भारतीय कृषि में सौर ऊर्जा का योगदान महत्वपूर्ण

भारतीय कृषि में सौर ऊर्जा का योगदान महत्वपूर्ण
Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

भारतीय प्रोद्योगिकी में सौर ऊर्जा दिनोंदिन महत्वपूर्ण होती जा रही है।

सिर्फ यह स्थिति अपने देश में ही नहीं है बल्कि दुनिया के सभी देश

अब स्वच्छ और पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाने वाली ऊर्जा की तरफ उम्मीद लगाये बैठे हैं।

जिस तेजी से पृथ्वी का वातावरण गर्म हो रहा है, उससे पृथ्वी को नष्ट होने से बचाने के लिए जरूरी है कि

हम इस गर्मी को कम करने के लिए भरसक प्रयास करें।

वर्तमान में ताप विद्युत उत्पादन केंद्र भी इस वायुमंडल की गर्मी और प्रदूषण का एक मुख्य कारण बना हुआ है।

इसलिए अब अपनी क्षमता के अनुसार सभी देश क्लीन एनर्जी की तरफ भाग रहे हैं।

ऐसे में भारत सरकार ने अपने किसानों के लिए खास योजना प्रारंभ कर

सौर ऊर्जा से कृषि क्षेत्र को लाभ पहुंचाने की जो कोशिश की है, उससे सिर्फ किसानों को ही नहीं

बल्कि पूरे देश को फायदा होगा।

केंद्र सरकार ने किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (कुसुम) योजना को शुरू करने की मंजूरी दे दी।

इस योजना के लिए केंद्र सरकार 34,422 करोड़ रुपये का वित्त उपलब्ध कराएगी।

इसका मकसद 2022 तक 25.75 गीगावाट की सौर ऊर्जा क्षमताओं का दोहन कर

किसानों को वित्तीय और जल सुरक्षा उपलब्ध कराना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में

यह निर्णय किया गया।

योजना के तहत नवीकरणीय ऊर्जा संयंत्रों से 10,000 मेगावाट के भूमि के ऊपर बनाए गए

ग्रिडों को जोड़ने, 17.50 लाख सौर ऊर्जा चालित कृषि पंपों को लगाने और 10 लाख ग्रिड से जुड़े

सौर ऊर्जा चालित कृषि पंपों का सौरकरण करने का काम किया जाना है।

इस योजना का लक्ष्य 2022 तक 25,750 मेगावाट सौर क्षमता को जोड़ना है।

इस योजना के अंतर्गत केन्द्र सरकार 34,422 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।

दस हजा़र मेगावॉट का बिजली संयंत्र, सौर ऊर्जा से चलने वाले 17.50 लाख कृषि पंप और दस लाख ग्रिड से जुड़े सौर ऊर्जा के कृषि पंप लगाए जाएंगे।

इस योजना से कार्बन डाईआक्साइड में कमी आएगी और वायुमंडल पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

योजना के तीनों घटकों को सम्मिलित करने में पूरे वर्ष में कार्बन डाईआक्साइड उत्सर्जन में 2.7 करोड़ टन की कमी आएगी।

सौर कृषि पंपों से प्रतिवर्ष 1.2 अरब लीटर डीजल की बचत होगी।

इससे कच्चे तेल के आयात में खर्च होने वाली विदेशी मुद्रा की भी बचत होगी।

इस योजना में रोजगार के प्रत्यक्ष अवसरों को सृजित करने की क्षमता है।

स्वरोजगार में वृद्धि के साथ इस योजना से कुशल व अकुशल श्रमिकों के लिए 6.31 लाख रोजगार के नए अवसरों के सृजन होने की संभावना है।

जाहिर है कि इससे एक तरफ जहां किसान सौर ऊर्जा उपकरणों का फायदा

अपनी खेती में उठायेंगे, दूसरी तरफ सरकारी संरक्षण की वजह से उनकी कृषि की लागत भी कम होगी।

वर्तमान में सिंचाई के लिए डीजल चालित पंपों के इस्तेमालमे ईंधन की खऱीद

का मसला भी किसानों को परेशान करता है।

सौर ऊर्जा चालित संयंत्रों को होने की स्थिति में इस ऊर्जा खऱीद का खर्च शून्य हो जाएगा।

वर्तमान परिवेश में लगभग पूरे देश में सूरज की रोशनी की उपलब्धता है,

जो हर इलाके के किसान को खेती के लिए सौर ऊर्जा संचालित उपकरणों की मदद लेने में सहायक साबित होगा।

यह जान लेना भी जरूरी है कि वर्तमान में भारत में पिछले वर्ष डीजल की कुल खपत वर्ष 2017 के मुकाबले लगभग दोगुनी हो गयी थी।

यह निश्चित तौर पर भारतीय अर्थव्यवस्था और पर्यावरण के लिए खतरे का संकेत है।

भारत पूरी दुनिया में डीजल की खपत करने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश है।

इसमें से अधिकांश हिस्सा खेती के काम में खर्च होता है।

विशेषज्ञों ने यह पाया है कि मॉनसून के मौसम में खेती आधारित उपकरणों को चलाने के लिए डीजल की खपत अचानक से बढ़ जाया करती है।

भारत में प्रति माह डीजल की औसत खपत 66 लाख टन है।

इसकी खरीद पर जो विदेशी मुद्रा खर्च होता है, उसमें कटौती भी सीधे तौर पर भारतीय अर्थव्यवस्था को फायदा पहुंचाने वाली साबित होगी।

अब अगर सौर ऊर्जा संचालित उपकरणों की मदद से भारत में खेती होने लगे

तो जाहिर तौर पर डीजल खरीद के मद में किसानों का जो पैसा खर्च होता है, उसकी बचत होगी।

इससे ग्रामीण भारत में नकदी का प्रवाह तेज होगा क्योंकि वर्तमान में

डीजल खरीदने पर होने वाले भुगतान का कोई प्रत्यक्ष लाभ ग्रामीण भारत को नहीं मिल पाता।

सौर ऊर्जा से कृषि कार्य संचालित होने की स्थिति में प्रदूषण की स्थिति में भी

गुणात्मक बदलाव एक ही वर्ष में नजर आने लगेगा।

यह दोनों ही भारत के विकास और पर्यावरण सुधार के लिए अब जरूरी हो चुके हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.