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सात सौ घरों के लोगों को यह गांव छोड़कर जाना पड़ेगा




शांत वातावरण में रहने का एक सुंदर इलाका
कई लोग दूसरे स्थानों से यहां आकर बसे थे
कभी भी अचानक पूरा इलाका डूब सकता है
मौसम के बदलाव से इसके डूबने का खतरा

फेयरबोर्नः सात सौ घरों का यह गांव अब वीरान होने जा रहा है। सरकार ने वहां के लोगों को




गांव खाली करने का आदेश दे दिया है। दरअसल यह कोई पीड़ित करने की कार्रवाई नहीं है।

दरअसल वैज्ञानिकों ने यह बता दिया है कि मौसम के बदलाव की वजह से इस गांव के समुद्र में

समा जाने का खतरा निकट आ गया है। इसी खतरे की वजह से वहां रहने वाले निवासियों को

वहां से हटने का आदेश दिया गया है। इस फैसले से गांव में रहने वाले नाखुश हैं। अनेक लोगों

को यह जबरन की जाने वाली कार्रवाई महसूस हो रही है। नाराज लोगों में से कुछ लोग सरकार

का यह फैसला मानने से इंकार करने तक की बात कहते हैं। लेकिन अधिसंख्य लोग यह समझ

रहे हैं कि जो इलाका इतना शांत और बेहतर नजर आ रहा है, वह भविष्य में कभी भी पूरी तरह

पानी के नीचे जा सकता है। दुनिया के कई अन्य इलाके पहले भी इस तरह समुद्र में समा गये

हैं। आइरिश समुद्र के तट पर बसे इस गांव की सुंदरता और शांति की वजह से ही अनेक लोग

दूसरे स्थानों से यहां आकर बस गये थे।

अब फिर से यहां से विस्थापित होने की वजह से वे मानसिक कष्ट में हैं। गांव में एक पार्क

बनाने वाले स्टूयार्ट इव्स यहां 26 साल पहले आकर बस गये थे। उन्होंने अपनी मेहनत से यहां

एक कॉर्निवल पार्क भी बनाया है। उनके मुताबिक एक तरफ समुद्र, दूसरी तरफ पहाड़ और बीच

में इतनी हरियाली के बीच शांति है। ऐसी जगह को हर कोई चाहता है। इसलिए इस सात सौ

घरों के गांव को छोड़कर जाना एक कष्टकर फैसला है। दरअसल इस बारे में जानकारी मिली है




कि वर्ष 2014 में पहली बार इस गांव के समुद्र में डूब जाने का खतरा महसूस किया गया है ।

सात सौ घरों का यह गांव शांतिपूर्ण है

ब्रिटेन में मौसम के बदलाव संबंधी जांच में यह पाया गया कि यह पहला ऐसा गांव है जो समुद्री

जलस्तर के अचानक बढ़ जाने की स्थिति में पूरी तरह समुद्र के भीतर चला जाएगा। इस पर

और गहन जांच कर लेने के बाद ही अंततः सरकारी स्तर पर गांव के लोगों को हटने का यह

आदेश दिया गया है ताकि समय रहने खतरे को टाला जा सके। वैसे दुनिया में कई अन्य इलाके

भी हैं, जहां बहुमंजिली इमारतों के होने के बाद भी अब वे पूरी तरह वीरान पड़े हैं क्योंकि वे धीरे

धीरे समुद्र के अंदर समाते चले जा रहे हैं। अब वैज्ञानिक यह महसूस कर रहे हैं कि समुद्री

जलस्तर के इस इलाके में ऊंचा उठने की गति तेज होती चली जा रही है। एक खास सीमा को

लांघ जाने के बाद अचानक ही रातों रात पूरा का पूरा इलाका समुद्र के अंदर जा सकता है।

इसी वजह से लोगों को वहां से हटाया जा रहा है। वैज्ञानिक मानते हैं कि बचाव के सारे उपाय

कर लेने के बाद भी वर्ष 2054 तक यह गांव निश्चित तौर पर समुद्र के अंदर होगा। इसलिए

समय रहते ही किसी बड़ा खतरा होने के पहले लोगों को वहां से हटा लिया जाना चाहिए।

फेयरबोर्न के इस गांव के लोगों को ब्रिटेन के पहले मौसम शरणार्थी का दर्जा मिला है क्योंकि

इससे पहले किसी भी गांव को इस कारण से विस्थापित नहीं होना पड़ा है। गांव के अधिकांश

लोग गांव छोड़कर जाना नहीं चाहते क्योंकि यहां का माहौल उन्हें पसंद है। फिर भी वे खतरे को

भी भली भांति समझ रहे हैं।



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