fbpx Press "Enter" to skip to content

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव आजम से मिले

लखनऊः समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरूवार को सीतापुर जेल में बंद

पार्टी सांसद आजम खां से मुलाकात की। श्री यादव दोपहर लखनऊ से सीतापुर जिला

कारागार पहुंचे और रामपुर के सांसद आजम खां, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम और

विधायक पत्नी तंजीन फातमा से मुलाकात की। श्री यादव के साथ विधान पार्षद आनंद

भदौरिया, विधायक नरेंद्र वर्मा समेत कुछ अन्य नेता भी थे।

पूर्व मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के सांसद से उनके बैरक में जाकर मुलाकात की। दोनो

के बीच काफी देर तक गुफ्तगू हुयी। उन्होने सपा सांसद को परिवार संग जेल भेजे जाने की

घटना को राजनीतिक साजिश करार दिया। गौरतलब है कि रामपुर की एक अदालत ने

बुधवार को सपा सांसद,उनके बेटे अब्दुल्ला और पत्नी तंजीन फातमा को फर्जी जन्म

प्रमाणपत्र के मामले में दो मार्च तक के लिये जेल भेज दिया था जहां से उन्हे सुरक्षा कारणों

के चलते सीतापुर जेल भेज दिया गया। इससे पहले श्री अखिलेश यादव का श्री खां से

सीतापुर जेल में मिलने का कार्यक्रम था और इसके लिये उन्होने बरेली तक के लिये एक

निजी विमान भी बुक करा लिया था जहां से उन्हे कार द्वारा रामपुर जाना था लेकिन आज

सुबह सपा सांसद को सीतापुर जेल भेजे जाने की सूचना पर उन्होने अपना पूर्व निर्धारत

कार्यक्रम निरस्त कर दिया और सीतापुर जाने के लिये निकल पडे।

इस बीच सीतापुर जेल अधीक्षक डी सी मिश्रा ने पत्रकारों को बताया कि सपा सांसद और

उनके पुत्र अब्दुल्ला को जेल परिसर में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया है जबकि श्रीमती

तंजीम फातिमा को महिला बैरक में जगह दी गयी है। आरोप है कि वर्ष 2017 के

विधानसभा चुनाव में अब्दुल्ला आजम ने नामाकंन से समय फर्जी जन्म प्रमाणपत्र का

इस्तेमाल किया था।

समाजवादी पार्टी के नेताओं के आने से सीतापुर जेल में सुरक्षा कड़ी

पिछले सोमवार को रामपुर के अपर जिला जज धीरेन्द्र कुमार ने खां परिवार की अग्रिम

जमानत याचिका नामंजूर कर दी थी और उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने

के साथ उनकी संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया था। याचिका नामंजूर होने के बाद श्री

खां ने परिवार के सदस्यों के साथ बुधवार अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था जिसके

बाद उन्हे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। रामपुर के भाजपा नेता आकाश

सक्सेना ने तीन जनवरी 2019 को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करायी थी कि अब्दुल्ला आजम ने

दो जन्म प्रमाणपत्र का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी की। इस सिलसिले में पुलिस ने पिछले

साल अप्रैल में आरोपपत्र अदालत में प्रेषित किया जिसमें कहा गया कि आजम के पुत्र दो

पासपोर्ट और कई पैन कार्ड का इस्तेमाल करते हैं। एक जन्म प्रमाणपत्र रामपुर नगर

निगम ने जारी किया है जिसमें जन्म की तारीख एक जनवरी 1993 है जबकि दूसरे जन्म

प्रमाणपत्र में उनका जन्म 30 सितम्बर 1990 में लखनऊ में दर्शाया गया है। एक मामला

श्री आजम खां और उनकी पत्नी तंजीन फातमा के खिलाफ है जिन्होने अब्दुल्ला के दूसरे

जन्म प्रमाणपत्र के हलफनामा पर दस्तखत किये हैं। श्री खां रामपुर संसदीय क्षेत्र का

प्रतिनिधित्व करते है जबकि उनकी पत्नी रामपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती

हैं।


 

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
More from अदालतMore posts in अदालत »

Be First to Comment

Leave a Reply

Open chat
Powered by