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सुंदरवन में पर्यटकों को दिखा नदी में तैरता बांघ, देखें वीडियो




एक दल को एक साथ दो बाघ तैरते नजर आये

दूसरे समूह को दिखा बाघ तैरकर नदी पार गया

नजदीक जाने पर हमला भी कर देते हैं बाघ

राष्ट्रीय खबर

सुंदरबनः सुंदरवन में घूमने आये पर्यटकों के कई दलों को एक साथ यह नजारा दिखा। वहां नाव से सैर को निकले कई दलों के नदी के बीच से तैरता हुआ एक रॉयल बंगाल टाईगर नजर आया। नदी के दोनों तरफ उस समय एक नहीं कई नाव थे, जिनमें पर्यटक सवार थे।




वीडियो में देखें पर्यटकों ने कैसे देखा बाघ

नाव के नाविकों ने बाघ के देखते ही अपने अभ्यास के तहत उसे रोक दिया था। नाव रोक दिये जाने के बाद नाव पर मौजूद लोगों को सामने नदी में तैरते बाघ को दिखाया गया। नदी के एक छोर से पानी में उतरा यह बाघ तैरता हुआ दूसरी तरफ चला गया। वैसे बता दें कि सुंदरवन का इलाका अत्यंत पेचिदा भौगोलिक परिस्थितियों वाला है।

साथ ही यह पूरा इलाका पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के बीच बंटा हुआ है। दो देशों की भौगोलिक सीमा में बंटे इस इलाके में मौजूद बाघ अथवा अन्य जंगली जानवरों को इस सीमा से कोई लेना देना नहीं है।




वे अपनी मरजी से दोनों देशों की सीमा में आते जाते रहते हैं। बाघ संरक्षण के लिए चलाये जा रहे अभियान के तहत अधिकांश बाघों को अब रेडिय कॉलर लगाया गया है। इसी वजह से कौन सा बाघ फिलहाल किस इलाके में है, उसकी जानकारी मिलती रहती है। इसी आधार पर यह पता चलता है कि वे कई बार अपने निर्धारित इलाके से बाहर भी घूमते हुए निकल जाते हैं।

वन विशेषज्ञों के मुताबिक बाघ के चलने फिरने का इलाका करीब चालीस वर्ग किलोमीटर का होता है। लेकिन यहां सुंदरवन में एक बाघ को एक सौ किलोमीटर से आगे निकल जाने का रिकार्ड भी है। वहां घूमने आये पर्यटकों में से अधिकांश नाव पर मौजूद नाविकों की चेतावानी के बाद भी बाघ को देखकर चुप नहीं रह पाये।

सुंदरवन में बाघ खारा पानी की वजह से नरभक्षी होते हैं

दरअसल वहां के अनुभवी लोग यह जानते हैं कि ऐसे जंगली जानवरों का मिजाज शोर सुनकर बिगड़ जाता है। वैसे स्थिति में या बहुत अधिक करीब जाने पर नदी में तैरता बाघ नाव पर ही हमला कर देता है।

यहां सुंदरवन के बाघों की दूसरी विशेषता यह है कि यहां के खारे पानी के स्वाद की वजह से वे प्राकृतिक तौर पर मानवभक्षी भी होते हैं। इसी वजह से यहां बाघ नजर आने के बाद भी शोर नहीं मचाने की हिदायत बार बार दी जाती है ताकि वे अचानक से नाराज होकर हमला ना कर दें। इस बार बाघ के बीच नदी में नजर आने की वजह से नावों पर मौजूद लोग काफी समय तक उसे तैरते हुए देख पाने में सफल रहे।



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