उन्नत इंसान बनाने में नष्ट हो जाएगी मानव प्रजाति स्टीफन हॉकिंग्स की चेतावनी

उन्नत इंसान बनाने में नष्ट हो जाएगी मानव प्रजाति स्टीफन हॉकिंग्स की चेतावनी
  • जेनेटिक से छेड़छाड़ मानव जाति के लिए बन सकता है खतरा

प्रतिनिधि
नईदिल्लीः उन्नत इंसान की पौध तैयार करना इस मानव प्रजाति के लिए विनाश का कारण बन सकता है।



प्रसिद्ध वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंस की यह टिप्पणी उनके निधन के पश्चात सार्वजनिक हुई हैं।

उनके द्वारा लिखी गयी अंतिम पुस्तक में जेनेटिक विज्ञान में हो रहे शोध पर हॉकिंग ने यह आशंका जाहिर की है।

उनकी इस पुस्तक का नाम ब्रिफ एनसर्स टू द बिग क्वैश्चंस है।

इसमें उल्लेखित अन्य तथ्यों के अलावा नामचीन वैज्ञानिक हॉकिंग ने इस खतरे की तरफ वैज्ञानिकों का ध्यान आकृष्ट किया है।

उन्होंने कहा है कि जेनेटिक विज्ञान में शोध करना अलग बात है लेकिन इसकी मदद से अधिक बुद्धिमान इंसान तैयार करना वर्तमान मानव प्रजाति के लिए ही खतरनाक होगा।

बुद्धिमान और अधक शक्तिशाली इंसान प्रयोगशाला में तैयार होने के बाद

स्वाभाविक तौर पर अपनी वंशवृद्धि करेंगे और तब अपनी बुद्धि और शक्ति की बदौलत यह प्रजाति वर्तमान मानव प्रजाति को नष्ट कर देगी।

उन्होंने इस संबंध में कई फिल्मों में उल्लेखित रोबोट में इंसानी गुणों का उल्लेख किया है।

16 अक्टूबर को यह पुस्तक सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध हुई है।

इसी पुस्तक में जेनेटिक विज्ञान में हो रहे शोध के बारे में स्टीफन हॉकिंग ने खास तौर पर यह बात कही है।

उन्होंने लिखा है कि वर्तमान इंसानी दौर आत्मविश्लेषण से अधिक आत्मसुधार का चल रहा है।

हर कोई अपने आप को और बेहतर बनाना चाहता है।

इसी तरह वैज्ञानिक भी अन्य परीक्षणों के साथ साथ मानव में भी अतिरिक्त गुणों का विकास करना चाहते हैं।

एक सीमा तक यह प्रयोग भले ही फायदेमंद हो लेकिन विकसित जेनेटिक विज्ञान से अत्यंत उन्नत किस्म का इंसान बनाना वर्तमान मानव प्रजाति के लिए ही खतरनाक हो सकता है।

उनके मुताबिक जब तक बीमारियों और अन्य विकृतियों को सुधारने के लिए जेनेटिक विज्ञान का प्रयोग किया जा रहा है, वह बिल्कुल ठीक है।

उन्नत इंसान ही अपनी शक्ति से वर्तमान प्रजाति को समाप्त कर देंगे

लेकिन इंसान की बुद्धि और आक्रामकता में बढ़ोत्तरी का प्रयोग गलत होगा और इसके खतरनाक नतीजे हो सकते हैं।

निरंतर प्रयोग के बाद अगर जेनेटिक कोड में आवश्यक सुधार कर ऐसा इंसान बनाना संभव हो गया

तो तैयार होने वाले इंसान ही इंसान की वर्तमान प्रजाति को खत्म कर देंगे।

उन्होंने चेतावनी दी है कि इंसान में खुद को बेहतर बनाने की चाहत हमेशा से रही है।

इसलिए प्रयोग के माध्यम से वह अपने आप को अथवा अपनी प्रयोग के इंसान को और बेहतर बनाने की लालच को नहीं रोकना चाहता।

लेकिन यह लालच पूरी मानव प्रजाति के लिए विनाश का कारण बन सकती है, ऐसा उसे समझना ही होगा।

स्वर्गीय हॉकिंग ने लिखा है कि अगर गलती से वैज्ञानिक इस लालच को नहीं संभाल पाये

तो अधिक बुद्धिमान और विकसित इंसान के पैदा होने के बाद समाज में दूसरे किस्म की परेशानियां आयेंगी।

नया और विकसित इंसान वर्तमान दौर के इंसान से ज्यादा बेहतर होगा और वर्तमान प्रजाति उनका मुकाबला ही नहीं कर पायेगी।

इसलिए यह प्रजाति अपने आप ही समाप्त हो जाएगी।

उन्होंन विज्ञान आधारित फिल्मों में दिखाये गये दृश्यों का उल्लेख करते हुए यह चेतावनी दी है कि

लालच में खुद को और बेहतर बनाने की होड़ से वैज्ञानिकों को बचना चाहिए

क्योंकि मानव जाति का विकास एक लंबे समय में हुआ है,

उसे सिर्फ अपनी लालच के लिए विनाश के कगार पर खड़ा करना बुद्धिमानी नहीं होगी।



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