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दक्षिण पश्चिमी मॉनसून का झारखंड में बेहतर आगाज

  • पहले दिन खेती के लिए अच्छी बारिश

  • पूरे राज्य के ऊपर बादल छाये हुए हैं

  • ठनका गिरने की घटनाओं में वृद्धि हुई

  • हल्की फुहार से खेती को काफी लाभ

संवाददाता

रांचीः दक्षिण पश्चिमी मॉनसून का आज विधिवत आगाज हो गया। यूं तो पहले से ही

झारखंड के अधिकांश इलाकों में मॉनसून पूर्व की बारिश हो रही थी। लेकिन मौसम विज्ञान

विभाग के मुताबिक आज से जो बारिश प्रारंभ हुई है, वह मॉनसून के बादलों की है। कल

रात से ही बारिश के आसार बन जाने की वजह से देर रात से ही बूंदाबांदी प्रारंभ हो चुकी

थी। आज रविवार के दिन की शुरुआत भी हल्की बारिश से हुई। कुछ इलाकों में झमाझम

बारिश होने की सूचना के बीच भी यह बारिश खेती के लिहाज से बेहतर मानी गयी है।

दरअसल हल्की फुहारों के साथ होने वाली बारिश का पानी बह जाने के बदले धीरे धीरे

जमीन के अंदर प्रवेश कर पाता है। इससे जमीन नर्म होने के साथ साथ भूगर्भस्थ जल

स्तर में भी सुधार होता चला जाता है। इसी वजह से दक्षिण पश्चिमी मॉनसून की इस

बारिश की शुरुआत को कृषि कार्यों के लिए बेहतर माना गया है।

गूगल अर्थ से दिख रहे हालात के मुताबिक पूरे झारखंड के आसमान पर अभी दक्षिण

पश्चिमी मॉनसून के बादल छाये हुए हैं। हर इलाके से कमोबेशी बारिश की भी सूचनाएं है।

लेकिन इस बीच पूर्व की भांति पहाड़ी इलाकों में अचानक बिजली गिरने की घटनाएं पहले

से शायद बढ़ी हुई है। अनेक इलाकों में इस बिजली गिरने की वजह से लोगों के मरने और

घायल होने के अलावा काफी संख्या में मवेशियों के मारे जाने की सूचनाएं मिली है।

दक्षिण पश्चिमी मॉनसून की वजह से पूरे राज्य में बारिश

बारिश के बारे में पहले से ही सूचना होने की वजह से किसान पहले से ही खेती की

तैयारियों में जुट गये थे। इसलिए रांची और आस पास के इलाकों में दक्षिण पश्चिमी

मॉनसून के पहले ही दिन अधिकांश किसानों को उनके खेतों पर रोपनी की तैयारियों का

इंतजाम करते देखा गया। धीमी बारिश होने की वजह से जमीन में नमी होने की वजह से

अब हल चलाने की भी तैयारी होने लगी है। दूसरी तरफ ग्रामीण इलाकों में प्रखंड कार्यालयों

के माध्यम से किसानों को उन्नत बीज वितरण का काम भी प्रारंभ हो गया है। वैश्विक

महामारी से उत्पन्न आर्थिक संकट को दूर करने के लिए सरकार ने पहले से ही कृषि के

माध्यम से भारतीय अर्थव्यवस्था को सुधारने की पहल की बात कही है। इसी सूचना के

आधार पर पहले से तैयार बैठे किसान बारिश प्रारंभ होते ही अपने काम में जुट गये हैं।

शहर में रविवार का दिन होने की वजह से सड़कों पर औसत से काफी कम चहल पहल रही।

वैसे भी अनेक किस्म की दुकानों के कल खुलने का एलान होने की वजह से लोगों ने

रविवार का दिन घर पर ही व्यतीत करना पसंद किया। इस दौरान वे हल्की हल्की बारिश

की फुहारों का आनंद लेते रहे।


 

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