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तालिबान ने अमेरिका पर पैसा लौटाने का दबाव बनाया




फ्रैंकफर्टः तालिबान ने अमेरिका पर अफगानिस्तान का पैसा लौटाने का दबाव बनाया है। याद दिला दें कि यह सत्ता पलट के दौर में ही अमेरिका ने अपने पास जमा अफगानिस्तान का सारा पैसा रोक दिया था।




अब तालिबान की तरफ से देश की अपनी जरूरतों के लिए इस रकम को लौटाने की मांग की गयी है। दरअसल अफगानिस्तान तालिबान ने शासन तो पा लिया है लेकिन सरकार चलाने के लिए उसके पास कोई पैसा ही नहीं है।

साथ ही पूरे देश में जरूरी सामानों की किल्लत के साथ साथ आम आदमी के पास पैसों की भी भारी कमी हो गयी है। तालिबान ने ऐसी ही मांग यूरोपियन यूनियन से भी की है, जिसने भी अफगानिस्तान का पैसा रोक दिया ह ।

अफगानिस्तान के तालिबान सरकार ने देश की तेजी से बिगड़ती हालात के बीच अपना ही पैसा वापस मांगा है। अफगानिस्तान का खरबों डालर यूएस फेडरल रिजर्व मे है। यूरोप के अनेक बैंकों में भी अफगानिस्तान के खरबों डालर पड़े हुए हैं।

तालिबान अब तक उसका इस्तेमाल नही कर पा रहा है क्योंकि सभी स्तरों पर इस पैसे के उपयोग पर प्रतिबंध लगा हुआ है। अमेरिकी सेना से अफगानिस्तान से चले जाने के तुरंत बाद भी अमेरिका समर्थित सरकार का पतन हो गया।




उसके राष्ट्रपति भी अपने चंद परिचितों के साथ देश छोड़कर भाग गये। उसके बाद सत्ता पर तालिबान का कब्जा हो गया।

तालिबान ने अमेरिका के अलावा यूरोप से भी पैसा मांगा

सत्ता पर कब्जा करने के बाद भी तालिबान को काम करने के लिए कोई पूंजी नहीं मिली है। आरोप यह भी है कि देश से भागने वाले लोग अपने साथ भी ढेर सारा पैसा ले गये हैं।

दूसरी तरफ तालिबान सत्ता के बाद ही सारे राहत अभियान बंद कर दिये गये। अफगानिस्तान की आर्थिक गतिविधियों विदेशी पैसों पर ही आश्रित थी।

इसी वजह से दिनों दिन वहां के हालत बिगड़ते चले जा रहे हैं। दूसरी तरफ देश के संपन्न लोग पहले ही विदेश भाग जाने के बाद अब गरीब भी कोई उपाय नहीं होने की वजह से देश छोड़कर अन्यत्र पलायन कर रहे हैं।

इन सारी परिस्थितियों के बीच ही तालिबान ने अमेरिका एवं यूरोप से अपना पैसा लौटाने का दबाव बनाया है। ताकि वह सरकार को सही तरीके से चला सके। इस पैसे के बिना सरकार का कोई कामकाज नहीं हो पा रहा है।



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