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रविवार के दिन बारिश और सूर्यग्रहण के बीच बीती रांची की दिनचर्या

संवाददाता

रांचीः रविवार के दिन वैसे ही लोग सड़कों पर कम आते हैं। छुट्टी का दिन होने के साथ साथ

कोरोना के आतंक की वजह से भी लोगों का इनदिनों सड़कों पर आने का सिलसिला काफी

कम हो गया है। राज्य सरकार द्वारा कपड़ा और जूते की दुकानों को खोलने की अनुमति

दिये जाने के बाद भी इन दुकानों का कारोबार अभी ठीक से प्रारंभ भी नहीं हो पाया है।

अधिकांश दुकानों के खुलने के बाद उनकी सफाई और दुकानों को सैनेटाइज करने में ही

शनिवार का दिन बीत गया था। आज रविवार और सुबह से ही बारिश की वजह से

राजधानी रांची की सड़कों पर और भी सन्नाटा पसरा रहा। इस बीच सूर्य ग्रहण की वजह से

भी लोग अपने अपने घरों में ही कैद रहे। यहां तक कि ग्रहण समाप्त होने के बाद भी

सड़कों पर रविवार को होने वाली चहल पहल लगभग समाप्त रही। अलबत्ता इस दौरान

सड़कों पर निजी वाहनों का आवागमन होता रहा लेकिन उनकी भी संख्या आम रविवार के

मुकाबले कम ही रही।

सूर्यग्रहण के बार में पहले से ही अपने अपने माध्यमों से मिली जानकारी की वजह से लोगों

ने मूल ग्रहण के पहले ही अपने बाहर के सारे काम निपटा लिये थे। इस दौरान जब ग्रहण

प्रारंभ हुआ तब बारिश नहीं होने के बाद भी सड़कों पर लगभग सन्नाटा पसरा हुआ था।

ग्रहण प्रारंभ होने के बाद सड़कौं पर निजी वाहन भी लगभग नहीं चल रहे थे। ग्रहण प्रारंभ

होन के पूर्व ही सब्जी बाजारों में लगी भीड़ और खुद दुकानदार भी अपना काम समाप्त कर

बोरिया बिस्तर समेटकर गायब हो चुके थे। इसलिए ग्रहण के दौरान अपने जरूरी काम से

इधर उधर जाने वालों के अलावा दूसरे लोग नदारत रहे।

रविवार के दिन जो निकले वे भी बारिश की वजह से लौटे

ग्रहण की अवधि का पता होने की वजह से शहरी आबादी इसके समाप्त होने की प्रतीक्षा कर रही थी। इस दौरान

शहर के कई इलाकों में हल्की फुल्की बारिश भी हुई। लेकिन ग्रहण समाप्त होने के बाद ग्रहण का दान लेने निकले

लोगों ने शहर के ठहरे से जनजीवन को फिर से गति दी और लोग धीरे धीरे अपने अपने घरों से बाहर निकले। इस

क्रम में बारिश का प्रकोप तेज होने की वजह से सड़कों पर नजर आने वाली भीड़ बहुत जल्दी ही गायब हो गयी।

किसी तरह अपनी दुकान खोलने वाले अधिकांश दुकानदार भी यह हालत देखकर दूसरी पाली में दुकान बंद कर

अपने अपने घरों को लौट गये। अलबत्ता इस दौरान दवा की दुकानें खुली रही। समझा जाता है कि कल सोमवार का

दिन होने की वजह से कपड़ा और जूता दुकान सहित अन्य कारोबारी गतिविधियों को गति मिलेगी। इस दौरान

जूता और कपड़ा बेचने के बहाने खुल चुके बड़े मॉल भी ग्राहकों के अभाव में सुनसान पड़े रहे।


 

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