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श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या की कहानी, गोलावासियों की जुबानी

  • छह दिसंबर 1992 की यादें जेहन में हो रही ताजा

  • मंदिर के शिलान्यास की अब आयी बारी

  • रामभक्त गौरव गाथा सुना रहे सारी

  • पांच लोग गये थे कार सेवक बनकर

  • दर्जनों लोग हुए थे जेलों में बंद

मनोज मिश्र

गोलाः श्रीराम जन्मभूमि यानी अयोध्या में 25 साल पहले 6 दिसंबर 1992 को पहुंचे क्षेत्र के

कारसेवक आज अपने को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। सिर्फ वही खुश नहीं है। वे लोग

भी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं, जो अयोध्या तो नहीं पहुंच सके थे, परंतु अयोध्या जाने

के लिए कारसेवक बनकर घर से कदम निकाला था और पुलिस ने उन्हें हाजत में बंद कर

दिया। क्षेत्र के कारसेवक तब भी उतने ही खुश थे और आज खुशी बांटते हुए कहते हैं कि

वहां उनका वर्षों का सपना आज पूरा होने जा रहा है।

गोला से कारसेवक बनकर अयोध्या जाने वाले लोगों की चर्चाएं क्षेत्र में हो रही है। उनकी

भी चर्चा हो रही है, जो कारसेवक बनकर अयोध्या तो नहीं जा सके, परंतु वो अयोध्या के

लिए घर से निकले थे और पुलिस ने उन्हे हाजत में बंद कर दिया था। उसमें से कई लोग

जीवित हैं, तो कई लोग अब इस दुनिया में नहीं हैं। कारसेवकों के पीठ पर पुलिस की डंडे

की मार और उस वक्त कई लोगों के शहीद होने की बात कारसेवकों से लोग बड़े ही

उत्साहित होकर उनकी जुबानों से सुन रहे हैं। कहते हैं हम वहां से ईंट भी लेकर आए थे, जो

घर के बाहर आंगन में वर्षों तक पड़ा रहा। बताया गया कि उस वक्त हजारीबाग जिले से

हमलोगों का नेतृत्व पूर्व सांसद प्रो यदुनाथ पांडेय कर रहे थे। कुछ लोग अयोध्या पहुंचे थे,

कई लोग रास्ते में ही पकड़े गए थे, तो कई लोग अयोध्या में ही पुलिस के गिरफ्त में थे,

परंतु हमलोग पहुंच कर कारसेवा किया था। गोला से अयोध्या गए 5 कारसेवकों दीपक

मिश्रा, बसंत कुशवाहा, हरिपोदो प्रसाद, सपन चंद्र पोद्दार, अजय गुप्ता उसी दिन से काफी

उत्साहित हैं, जब से सुप्रीम कोर्ट का फैसला राम मंदिर निर्माण के पक्ष में आया था।

श्रीराम जन्मभूमि में तब कार सेवा करने गये लोग उत्साहित

अब वे फूले नहीं समा रहे हैं, जब राम मंदिर निर्माण के लिए नींव रखने की तिथि पांच

अगस्त को हुई है। वह तो आज भी अयोध्या जाने के लिए उतने ही लालायित हैं, जिसतरह

वे कारसेवक बनकर अयोध्या गए थे। अगर कोरोना वायरस संक्रमण के बचाव के उपाय

पर लॉकडाउन नहीं रहता, तो वे जरूर अयोध्या जाते। उल्लेखनीय है कि पांच अगस्त को

मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन होगा। श्री राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन की

खुशी में क्षेत्र में लोगों ने अपने घर पर घी का दीपक जलाने का निर्णय अपने आप लिया है।


 

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