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श्री अग्रसेन स्कूल में छह दिवसीय स्मार्ट गर्ल ट्रेनिंग संपन्न

  • माता-पिता से बनाएं सामंजस्य, हर समस्या का होगा समाधान

रांचीः श्री अग्रसेन स्कूल में छह दिवसीय स्मार्ट गर्ल ट्रेनिंग संपन्न। बेटियों ने माता-पिता

को कहा थैंक्स। श्री अग्रसेन स्कूल भुरकुंडा व भारतीय जैन संगठन के तत्वावधान में चल

रहे छह दिवसीय स्मार्ट गर्ल प्रशिक्षण वेबिनार का समापन हुआ। अंतिम दिन छात्राएं

अपने अभिभावकों के साथ इस ट्रेनिंग में जुड़ी थीं। इस दौरान बेटियों को आत्मविश्वास

बनाए रखने, प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करने, आत्मरक्षा, माता-पिता के साथ

संवाद कैसा हो, जीवन में चुनौतियों से लड़ने आदि की ट्रेनिंग दी गई। ट्रेनर शोभना जैन ने

कहा कि यदि कोई दोस्त आपकी बेवजह तारीफ करता है और गिफ्ट या प्रलोभन देता है,

तो उससे दूरी बना लीजिए। ऐसे लोग सच्चे मित्र नहीं हो सकते। वह चाहे लड़का हो या

लड़की। अच्छे व हितैषी दोस्त वही होते हैं जो सच्ची और अच्छी सलाह दें। शोभना जैन ने

कहा कि माता-पिता का अनुभव जीवन को सही दिशा देता है। माता-पिता से सामंजस्य

बनाए रखने से कई समस्याओं का हल स्वतः निकल जाता है। रिश्तों में मजबूती आती है।

उन्होंने बेटियों को अपने माता पिता से सामंजस्य बनाने व उनसे हर बात शेयर करने की

कला सिखाई। वेबिनार में ऑब्जर्वर सरला जैन ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लिए

बेटियों व मातृशक्ति को सक्षम एवं स्वावलंबी बनाने की आवश्यकता है। स्कूल के

निदेशक प्रवीण राजगढ़िया ने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों पर विश्वास करना सीखें।

उन्हें इतना दृढ़ बनाएं कि वह अपनी आत्मरक्षा खुद कर सकें। जमाने के डर से उनका

आत्मसम्मान कम कर नकारात्मकता को बढ़ने न दें।

श्री अग्रसेन स्कूल में शिविर में दी गयी खास नसीहतें

ट्रेनिंग के दौरान छात्राओं ने अपने माता-पिता के समक्ष अपनी बातों को खुलकर साझा

किया और गले लगाकर उन्हें थैंक्स कहा। बेटियों को अपने आप को समझना उनके लिए

अभूतपूर्व रहा। ट्रेनरों ने अभिभावकों को भी आवश्यक बिंदुओं पर जागरूक किया। वेबिनार

का संचालन प्राचार्या नीलकमल सिन्हा ने किया। ट्रेनर अमिता जैन ने छात्राओं को सेल्फ

डिफेन्स के बारे में बताते हुए कहा कि महिला हेल्पलाइन (1090) व चाइल्ड हेल्पलाइन

(1098) के बारे में सभी को पता होना चाहिए। कहा कि यदि आपके पास स्मार्ट फोन है, तो

घर से बाहर निकलने पर अपने परिवार के सदस्यों के साथ लाइव लोकेशन को अवश्य

शेयर करें। उन्होंने छात्राओं को रास्ते में छेड़छाड़ या दुर्घटना की स्थिति में आत्मसम्मान

व आत्मरक्षा के तरीके समझाए। कहा कि खराब माहौल के कारण अभिभावक बेटियों पर

बेटों की अपेक्षा अधिक बंदिशे रखते हैं। अभिभावक का मकसद बेटियों की सुरक्षा होती है।

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