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आत्म समर्पण करने वाली नक्सली नमिता को नहीं मिल रहा सरकारी लाभ




गोला: आत्म समर्पण करने वाली उग्रवादी नमिता कुमारी उर्फ लीलमुनी मांझी को

अबतक सरकारी लाभ नहीं मिलने से वो सरकार के मुलाजिमों के पास जा रही है।

वो सरकारी लाभ पाने के लिए सरकारी प्रक्रिया की कार्रवाई की प्रति लेकर

अधिकारियों के दफ्तर में चक्कर लगाने को मजबूर है।

नमिता कुमारी उर्फ लीलमुनी मांझी पिता सोना राम मांझी, पति प्रेमचंद सोरेन गोला थाना क्षेत्र के

संग्रामपुर पंचायत अन्तर्गत बाबलोंग गांव की रहने वाली है।

वह पुलिस के नजरों में कुख्यात उग्रवादी थी।

उसने 26 जुलाई 2010 को आत्म समर्पण किया था।

नमिता के आत्म समर्पण करने पर कहा गया था, उसे सरकार द्वारा घोषित कई लाभ मिलेंगे।

नमिता के सरकारी दफ्तरों में दौड़ लगाने पर एक फायदा उसे मिला है कि

उसे उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी कार्यालय रामगढ़ के सामान्य शाखा से जारी एक पत्र की कॉपी उसके हाथ लग गयी है।

पत्र 16 जुलाई 2018 को जारी किया गया है, जिसमें अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति हेतु संपन्न अनुकंपा समिति से संबंधित बैठक की कार्यवाही है।

पत्र में उल्लेख किया गया है कि नमिता कुमारी की शैक्षणिक आहर्ता अष्टम वर्ग की है।

सरकार के अवर सचिव गुह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के पत्रांक-18नौ.मु.ध्रा.-2400012014-7288

दिनांक 28.12.17 में दिए गए निर्देश के आलोक में अनुकंपा के आधार पर चतुर्थ वर्ग के पद पर नियुक्ति का प्रस्ताव अनुमोदित किया जाता है।

पत्र में नमिता को शैक्षणिक आहर्ता शिथिल करने एवं समाहरणालय रामगढ़ में

चतुर्थ वर्गीय कर्मी के पद पर नियुक्ति हेतु अनुशंसा किया गया है।

आत्म समर्पण के बाद नमिता को सिर्फ एक सरकारी पत्र मिला है

पत्र में नमिता को चार डिसमिल भूमि उपलब्ध कराने का निर्देश अंचलाधिकारी गोला को दिया गया है।

साथ ही सिलाई-बुनाई प्रशिक्षण के लिए प्रति माह पांच हजार रुपया और परिवार के सदस्यों का

जीवन बीमा के प्रीमियम भुगतान के लिए दस लाख रुपया की बात कही गयी है।

नमिता को एक अधिकारी ने कहा है कि इस पत्र की कॉपी लेकर रांची के उच्चाधिकारियों के दफ्तरों के

दौड़ लगावोगी  तो तुम्हे इसका फायदा मिलेगा, नहीं तो प्रक्रिया के चक्कर में लाभ लटका रह जाएगा।

नमिता पत्र की कॉपी लेकर दफ्तरों में इधर-उधर भटक रही है। उसे अबतक नौकरी नहीं मिली है।

हां घर बनाने के लिए जमीन गोला थाना के समीप देने के लिए मापी किया गया है।

नमिता का कहना है कि उसे कोई सहयोग करे, जिससे उसे इन सबका लाभ मिल सके।



Rashtriya Khabar


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