fbpx Press "Enter" to skip to content

भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा का राष्ट्रीय खबर को विशेष साक्षातकार

  • भाजपा असम में फिर से पूर्ण बहुमत के साथ ही अपनी सरकार बनायेगी

  • बांग्लादेश में हिंदू आबादी 23 फीसद से घटकर 3 फीसद हो गयी

  • अफगानिस्तान में 50 हजार सिक्ख थे अब दो हजार हैं

  • राहुल गांधी में हिम्मत है तो सीएए पर दस लाइन बोलें

  • पड़ोसी देशों में सताये गये लोगों को भी देखें

  • कांग्रेस के लिए देश से ऊपर वोट बैंक

  • यह कानून नागरिकता देने के लिए है

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटीः भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने नागरिकता कानून पर फिर से राहुल

गांधी को चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि उनमें अगर हिम्मत है तो संशोधित नागरिकता

कानून (सीएए) पर वह दस लाइन बोलकर दिखायें। उन्होंने असम के संदर्भ में स्पष्ट

किया कि भाजपा 2021 के चुनाव में भी पूर्ण बहुमत के साथ यहां सरकार बनाने जा रही है।

गुवाहाटी के लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे में आज राष्ट्रीय ख़बर

के साथ हुआ एक विशेष भेंट में श्री नड्डा ने कांग्रेस पर नए नागरिकता कानून को लेकर

अल्पसंख्यकों को गुमराह करने के लिए अभियान चलाने का आरोप लगाया। भाजपा के

कार्यकारी अध्यक्ष जे पी नड्डा ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी संशोधित

नागरिकता कानून (सीएए) के बारे में कुछ नहीं जानते हैं और उन्होंने इस पर उन्हें ’10

लाइन” (पंक्ति) बोलने की चुनौती दी। भाजपा नेता ने कहा, ”मैं राहुल गांधी को सीएए के

बारे में 10 लाइन बोलने और अधिनियम में वह जिस चीज का विरोध कर रहे हैं, उस बारे

में दो लाइन बोलने की चुनौती देता हूं।” नड्डा ने कहा, ”वह कुछ नहीं जानते हैं। वह लोगों

से कहते हैं वे अपने पासपोर्ट और आधार कार्ड से वंचित हो जाएंगे। लेकिन सीएए

नागरिकता देने के लिए है ना कि छीनने के लिए।

भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा कांग्रेस की सोच राजनीतिक

उन्होंने कहा, ”आप की (राहुल की) सोच में गड़बड़ी है क्योंकि आप सिर्फ राजनीति से प्रेरित

हैं। आप राष्ट्र को नहीं देखते बल्कि सिर्फ वोट बैंक को देखते हैं जिसे आपने राष्ट्र से ऊपर

रखा है। भाजपा के लिए, वोट से ऊपर देश है क्योंकि हम राष्ट्र के लिए प्रेम से प्रेरित हैं।”

नड्डा ने कांग्रेस नेतृत्व पर सीएए के विरोध के नाम पर घड़ियाली आंसू बहाने का आरोप

लगाया।

उन्होंने कहा, ”आपके (सोनिया गांधी के) पुत्र (राहुल) संसद में बयान नहीं देते बल्कि नारे

देते हैं। आप उन्हें वहां बोलने के लिए भेजते हैं लेकिन वह ऐसा नहीं करते। मुझे इस पार्टी

और इसके नेतृत्व की मानसिक योग्यता पर दुख है।” कांग्रेस पर अपना प्रहार जारी रखते

हुए नड्डा ने कहा, ”असम समझौता पर 1985 में हस्ताक्षर किए गए थे और देश पर 70

साल शासन करने के बावूद आप 2017 तक सोये रहे…।

उन्होंने कांग्रेस नेताओं को उन शिविरों में भी जाने की चुनौती दी जहां अफगानिस्तान,

पाकिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक आधार पर प्रताड़ना का सामना करने के चलते उन

देशों से पलायन कर आए गैर मुस्लिम रह रहे हैं ताकि वे उनकी दशा खुद देख सकें। नड्डा

ने धार्मिक आधार पर प्रताड़ित किए गए इस तरह के लोगों को शरण देने के महात्मा गांधी

के कथन, उसके बाद प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा ऐसे लोगों को राहत कोष

देने की इच्छा जताना और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा इन लोगों के लिए भारत

में व्यवस्था करने के बारे में कहे जाने का भी जिक्र किया। भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष ने

कहा, ”पलायन कर भारत में आए ये लोग कहां जाएंगे?

मोदी और अमित शाह की पहल देश हित में है

नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने अधिनियम में संशोधन लाया ताकि वे लोग गरिमा एवं

सम्मान से जी सकें।” उन्होंने असम के लोगों की इन आशंकाओं को दूर करने की कोशिश

की कि सीएए से उनकी भाषा, पहचान और संस्कृति को खतरा पैदा होगा। भाजपा ने कहा

कि सीएए का जो लोग विरोध कर रहे हैं वे इसे पूरी तरह से नहीं समझ रहे हैं, जबकि अन्य

लोग इसे समझना नहीं चाहते। उन्होंने कांग्रेस पर झूठ और दुष्प्रचार से सीएए के बोर में

लोगों को उकसाने का अरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस यह झूठ फैला रही है

कि सीएए के चलते करोड़ों बांग्लादेशी असम में आ जाएंगे l उन्होंने जोर दिया कि नया

कानून तीन पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने के बारे में है, ना कि किसी

की नागरिकता लेने के लिए है। अधिकतर विपक्षी दल सीएए का यह कहकर विरोध कर रहे

हैं कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आये लोगों को धर्म के आधार पर

नागरिकता देना सही नहीं है। इस संदर्भ में नड्डा ने कहा कि संशोधित कानून में उन लोगों

के साथ न्याय हुआ जिनका इन देशों में उत्पीड़न हुआ और जो अपने अधिकारों से वंचित

रहे। उन्होंने कहा कि इसने कांग्रेस के दिये जख्मों पर मरहम लगाने का काम किया।

नागरिकता संशोधन के बार में गलत सूचनाएं फैलायी गयी

विशेष साक्षात्कार में श्री नड्डा ने आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस ने बिल-अधिनियम

के बारे में गलत सूचना फैलाने का काम किया और नागरिकता अधिनियम के विवादास्पद

संशोधन की तर्ज पर, जिसने देशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया है। श्री नड्डा ने कहा कि यह

सीएए के बारे में “अज्ञानता” है। नड्डा ने कहा, “हम नागरिकता दे रहे हैं और किसी की

नागरिकता नहीं ले रहे हैं।” नड्डा ने आगे कहा कि सीएए उन लोगों के लिए एक अवसर है,

जो भारत में पहले से ही गरिमा के साथ रहते हैं।

गैर मुसलमान पड़ोसियों की चिंता हमें करनी होगी

नागरिकता संशोधन अधिनियम का समर्थन करते हुए, नड्डा ने कहा कि गैर-मुस्लिम

पड़ोसी देशों में पीड़ित रहे हैं। श्री नड्डा ने बांग्लादेश का उदाहरण दिया, जहां आजादी के

दौरान हिंदुओं का प्रतिशत 23% से कम होकर 3% हो गया है। नड्डा ने यह भी कहा कि

जब अफगानिस्तान में कभी 50,000 सिख थे, अब उनकी संख्या केवल 2000 है। महात्मा

गांधी ने एक बार कहा था कि विभाजन के दौरान सताए गए अल्पसंख्यकों को भारत में

नागरिकता दी जाएगी। यहां यह उल्लेख किया जा सकता है कि संशोधित नागरिकता

कानून उन तीन पड़ोसी देशों (पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान) से

अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का प्रयास करता है जो धार्मिक उत्पीड़न के कारण 31

दिसंबर 2014 तक भारत पहुंचे। नड्डा ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा। उन्होंने यह भी

सुझाव देने की कोशिश की कि सीएए पूर्वोत्तर सहित असम में विदेशियों की आमद को

बढ़ावा देगा।

भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा असम के हितों की पूरी रक्षा की जाएगी

ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (एएएसयू) सहित स्थानीय समूह राज्य में बड़े पैमाने पर

सीएए के विरोध का नेतृत्व कर रहे हैं, यह आरोप लगाते हुए कि कानून असम समझौते के

खिलाफ था। असम समझौते ने 24 मार्च, 1971 को राज्य में निवास की कट-ऑफ तारीख

तय की और बाकी को निर्वासित करने का वादा किया। सीएए में कट-ऑफ डेट दिसंबर

2014 है।नड्डा ने कहा, “असम की संस्कृति की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है, यह भारत

माता की जिम्मेदारी है जिसे हम पूरा करेंगे।”

हमने जो कहा था वह कर दिखाया हैःनड्डा

पिछले साल, केंद्र ने असम समझौते के खंड 6 के कार्यान्वयन के लिए एक उच्च-स्तरीय

समिति का गठन किया था, जो कहती है, “सांस्कृतिक रूप से सुरक्षा, संरक्षण और संवर्धन

के लिए संवैधानिक, विधायी और प्रशासनिक सुरक्षा उपाय, उपलब्ध कराए जा सकते हैं। ,

सामाजिक, भाषाई पहचान और असमिया लोगों की विरासत। “इस बीच, भाजपा के

राष्ट्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष जेपी नड्डा ने दावा किया कि भाजपा 2021 के चुनाव में कम

से कम दो तिहाई बहुमत के साथ फिर से राज्य में सरकार बनाएगी। सीएए के बारे में

नड्डा ने कहा कि भाजपा पार्टी चुनावी मुकाबले में प्रवेश करने के लिए चुने जाने पर सभी

राजनीतिक दलों से लड़ने के लिए तैयार है।

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
More from देशMore posts in देश »

5 Comments

Leave a Reply

Open chat
Powered by