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तालिबान के साथ समझौता पर ट्रंप आशावान जबकि गनी पर पेंच

वाशिंगटनः तालिबान के साथ शांति समझौता को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

आशावान है। उन्होंने आज कहा है कि अमेरिका अफगानिस्तान में तालिबान के साथ

जल्द ही एक शांति समझौता करेगा। श्री ट्रंप ने मंगलवार को यहां संवाददाताओं से कहा

कि अमेरिका जल्द ही अफगानिस्तान में सक्रिय तालिबान के साथ शांति समझौता

करेगा। उन्होंने कहा,‘‘हम तालिबान के साथ बातचीत कर रहे हैं। हम कुछ समय के लिए

उनके साथ बातचीत करेंगे। एक समझौता करने का मौका है, देखते हैं क्या होता है।’’

शुक्रवार को अमेरिका और तालिबान ने शांति समझौते के पहले कदम के रूप में एक

सप्ताह तक हिंसा में कमी लाने को लेकर सहमति हुई। श्री ट्रंप ने कहा कि वह

अफगानिस्तान में संघर्ष को समाप्त कर सकते हैं, लेकिन ऐसा करने के लिए वह लाखों

लोगों को मारना नहीं चाहते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वह परमाणु हथियारों के

इस्तेमाल की बात नहीं कर रहे हैं। गौरतलब है कि अफगानिस्तान लंबे समय से असुरक्षा

और संघर्ष से जूझ रहा है क्योंकि आतंकवादी संगठन तालिबान सरकार एवं उसके सुरक्षा

बलों पर हमले करता रहता है। अफगानिस्तान में शांति कायम करने को लेकर अमेरिका

एवं तालिबानी प्रतिनिधियों के बीच वार्ता चल रही है जो निर्णायक दौर में पहुंच चुकी है।

तालिबान के अलावा आतंकवादी संगठन अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट जैसे

आतंकवादी समूह भी अफगानिस्तान के विभिन्न इलाकों में सक्रिय हैं।

तालिबान के साथ गनी के राष्ट्रपति बनने का पेंच फंसा

तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा है कि अफगानिस्तान के राष्ट्रपति

अशरफ गनी गैरकानूनी राष्ट्रपति हैं और यहां के चुनावी नतीजे शांति वार्ता में खलल पैदा

करेंगे। मंगलवार को अफगानिस्तान के चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे

घोषित किए थे जिसमें श्री गनी 50.64 फीसदी के साथ दोबारा राष्ट्रपति चुने गए थे।

अफगानिस्तान में पिछले वर्ष सितंबर में राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान कराए गए थे

लेकिन कई बार नतीजे टाले गए थे। मुजाहिद ने बयान जारी कहा,‘‘हम यह घोषणा करते

हैं कि श्री गनी गैरकानूनी राष्ट्रपति है और इस झूठे चुनाव का कोई औचित्य नहीं है। यह

चुनावी नतीजे अफगानिस्तान के शांति वार्ता में रुकावट पैदा करेंगे। तालिबान श्री गनी को

अफगानिस्तान के राष्ट्रपति के रुप में स्वीकार नहीं करता है।’’ गौरतलब है कि 2018 से

अमेरिका और तालिबान शांति समझौते पर बातचीत करने का प्रयास कर रहे हैं, जो

अफगानिस्तान से विदेशी सैनिकों की वापसी सुनिश्चित करेगा। इससे पहले इस वर्ष

फरवरी की शुरुआत में अमेरिका और तालिबान एक सप्ताह के लिए हिंसा नहीं करने पर

सहमत हुए थे।

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5 Comments

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