सेवा क्षेत्र की गतिविधियाँ चार माह के उच्चतम स्तर पर

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मुम्बईः सेवा क्षेत्र की गतिविधियाँ चार माह के उच्चतम स्तर 53.7 पर पहुँच गयीं।

अक्टूबर 2018 में यह आँकड़ा 52.2 पर रहा था। सेवा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों के बीच

निक्कई इंडिया द्वारा किये जाने वाले मासिक सर्वेक्षण ‘सेवा कारोबार गतिविधि

सूचकांक’ में इससे पहले जुलाई 2018 में इतनी तेजी रही थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, सेवा क्षेत्र का उत्पादन सूचकांक अक्टूबर 2016 के बाद के उच्चतम स्तर 54.5 पर पहुंच गया।

इस साल अक्टूबर में यह आँकड़ा 53.0रहा था। सूचना और संचार के दम पर कारोबारी गतिविधियों

और नये ऑर्डर में तेजी आयी है।

नये ऑर्डर आने की रफ्तार में दो साल की अवधि के बाद इतनी तेजी आयी है।

इससे भर्तियाँ बढ़ी हैं और धारणा में सुधार हुआ है।

रिपोर्ट के अनुसार, निर्यात कारोबार के आँकड़े विदेशी बाजारों की माँग में गिरावट को दर्शाने वाले रहे हैं

जिनसे पता चलता है कि गत माह घरेलू बाजार में अधिक माँग रही है।

नये ऑर्डर में इस साल पहली बार इतनी तेजी रही है।

निर्यात की गति भी करीब चार साल के उच्चतम स्तर पर रही है।

सेवा क्षेत्र में नवंबर में लगातार 15वें माह भर्तियाँ बढ़ी हैं।

माँग पूरी करने के लिए कंपनियों ने नयी भर्तियाँ कीं।

खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमत, माल ढुलाई, दवाओं और फोटोग्राफी के सामान के महँगा होने तथा वेतन पर खर्च बढ़ने से सेवा क्षेत्र में संचालन का व्यय बढ़ा है।

सेवा क्षेत्र में नौकरियों के अवसर भी दस वर्षों में सबसे अधिक

हालाँकि, सेवा क्षेत्र के लागत मूल्य की महँगाई दर नवंबर में सात माह के निचले स्तर पर रही।

अच्छी माँग को देखते हुये सेवा प्रदाताओं ने मुनाफा कमाने के लिए नवंबर में भी अपनी बिक्री दर बढ़ायी।

कारोबारी माहौल में तेजी से सुधार के अनुमान के कारण सेवा प्रदाताओं की कारोबारी धारणा में

गत माह मजबूती रही।

रिपोर्ट की लेखिका पॉलियाना डी लीमा ने सर्वेक्षण रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुये कहा

 ‘‘घरेलू माँग आने से नवंबर में सेवा क्षेत्र की गतिविधियाँ चार माह के उच्चतम स्तर पर रहीं

और नयी भर्तियाँ भी बढ़ीं।

अब तक यह साल रोजगार में वृद्धि के लिहाज से एक दशक में सबसे अच्छा रहा है।

कंपनियों के लिए यह राहत रही है कि लागत मूल्य की मुद्रास्फीति दर कम हुई है।

इसके साथ ही माँग आने से सेवा क्षेत्र और विनिर्माण क्षेत्र की कंपनियों को

मुनाफा कमाने का अधिक अवसर मिला है।’’

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