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ढाका में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन के छह लोग पकड़े गये

प्रतिनिधि

ढाकाः ढाका में प्रतिबंधित संगठन अंसान अल इस्लाम के छह सदस्यों को रैब

(रैपिड एक्शन बटालियन) की 4 नंबर टुकड़ी ने धर दबोचा है। दरअसल वहां इनदिनों

बांग्लादेश के सबसे बड़े आतंकी हमले पर अदालती फैसला आने के पहले ही सतर्कता

बरती जा रही है। सेना ने ढाका में उत्तरा, गाजीपुर, सातक्षीरा और श्यामनगर इलाके में

यह अभियान चलाया था। इस अभियान के दौरान रैब ने शफीकुल इस्लाम उर्फ सागर

उर्फ सलमान मुक्तादिर, इलियास हावलादार उर्फ खत्ताब, इकरामुल इस्लाम उर्फ आमीर

हमजा, आमीर हुसैन उर्फ तौहिदी, शिपन मीर उर्फ अब्दुर रब एवं वलीउल्लाह उर्फ अब्दुर

रहमान को गिरफ्तार किया है। यह सभी 35 से लेकर 21 वर्ष के लोग हैं। इन्हे गिरफ्तार

किये जाने के बाद उनके पास से उग्रवादी गतिविधियों से संबंधित किताब और पोस्टरों के

अलावा मोबाइल, लैपटॉप तथा आतंकी ट्रेनिंग के काम आने वाली अन्य सामग्री भी

बरामद किये गये हैं।

ढाका के कौरानबाजार स्थित रैब के मीडिया सेंटर में रैब के कमांडेंट अतिरिक्त डीआइजी

मोहम्मद मोजम्मल हक ने इसकी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि पकड़े गये सभी

लोग प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन अंसार अल इस्लाम के सदस्य हैं। जो काफी समय से

इस्लामी कट्टरवाद गतिविधियों का संचालन कर रहे थे। इनलोगों ने इसी क्रम में पिछले

दो वर्षों मे अनेक आपराधिक घटनाओं को भी अंजाम दिया है।

ढाका में सरकार की तरफ से इन संगठनों पर कड़ी नजर

मालूम हो कि गत 5 मार्च 2017 को इस संगठन को प्रतिबंधित कर दिया गया था। इसके

बाद कई अन्य संगठनों को भी इसी तरीके से प्रतिबंधित किया गया था। सभी नाम बदल

बदलकर आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। गिरफ्तार होने के बाद इन लोगों

ने खुद को अल कायदा का इस क्षेत्र का प्रतिनिधि संगठन के तौर पर प्रचारित करना

स्वीकार किया है। बांग्लादेश में इस किस्म के संगठनों को प्रतिबंधित करने का काम वर्ष

2005 से ही चल रहा है। अब पकड़े जाने के बाद इन आतंकवादियों ने स्वीकार किया है कि

इस दौरान उनलोगों ने ब्लाग लेखक अहमद राजीव, के साथ साथ कई अन्य लेखकों और

ब्लागरों के साथ साथ समकामी संगठन की वकालत करने वालों की भी हत्या की है।

सबसे बड़े आतंकवादी घटना का अदालती फैसला 27 को

इधर ढाका सहित पूरे देश में बांग्लादेश के सबसे बड़े आतंकी हमले को लेकर भी सतर्कता

बरती जा रही है। गत 1 जुलाई 2016 को यह हमला ढाका के गुलशन आर्टिजन में हुआ

था। इस स्थान पर जब हमला हुआ था तो विदेशी नागरिक अधिक थे। उनके बीच

अचानक ही हथियारबंद होकर आये युवकों ने गोलियां दागी थी। इनलोगों ने खुद को

आइएस का संगठन बताया था।

बांग्लादेश के इस सबसे बड़े आतंकवादी हमले में 20 लोग मारे गये थे। इस क्रम में

आतंकवादियों के हमले में दो पुलिस अधिकारी भी मारे गये थे। बाद में सेना के कमांडों के

आ पहुंचने के बाद आतंकवादियों मे से पांच लोग मारे गये थे। इसी मामले पर अदालती

फैसला आगामी 27 नवंबर को आने वाला है।

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