कैलिफोर्निया के हैनफोर्ड में गिरा अंतरिक्ष से जला हुआ पदार्थ

कैलिफोर्निया के हैनफोर्ड में गिरा अंतरिक्ष से जला हुआ पदार्थ
  • वैज्ञानिकों के लिए अब नई परेशानी 

  • भीड़ के इलाके में होता तो बड़ा नुकसान

  • तकनीकी तौर पर जल जाना चाहिए था

  • अंतरिक्ष में मौजूद हैं ऐसे अनेक कबाड़

प्रतिनिधि



नईदिल्लीः कैलिफोर्निया के हैनफोर्ड इलाके में अंतरिक्ष से कबाड़ का एक बड़ा टुकड़ा गिरा है।

चूंकि वह स्थान सुनसान था, इसलिए कोई नुकसान नहीं हुआ।

वरना आकार में इतने बड़े आकार के कचड़ा के  गिरने से बड़ा नुकसान भी हो सकता था।

यह नुकसान और भी अधिक होता क्योंकि गिरते वक्त इसकी रफ्तार बहुत तेज थी और यह जलती हुई अवस्था में नीचे आया था।

आकार में यह किसी गुंबद की तरह है। इस कबाड़ को एक बगीचे में पाया गया है।

देखने पर यह धातु से बना आकार पूरी तरह जला हुआ और पिचका हुआ है।

इसे सबसे पहले देखने वाले वहां के किसान ने तुरंत ही पुलिस को इसकी सूचना दी।

कैलिफोर्निया की पुलिस से सूचना पाकर वायुसेना के विशेषज्ञ भी घटनास्थल पर पहुंचे।

वैज्ञानिक जांच से पता चल गया कि यह किसी सैटेलाइट के ईंधन की टंकी है।

यह ईंधन की टंकी शायद उस बेकार हो चुके सैटेलाइट से टूटकर गिरी है, जो अमेरिका ने वर्ष 1998 के आस-पास अंतरिक्ष में भेजे थे।

ईँधन की टंकी के आकार के आधार पर यह समझा गया है कि यह दरअसल इरेडियम 70 से अंतरिक्ष में भेजे गये किसी सैटेलाइट का हिस्सा है।

पिछले 10 अक्टूबर को यह कबाड़ हो चुका सैटेलाइट अपने पथ से हट गया था।

उसके बाद ही यह इधर उधर भटकते हुए और टुकड़ों में बिखर गया होगा, ऐसा वैज्ञानिकों का अनुमान है।

शायद टूट जाने की वजह से ही इसके ईंधन की टंकी गुरुत्वाकर्षण के दबाव में नीचे आ गिरी है।

अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने पृथ्वी से कम दूरी पर चक्कर काटने वाले सैटेलाइटों के लिए इरेडियम 70 का इस्तेमाल ईंधन के तौर पर किया था।

इरेडियेम के कई प्रकार वाले सैटेलाइट अंतरिक्ष में भेजे गये थे।

कैलिफोर्निया की घटना ने बढ़ा दी वैज्ञानिकों की चिंता

यह सभी दरअसल दूरसंचार के लिए काम आने वाले सैटेलाइट हैं।

इसकी मदद से दुनिया भर में सैटेलाइट फोनों का इस्तेमाल भी किया जाता है।

वर्तमान में सिर्फ इरेडियम 73 का एक ही सैटेलाइट काम कर रहा है।

इस ईंधन की टंकी के गिरने ने वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है।

वैज्ञानिक गणना के मुताबिक इस किस्म के किसी भी कबाड़ के इस आकार में पृथ्वी पर गिरने की कोई उम्मीद नहीं थी।

अब चूंकि यह कबाड़ गिर चुका है तो यह आशंका बढ़ गयी है कि

और भी बड़े आकार के सैटेलाइट कबाड़ कभी भी पृथ्वी पर कहीं भी गिर सकते हैं।

किसी भीड़भाड़ वाले इलाके में इनके गिरने पर ज्यादा नुकसान होने की आशंका है।

इन्हें कुछ इस तरह डिजाइन किया गया है कि अगर वे गलती से पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण की सीमा में आ जाएं तो छोटे छोटे टुकड़ों में बंट जाएंगे।

लेकिन इस मामले में चूंकि ऐसा नहीं हुआ है, इसलिए वैज्ञानिक नये सिरे से इनकी डिजाइन की भी समीक्षा कर रहे हैं

ताकि भविष्य में होने वाले किसी खतरे को टाला जा सके।



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