fbpx Press "Enter" to skip to content

अपनी भलाई के लिए ही दूसरों से अलग रहिये

अपनी भलाई समझना बहुत आसान है। वर्तमान में पूरी दुनिया में अपनी भलाई के लिए ही यह संदेश बार बार दिया जा रहा है कि

कोरोना का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए एक दूसरे से दूरी बनाये रखना जरूरी है।

इस संदेश में कहीं कोई शक की गुंजाइश भी नहीं है।

पूरी दुनिया में कोरोना का विस्तार जिस तरीके से हो रहा है,

उसमें बचाव का तरीका यह ही कै हम अपनी भलाई में किसी भी संक्रमण से दूर रहें।

इतना कुछ बिल्कुल स्पष्ट होने के बाद भी पिछले कुछ दिनों से ऐसी घटनाएं देखने को मिल रही हैं

जिसमें कोरोना की जांच रोकने और उसे दूसरों तक फैलने के रोकने की कोशिशों पर भी अड़ंगा लगाया जा रहा है।

लेकिन पूरी दुनिया में इस महामारी के प्रकोप से जो परिस्थितियां उत्पन्न हुई हैं,

उसमें तो अपनी भलाई ही शीर्ष प्राथमिकता है।

धन्य है वे स्वास्थ्यकर्मी जो सारा खतरा समझते हुए भी अपनी भलाई को ताक पर रखकर लोगों को बचाने का काम कर रहे हैं।

जाहिर है कि अगर स्वास्थ्यकर्मियों पर अलग अलग इलाकों में हमले हुए हैं

यह निश्चित तौर पर कोरोना के खिलाफ जारी विश्वव्यापी लड़ाई के खिलाफ उठाया जाने वाला कदम ही है।

हो सकता है कि इसके पीछे भी कोई साजिश काम कर रही हो

लेकिन लोगों को सिर्फ अपनी भलाई समझाने में ही सबसे अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य प्रमुख लोग भी बार बार लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग के माध्यम से

कोरोना को और फैलने से रोकने में एहतियात बरतते हुए

अपनी भलाई के साथ साथ पूरे देश की भलाई करने की सलाह दे रहे हैं।

हरेक के अपील की गंभीरता को समझना होगा

इन अनुरोधों की गंभीरता को इसलिए भी समझना होगा

क्योंकि पिछले दो दिनों के भीतर देश में मौत का आंकड़ा तेजी से ऊपर गया है।

सिर्फ जिद अथवा किसी गलतफहमी की वजह से कोरोना फैलाने में सहायक बन रहे

लोगों को विज्ञान सम्मत तरीके से समझाने की जरूरत है

क्योंकि ऐसे लोगों की गलतियों की वजह से कोरोना का संक्रमण उन इलाकों तक भी पहुंच रहा है,

जहां के लोग अब तक इस विषाणु से पूरी तरह बचे हुए हैं।

यह तो साफ है कि यह विषाणु देश के अंदर पैदा नहीं हुआ।

विदेश से अलग अलग रास्तों से आने वालों ने इस संक्रमण को देश के भीतर फैलाया है।

लेकिन इसके पीछे भी किसी साजिश की चर्चा करना दरअसल अपने आप में एक बड़े किस्म की मुर्खता है।

लेकिन हमारे देश का दुर्भाग्य है कि राष्ट्रीय संकट की घड़ी में भी कुछ लोग

इस आपदा को राजनीतिक तौर पर भूनाने की कोशिशों से बाज नहीं आ रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वीडियो संदेश के जरिए राष्ट्र को संबोधित किया।

उन्होंने कहा कि ये लॉकडाउन का समय जरूर है लेकिन इस समय कोई भी अकेला नहीं है।

130 करोड़ देशवासियों की सामूहिक शक्ति हर व्यक्ति के साथ है, हर व्यक्ति का संबल है।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘साथियों, आज जब देश के करोड़ों लोग घरों में हैं,

तब किसी को भी लग सकता है कि वो अकेला क्या करेगा।

कुछ लोग ये भी सोच रहे होंगे कि इतनी बड़ी लड़ाई को, वो अकेले कैसे लड़ पाएंगे।

ये लॉकडाउन का समय जरूर है, हम अपने-अपने घरों में जरूर हैं, लेकिन हम में से कोई अकेला नहीं है।

130 करोड़ देशवासियों की सामूहिक शक्ति हर व्यक्ति के साथ है, हर व्यक्ति का संबल है।’

अपनी भलाई का तरीका मिशाल बन सकता है

उन्होंने यह सही बात कही है आज दुनिया के कई देश इसको दोहरा रहे हैं।’

पूरी दुनिया की निगाहें कोरोना के प्रति भारतीय लॉकडाउन और

उसके अमल के साथ साथ अन्य उपायों की तरफ टिकी हुई है।

ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि अमेरिका जैसा शक्तिशाली देश भी कोरोना से लड़ने में भारत से पिछड़ चुका है।

दूसरी तरफ चीन की नजर भी भारतीय सामाजिक अनुशासन पर बनी हुई है।

ऐसा इसलिए है क्योंकि चीन एक सैनिक शासन वाला देश है,

जहां के फैसले सैनिक सख्ती के साथ ही लागू किये जाते हैं।

दूसरी तरफ भारत की सरकार का फैसला हर बार जनता के सहयोग से लागू किया जा रहा है।

यह दुनिया को हैरत में डालने वाली बात साबित हो रही है।

श्री मोदी ने इसी क्रम में फिर से सामाजिक दूरी बनाए रखने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘साथियों, मेरी एक और प्रार्थना है,

कि इस आयोजन के समय किसी को भी,कहीं पर भी इकट्ठा नहीं होना है। रास्तों में, गलियों या मोहल्लों में नहीं जाना है,

अपने घर के दरवाजे, बालकनी से ही इसे करना है।

सामाजिक दूरी की लक्ष्मण रेखा को कभी भी लांघना नहीं है।

अपनी भलाई के साथ साथ अपने परिवार की भलाई के लिए भी हमें

इस सामाजिक दूरी का पालन कठोरता के साथ करना चाहिए।


 

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
More from ताजा समाचारMore posts in ताजा समाचार »
More from देशMore posts in देश »
More from स्वास्थ्यMore posts in स्वास्थ्य »

Be First to Comment

Leave a Reply