताया गया कि इस आयोजन में सिर्फ आदिवासी संस्कृति पर भाग

लेने वालों के विचारों के आदान प्रदान के अलावा भी कई आयोजन किये जा

रहे हैं। आयोजन के तहत गोपाल मैदान में आदिवासी हस्तकला और परंपरा

का भी प्रदर्शन किया जाएगा। आयोजन दिवस की संध्या में वहां आदिवासी

संस्कृति का प्रदर्शन भी होगा। इसके तहत वहां सांस्कृतिक आयोजन भी होंगे।

संवाद 2019 के नाम से इस विशाल आदिवासी सम्मेलन का आयोजन

किया जा रहा है।

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