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बिहार में शराबबंदी का असली हाल ऐसा हैं, देखें वीडियो




  • भागलपुर के परिवहन विभाग में ही शराब पीते पकड़े गये लोग

दीपक नौरंगी

भागलपुरः बिहार में शराबबंदी के नीतीश कुमार के फैसले को लेकर प्रशासनिक और




पुलिस अधिकारी बहुत गंभीर नहीं रहे हैं। अचरज की बात यह है कि जिस आबकारी

विभाग को इस पर मूल काम करना चाहिए, उसके किसी अधिकारी को आज तक दंडित

भी नहीं किया जा सका। आये दिन विभिन्न जिलों में गाड़ियों में छिपाकर लायी गयी

शराब की बरामदगी की सूचनाएं प्रकाश में आती है। कल यानी शुक्रवार को भागलपुर के

परिवहन विभाग के घटना ने इस शराबबंदी की असलियत को एक बार फिर से उजागर

कर दिया है। वहां संविदा नियुक्ति पर बहाल हुए सात लोगों को शराब पीते गिरफ्तार

किया गया है। वहां से एक बोतल शराब भी जब्त की गयी है। संबंधित लोगों के खिलाफ

थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी है।

वीडियो में समझ लें पूरी रिपोर्ट

मिली सूचना के मुताबिक एएसपी पूरन झा और थाना प्रभारी अजनबी ने वहां छापामारी

की थी। थाना प्रभारी अजय कुमार अजनबी को गुप्त सूचना मिली थी। इसी सूचना के




आधार पर यह छापामारी वहां के परिवहन विभाग में पूरी टीम के साथ की गयी थी। पकड़े

गये लोगों मे दीपक कुमार, रोहित कुमार, संजीव कुमार, ललन कुमार, राजीव कुमार,

पवन कुमार और अजीत कुमार है।

बिहार में शराबबंदी और सरकारी दफ्तर में मयखाना

संविदा नियुक्ति के तहत परिवहन विभाग में बहाल होने वाले यह सभी लोग अलग अलग

जिला के हैं। पकड़े जाने के बाद इनलोगों की पहले कोरोना जांच करायी गयी। उसके बाद

इस बात की भी मेडिकल जांच हुई कि इनलोगों ने कितनी मात्रा में शराब का सेवन किया

है। लेकिन यह सवाल ज्यादा गंभीर हो गया है कि सरकारी भवन में और सरकारी

कार्यालय में इस किस्म की शराब की पार्टी का आयोजन क्या पहले से ही होता आ रहा था।

उस विभाग के उच्चाधिकारियों का ध्यान क्या इस तरफ नहीं था। कुल मिलाकर इस एक

घटना ने बिहार में शराबबंदी के प्रति अफसरों के नजरिए को फिर से उजागर करने का

काम किया है।



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