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राज्य और केंद्र सरकार को कटघरे में लेकर भागलपुर विधायक की चेतावनी

  • एक मुश्त पांच हजार किट भेजे राज्य सरकार

  • बार बार किट की कमी का यह नाटक बंद हो

  • सिर्फ शराब नहीं बाकी कारोबार भी खोला जाए

दीपक नौरंगी

भागलपुरः राज्य और केंद्र सरकार खासकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री अश्विनी चौबे को भी

भागलपुर के विधायक अजीत शर्मा ने वास्तविकता के आधार पर घेरा है। दरअसल शराब

की बिक्री की अनुमति देने की मांग कर श्री शर्मा पूरे देश में चर्चा में आ चुके हैं।

वीडियो में देखिये क्यों नाराज हैं विधायक अजीत शर्मा

उन्होंने कोरोना की जांच भागलपुर में बंद होने की घटना पर काफी नाराजगी जतायी है।

उन्होंने कहा कि जब यहां मेडिकल कॉलेज है तब भी जांच किट का बार बार समाप्त हो

जाना और जांच के सैंपल पटना भेजे जाने का क्या औचित्य है। इतने दिनों के लॉक डाउन

के बाद जब सब कुछ स्पष्ट हो चुका है तो सरकार को हर स्तर पर जांच की सुविधा

उपलब्ध कराने का इंतजाम कर लेना चाहिए थे। इसके बाद भी भागलपुर में कोरोना की

जांच सिर्फ इसलिए नहीं हो रही है क्योंकि जांच किट नहीं है। यह सरकारी अव्यवस्था का

ही उदाहरण है। इसका नतीजा है कि संक्रमण कितना फैल रहा है, इस बारे में किसी को

कोई पक्की जानकारी नहीं है। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री को साफ तौर पर कहा कि

दरअसल उनके अधीनस्थ अफसर काम नहीं कर रहे हैं। इस वजह से भागलपुर और पूरे

राज्य की स्थिति बिगड़ रही है।

राज्य और केंद्र सरकार के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर करने के अलावा उन्होंने फिर से

सरकार को शराब बेचने की अनुमति के साथ साथ अन्य कारोबार चालू करने की प्रक्रिया

आगे बढ़ाने की बात कही।

राज्य और केंद्र सरकार में मंत्री को ध्यान देना चाहिए

उन्होंने कहा कि स्थिति इतनी तेजी से बिगड़ रही है, उसे संभालने के लिए अब आर्थिक

गतिविधियों को सीमित स्थिति में तेजी से आगे बढ़ाया जाना चाहिए। वरना निरंतर लॉक

डाउन से स्थिति इतनी बिगड़ जाएगी कि उसे संभाल पाना संभव नहीं होगा। श्री शर्मा ने

कहा कि अब तो जनता भी कोरोना से बचाव के तौर तरीके से जान चुकी है। इसलिए लोगों

को जिम्मेदार बनाते हुए आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाना चाहिए।

राज्य में कोरोना के बढ़ने के संबंध में उन्होंने खास तौर पर भागलपुर से विधायक रहे

अश्विनी चौबे का ध्यान आकृष्ट किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में केंद्र में स्वास्थ्य मंत्री

श्री चौबे का भागलपुर के बारे में सोचना चाहिए था। जब यहां कोरोना जांच किट नहीं है तो

पूरे राज्य की स्थिति क्या होगी, इसकी कल्पना सहज है। केंद्रीय मंत्री को कमसे कम

अपने इलाके के लोगों पर भी ध्यान रखना चाहिए था क्योंकि यहीं से वह राजनीति की

सीढ़ी चढ़कर केंद्रीय मंत्री बने हैं। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में भागलपुर विधायक ने कहा

कि स्थानीय स्तर पर भी सैनेटाइजेशन के काम से वह बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं हैं। वह

अगले दो दिनों तक स्थिति में सुधार होने की प्रतीक्षा करेंगे। अगर इस बीच सरकारी काम

काज का स्तर नहीं सुधरा तो वह अपने संसाधनों से अपने विधानसभा क्षेत्र के उन गलियों

में भी सैनेटाइजेशन का अभियान प्रारंभ करेंगे, जहां सरकारी अमला पहुंचना ही नहीं

चाहता है।


 

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