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स्टार लिंक के लिए पांच लाख उपभोक्ता कोई परेशानी नहीं




  • कंपनी के पास अभी कई मिलियन कनेक्शन के ऑर्डर  हैं

  • सैटेलाइट के जरिए इंटरनेट सेवा देगी कंपनी

  • अमेरिका में परीक्षण पहले ही प्रारंभ हो चुका

  • उपभोक्ता इसकी गति को लेकर उत्साहित

राष्ट्रीय खबर

रांचीः स्टार लिंक के बारे में हम पहले से ही जान रहे हैं कि यह सैटेलाइटों के जरिए इंटरनेट

सेवा देने का काम प्रारंभ कर चुकी है। अमेरिका सहित कई देशों में इसके इंटरनेट की गति

को उपभोक्ताओं ने काफी पसंद किया है। अन्य इंटरनेट सेवा प्रदाताओं के मुकाबले सीधे

सैटेलाइट से संपर्क की वजह से शायद इसकी गति दूसरों से काफी तेज है। भारत में अभी

जो 5 जी का परीक्षण प्रारंभ हुआ है, स्टार लिंक की यह इंटरनेट सेवा उससे भी अधिक तेज

है। वैसे स्टार लिंक ने काफी समय से भारत में भी इंटरनेट सेवा प्रदान करने के लिए अपना

आवेदन केंद्र सरकार को दे रखा है। लेकिन जिओ के मुकाबले इस कंपनी को अनुमति

मिलेगी अथवा नहीं, इस पर पहले से ही संदेह है। स्टार लिंक की इस इंटरनेट सेवा के बारे

में कंपनी के मालिक एलन मस्क ने कहा कि सिर्फ जिन शहरो में अधिक आबादी है, वहां

डेटा पहुंचाने में थोड़ा अधिक वक्त लगता है। स्टार लिंक के पांच लाख ब्रॉड बैंड सेवा के

आवेदन पहले से ही मिल चुके हैं। अभी तक करीब कई और मिलियन लोग इसकी कतार

में हैं। फरवरी में यह सैटेलाइट आधारित इंटरनेट सेवा प्रारंभ करने के बाद अभी प्रयोग के

तौर पर अमेरिका और कई अन्य देशों को मिलाकर दस हजार से अधिक उपभोक्ताओं को

इसके कनेक्शन दिये गये हैं। कंपनी की यह सेवा प्राप्त करने के लिए उपभोक्ताओं को 99

डॉलर जमा करने पड़ते हैं। जिन्होंने अभी यह पैसा जमा कर दिया है, उन्हें इस वर्ष के दूसरे

छमाही में कनेक्शन मिलेगा, ऐसा कंपनी का दावा है। अभी तक इसकी मांग सबसे अधिक

अमेरिका और पड़ोसी देशों से आयी है। इसके अलावा अन्य देशों में रहने वाले अमेरिकी

नागरिकों ने भी इसके लिए आवेदन किया है।

स्टार लिंक दुनिया के हर हिस्से में एक गति से आयेगी

अंतरिक्ष में नये किस्म के रॉकेट से लगातार सैटेलाइट भेजने वाली कंपनी स्पेस एक्स ने

पहले से ही अपनी इस योजना को सार्वजनिक कर दिया था। वह अपनी सैटेलाइटों की

श्रृंखला की मदद से यह सेवा संचालित करने जा रही है। इसके लिए पृथ्वी के वायुमंडल के

बाहर अनेक सैटेलाइट स्थापित किये जा रहे हैं। वहां से सीधे इंटरनेट की सेवा लेने पर

उसकी गति स्वाभाविक तौर पर दूसरे सेवाओं के मुकाबले अधिक हो जाती है। इसके बीच

भी दूसरे किस्म के अड़चन नहीं आते हैं। अंतरिक्ष में जैसे जैसे सैटेलाइटों की श्रृंखला तैयार

होती जा रही है, उनकी स्थिति के आधार पर सैटेलाइट सेवा के इलाकों का चयन किया जा

रहा है। यानी सैटेलाइट  की पहुंच के करीब जो इलाके होंगे, वहां यह स्टार लिंक की इंटरनेट

सेवा पहले प्रदान की जाएगी।

कंपनी ने स्टार लिंक इंटरनेट सेवा के लिए अमेरिका में पहले ही अनुमति हासिल कर ली

थी। वह अन्य देशों में भी आवेदन कर चुकी है, जिनमें से कुछ में उसे यह अनुमति मिल

भी चुकी है। कंपनी अमेरिका में दस लाख इंटरनेट सेवा के लिए अपनी आधारभूत संरचना

तैयार कर चुकी है। इसके साथ ही वहां पचास लाख अन्य उपभोक्ताओं को भी तेज गति

की यह इंटरनेट सेवा देने की तैयारियां चल रही हैं। स्टार लिंक की इस सेवा के लिए

उपभोक्ता को हार्डवेयर के मद में 499 डॉलर भी देने पड़ते हैं। स्पेस एक्स सेवा के तहत ही

अंतरिक्ष में बिछाये जा रहे सैटेलाइटों के जाल से इस सेवा को संचालित किया जाएगा।

इसी वजह से उसकी गति दूसरे सेवा प्रदाताओं से अधिक होने का अनुमान लगाया गया है।

सात लाख लोगों ने बेव साइट पर नाम दर्ज कराया है

अब तक सात लाख लोगों ने स्टार लिंक की बेवसाइट पर अपना नाम दर्ज कराया है

क्योंकि वह यह कनेक्शन लेना चाहते हैं। सैटेलाइट आधारित ब्रॉडबैंड सेवा की वजह से

लोगों की इसमें अधिक रूचि है और इसी वजह से इसके प्रारंभ होन के पहले ही इतने सारे

उपभोक्ताओं ने उसके लिए आवेदन कर दिये हैं। कंपनी के मालिक एलन मस्क ने पहले

ही स्पष्ट कर दिया था कि एक बार वायुमंडल के बाहर सभी इलाकों में सैटेलाइट स्थापित

करने का काम पूरा कर लेने के बाद यह इंटरनेट सेवा पूरी दुनिया के लिए उपलब्ध होगी।

यहां तक कि पृथ्वी के अत्यंत दुर्गम इलाके भी सैटेलाइट आधारित स्टार लिंक की सेवा से

सीधे जुड़े रहेंगे। कंपनी ने इसके अलावा बड़े वाहनों, विमानों और बडे पानी के जहाजों को

यह सेवा प्रदान करने के लिए नये किस्म के डिश तैयार करने का काम भी प्रारंभ कर दिया

है। अभी घरों में जिस तरीके से डिश टीवी के जरिए लोग टीवी देखते हैं, उससे मिलते

जुलते तकनीक के आधार पर इन परिवहन साधनों में यह स्टार लिंक इंटरनेट सेवा बेहतर

तरीके से उपब्ध कराने की तैयारियां भी साथ साथ चल रही हैं।



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