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सुंदरवन के इलाके में अधिकांश पेड़ बुलबुल की वजह से धराशायी

  • अनेक नदियों का तटबंध टूटा मरम्मत का काम जारी
  • तूफान की वजह से दक्षिण 24 परगना के बाघ भी भागे
  • काफी मकान ध्वस्त हुए और फसल बर्बाद हुए फिर से
  • मुख्यमंत्री ममता ने रात भर स्थिति की निगरानी की
प्रवीर चक्रवर्ती

सुंदरवनः सुंदरवन के इलाके में अधिकांश पेड़ जमीन पर धराशायी नजर आ रहे हैं।

चक्रवाती तूफान बुलबुल का ऐसा भयानक नजारा पहली बार इस इलाके में नजर आया है।

इस सुंदरवन इलाके में तूफान का असर कल शाम सात बजे से प्रारंभ होने के बाद

लगातार करीब रात बारह बजे तक जारी रहा।

तस्वीरों में देखिये सुंदरवन और बांग्लादेश की तबाही का मंजर

 

इस दौरान अंधेरा होने की वजह से नुकसान का अंदेशा नहीं लग पाया था।

आज सुबह की रोशनी में इस इलाके के अधिकांश पेड़ जमीन पर गिरे पड़े नजर आने लगे हैं।

रात के अंधेरे में सिर्फ पेड़ गिरने की आवाज सुन रहे थे ग्रामीण

 

साथ ही यहां के किसानों ने खेतों में जो फसल लगाये थे, वे भी इस बुलबुल की चपेट में आकर नष्ट हो चुके हैं।

वैसे पूरे पश्चिम बंगाल में इस भीषण तूफान की वजह से दस लोगों के मारे जाने की खबर है।

कोलकाता के बालीगंज स्थित कलकत्ता क्रिकेट एंड फुटबॉल क्लब के

28 वर्षीय शेफ पर देवदार का पेड़ गिर जाने के कारण उसकी मौत हो गयी।

इसके अलावा नामखाना में भी एक व्यक्ति की मौत हो गयी और दो अन्य लापता हो गये।

नामखाना में दो जेटी भी क्षतिग्रस्त हो गये।

तूफान के कारण पिछले 24 घंटे के दौरान तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हो रही है

जिससे कई पेड़, बिजली के खंबे और टेलीफोन के खंबे आदि जड़ से उखड़ गये।

फसलें बर्बाद हो गयी।

इस सुंदरवन इलाके के बाघ भी सुरक्षित रहने के लिए बांग्लादेश सहित अन्य इलाकों की तरफ भाग निकले हैं।

रात भर अपने कार्यालय में मौजूद रही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तूफान के मद्देनजर पूरी रात राज्य सचिवालय नाबन्ना में गुजारी

जहां स्थिति का जायजा लेने के लिए विशेष नियंत्रण कक्ष बनाये गये हैं।

उन्होंने कल अपने एक ट्वीट में कहा, ‘‘हम तूफान से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए

सभी एहतियादी कदम उठा रहे हैं।

इसके लिए विशेष नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गयी है और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल

तथा राज्य आपदा प्रक्रिया बल की टीमों को तैनात किया गया है।’’

चक्रवाती तूफान ने अबीम सागर द्वीपसमूह को पार कर लिया है

और फिलहाल यह उत्तर पूर्व में बंगलादेश की ओर बढ़ता हुआ वापस लौट सकता है।

इस तूफान की वजह से सागर के इलाके में काफी चिंता है,

जहां कुछ दिनों बाद अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह प्रारंभ होने वाला है।

सुंदरवन के लोग तटबंधों की मरम्मती में जुटे हुए हैं

सुंदरवन के इलाकों में से अनेक इलाकों में इस बुलबुल की वजह से नदियों के तटबंध ध्वस्त हो चुके हैं।

आज सुबह से ही स्थानीय लोग उनकी मरम्मत के लिए जुटे हैं।

इन्हें बचाकर पानी को अंदर आने से रोकने की कोशिश की जा रही है।

ताकि जो कुछ फसल बची है, उन्हें बचाया जा सके।

पिछले दो दिन में कोलकाता में 104 मिमी बारिश हुई है तथा 50-70 किलोमीटर प्रति किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवा चल रही है।

दीघा, हावड़ा, हुगली, 24 परगना और मेदिनीपुर जैसे तटीय क्षेत्रों में 100 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक रफ्तार से हवा चल रही है।

बुलबुल के कारण केवल पश्चिम बंगाल में ही नहीं बल्कि ओडिशा में भी तबाही मची है।

बुलबुल की वजह से हवाई उड़ानों पर भी असर

तूफान के कारण कोलकाता हवाई अड्डे से कल शाम छह बजे से सुबह छह बजे तक उड़ानें रद्द रहीं।

विमानन सेवा सुबह बहाल कर दी गयी। तटीय इलाकों से लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है।

सभी जलाशयों में मछली पकड़ने पर रोक लगा दी गयी है

पुलिस सभी तटीय जिलों में माइक पर घोषणा करके लोगों को अलर्ट कर रहे हैं।

किफायती विमानन कंपनी इंडिगो एयरलाइन्स ने बुलबुल के उग्र रूप को देखते हुए कल अपनी 23 उड़ानें रद्द कर दी थी।

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