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पत्थलगड़ी नहीं आपराधिक घटनाओं की वजह से मारे गये सातों लोग

  • गांव की सामूहिक बैठक में आक्रामक हुए थे अपराधी

  • पांच घरों में गुरुवार को की गयी थी तोड़ फोड़

  • नाराज ग्रामीण सभी नौ लोगों को पकड़ लाये थे

  • घटना के बाद नौ में से दो लोग अब भी गायब

विशेष प्रतिनिधि

चाईबासाः पत्थलगड़ी का विरोध करने की वजह से सात लोगों की हत्या की बात अब जांच

में गलत साबित हो रही है। घटनास्थल का दौरा और वहां के लोगों से हुई बात-चीत से यही

निष्कर्ष निकलता है कि सात लोग सिर्फ आपराधिक घटनाओं में शामिल होने तथा गांव

की बैठक में हमला करने की वजह से मारे गये हैं। इस घटना को लेकर राजनीतिक तूफान

भी खड़ा किया गया है। खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस घटना की जांच और दोषियों के

खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिये हैं।

वीडियो में देखिये क्या कहते हैं अधिकारी

मालूम हो कि पश्चिमी सिंहभूम जिला के घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र सोनवा थाना अंतर्गत

बुरुकेला गांव में 7 लोगों की नृशंस हत्या कर दी गयी थी। इस नरसंहार की सूचना

सार्वजनिक होते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। यह घटना रविवार की है। इस घटना

के बाद तेजी से अचानक यह प्रचारित हुआ कि जो लोग मारे गये वे दरअसल पत्थलगड़ी

के विरोधी थे। अब सरकार द्वारा पत्थलगड़ी के मामले वापस लेने की घोषणा के बाद

उनपर हमला किया गया। जांच में यह बात पूरी तरह गलत प्रमाणित हो रही है। वहां के

लोगों ने बताया कि गुरुवार के दिन बुरुकेला गांव में तीन मोटरसाइकिल पर सवार 9 युवक

पहुंचे और पांच घरों में जमकर तोड़फोड़ की।

पत्थलगड़ी नहीं हमला की जवाबी कार्रवाई की ग्रामीणों ने

इस तोड़फोड़ की घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने रविवार के दिन बैठक बुलाई।

हालांकि बैठक में तोड़फोड़ करने वाले सभी 9 युवक को लाया गया। उधर बैठक शुरू होते ही

दो युवक भाग निकले। बैठक जारी रहने के क्रम में शेष सात लोग अचानक ग्रामीणों के

खिलाफ ही आक्रामक हो गये। इसी कारण जो तनाव उपजा उसमें ग्रामीणों ने मिलकर इन

सभी सात आरोपियों को पीटना चालू किया। इस क्रम में और तनाव उपजने के बाद

ग्रामीणों ने सभी सातों अपराधियों की सेंदरा (घेरकर हत्या) कर उनकी लाशों को पहाड़ के

नीचे कैनाल में फेंक दिया। बैठक के पहले ही वहां से भाग निकलने वाले दोनों युवक अब

भी गायब हैं। पुलिस का कहना है कि वर्चस्व की लड़ाई को लेकर या घटना घटी है मुखिया

और उप मुखिया के बीच पहले से ही लड़ाई चल रही थी। हालांकि कुछ लोग पत्थलगड़ी का

रूप देने में लगे थे लेकिन पुलिस और प्रशासन ने इस मामले से साफ इंकार कर दिया है

गांव के लोगों का भी कहना है कि आपसी रंजिश में ही हत्या हुई है फिलहाल पुलिस ने तीन

लोगों को गिरफ्तार किया है और उससे पूछताछ कर रही है।

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