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बंदरों के आने जाने के लिए खास ब्रिज तैयार किया




रियो डी जेनेरियोः बंदरों के आने जाने के बीच से व्यस्त सड़क बनायी गयी थी। इसी सड़क से तेज रफ्तार से गुजरती गाड़ियों की चपेट में अक्सर ही बंदर आ रहे थे। ब्राजिल के खास प्रजाति गोल्डन लॉयन टेमारिन प्रजाति के बंदरों के संरक्षण के लिए अब एक खास ब्रिज तैयार कर लिया गया है। बंदरों ने भी इस ब्रिज का इस्तेमाल करना प्रारंभ कर दिया है। गाड़ियों की टक्कर से बचाने के लिए बंदरों के लिए यह ब्रिज सड़क के ऊपर से बनाया गया है। अब नीचे से तेज रफ्तार से गाड़ियां गुजरती रहती हैं और इस खास संरक्षित प्रजाति के बंदर ऊपर बनी ब्रिज से दोनों तरफ आना जाना करते रहते हैं। इससे उनके दुर्घटनाग्रस्त होने की संख्या में काफी कमी भी आयी है।




रियो डी जेनेरिया के पास ही इस ब्रिज को तैयार किया गया है। राजधानी से निकलने वाले मार्ग के दोनों तरफ घने जंगल है। इन्हीं जंगलों में इस खास प्रजाति के बंदरों की बड़ी आबादी रहती है। वे अपने स्वभाव के मुताबिक ही जंगल में कभी भी इधर से उधर आना जाना करते रहते हैं। इस जंगल के बीच से जब सड़क बनी तो तेज रफ्तार की गाड़ियों के नीचे अनेक बंदर सड़क पार करने के दौरान आत चले गये।




बंदरों ने भी इस ब्रिज से आना जाना सीख लिया है

पर्यावरण विशेषज्ञों की सलाह पर इसी इलाके में यह खास ब्रिज सिर्फ बंदरों के आने जाने के लिए बनाया गया है। ब्रिज को भी जंगल के जैसा ही रखा गया है ताकि उन्हें आने जाने में ऐसा ना लगे कि यह कोई जाल है। कुछ दिन के बाद अब बंदरों ने इसी ब्रिज को अपने आने जाने का रास्ता बना लिया है। अब ब्रिज के नीचे से तेज रफ्तार से गुजरने वाले वाहनों से भी उन्हें कोई परेशानी नहीं होती है।

इस ब्रिज के बनाने का मकसद सफल होने के बाद दुनिया में अन्य वन्य प्राणियों के संरक्षण के लिए भी ऐसे उपाय किये जाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। जंगलों के बीच से गुजरते सड़कों को पार करते वक्त अन्य जानवर भी गाड़ियों की तेज रफ्तार के पहले सड़क पार नहीं कर पाते हैं। कई बार जब जानवर एक तरफ से आते वाहन को देखते हैं तो दूसरी तरफ की गाड़ियों पर उनका ध्यान नहीं जाता। ऐसे में अगर सभी के लिए ब्रिज बन गया तो यह उनकी जान बचाने के लिए कारगर उपाय साबित होगा।



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