Press "Enter" to skip to content

नियमों को ताक में निदेशक पद पर बैठाना चाहता है खेल विभाग: इकबाल







जालंधर: नियमों को ताक में हॉकी सोसाइटी के पूर्व सचिव इकबाल सिंह संधू ने सोमवार को आरोप  लगाया कि पंजाब खेल विभाग नियमों को ताक में रखकर तथा सरकार को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के लिए निदेशक (पाठ्यचर्या एवं प्रशिक्षण) पद पर अपने चहेते को नियुक्त करना चाहता है।

संधू ने पंजाब के मुख्यमंत्री, खेल मंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव (खेल) पंजाब और निदेशक, खेल विभाग, पंजाब को एक लिखित तथ्य आधारित शिकायत भेजी गई है, जिसमें मांग की गई है कि राज्य के खेल विभाग निदेशक (पाठ्यचर्या और प्रशिक्षण) के पद को भरने के लिए निर्देश/ नियमों को ताक में रखते हुए सरकार को वित्तीय नुकसान पहुंचा कर एक खास व्यक्ति को इस पद पर नियुक्त करने का प्रयास किया जा रहा है।

इसके लिए जारी विज्ञापनों पर तत्काल रोक लगाने के बाद, वर्ष 2020 में इसी पद के विज्ञापन की शर्तों के अनुसार विज्ञापन पुन: जारी करने की मांग के साथ-साथ सरकार को 75000 रुपये प्रति माह नुकसान पहुंचाने की जांच भी कराने की मांग की है।

सेवानिवृति के बाद हॉकी के लिए पूरी तरह से समर्पित संधू ने राज्य के खेल विभाग द्वारा समाचार पत्रों में प्रकाशित एक विज्ञापन के साथ अनुबंध के आधार पर निदेशक (पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण) की नियुक्ति के लिए विज्ञापन पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया है।

उन्होंने कहा कि खेल विभाग, पंजाब बैक एंट्री के माध्यम से पद पर एक विशेष व्यक्ति को नियुक्त करना चाहता है और साक्ष्य के तौर पर सरकार के निर्देशों के अनुसार भर्ती के लिए आयु सीमा अधिकतम 65 हो सकती है पर इस पद के लिएविज्ञापन में आयु सीमा को हटा दिया गया था, क्योंकि चहेता व्यक्ति पहले ही 65 वर्ष की आयु पार कर चुका है। यह इतिहास में अब तक बिना किसी आयु सीमा के  किसी पद के लिए पहला विज्ञापन है।

नियमों पर पांच वर्ष तक की छूट दी जा सकती है

संधू ने कहा कि पिछले साल वर्ष 2020 में, खेल विभाग, पंजाब द्वारा समाचार पत्रों में इसी ही निदेशक (पाठ्यचर्या और प्रशिक्षण) की नियुक्ति के लिए एक विज्ञापन प्रकाशित किया गया था इसमें आयु सीमा 60 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए लेकिन पात्र उम्मीदवारों मामले में पांच वर्ष तक की छूट दी जा सकती है। इस शर्त को हटाने से यह स्पष्ट हो जाता है कि एक ‘विशेष व्यक्ति’ के लिए निर्देशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार (कार्मिक विभाग) द्वारा 9 नवंबर 2021 को जारी ताजा निर्देश के अनुसार सेवानिवृत्त अधिकारियों/कर्मचारियों की पुनर्नियुक्ति पर रोक लगाते हुए सभी कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया है। इस ‘व्यक्ति’ को वित्तीय लाभ प्रदान करने के लिए ‘व्यक्ति’ के पुन: रोजगार, अन्य शर्तों को बदल दिया गया है। 

उनके अनुसार, खेल विभाग, पंजाब द्वारा वर्ष 2020 में उसी निदेशक (पाठ्यचर्या एवं प्रशिक्षण) की नियुक्ति के लिए समाचार पत्रों में एक विज्ञापन प्रकाशित किया गया था, जिसमें वेतन 1.25 लाख रखा गया था और नए विज्ञापन में वेतन दो लाख रुपए प्रति माह करके सरकार को 75000 रुपये प्रति माह वित्तीय नुकसान भी पहुंचाया गया।

मुझे नहीं पता कि यह नियुक्ति पिछले साल क्यों नहीं की गई। संधू ने कहा कि नए विज्ञापन में वर्ष 2020 के अनुभव के लिए शर्तें थीं, उन्हें भी बदल दिया गया और नई शर्तें इस तरह से बनाई गईं कि एक ‘विशेष व्यक्ति’ को उसकी उपलब्धियों के अनुसार नियुक्त किया जा सके।

नए विज्ञापन से स्पष्ट है कि ‘द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता’ होने की सबसे महत्वपूर्ण शर्तों में से एक को समाप्त ही कर दिया गया है जो कि प्रसिद्ध कोचों को उनकी उत्कृष्ट कोंिचग उपलब्धियों के लिए भारत सरकार द्वारा यह सम्मान दिया जाता है।

इस शर्त को हटा दिया गया है क्योंकि व्यक्ति विशेष इस शर्त को पूरा नहीं करता है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार मौजूदा विज्ञापन पर तत्काल प्रतिबंध लगाने के बाद वर्ष 2020 में उसी पद के लिए जारी विज्ञापन के नियम और शर्तों के अनुसार विज्ञापन को तुरंत फिर से जारी नहीं करती है, तो वह इस मामले को उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करने में तनिक भी नहीं हिचकियाएंगे।



More from ताजा समाचारMore posts in ताजा समाचार »
More from हॉकीMore posts in हॉकी »

One Comment

Leave a Reply

Mission News Theme by Compete Themes.
%d bloggers like this: