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मंजूषा कला से जोड़कर महिलाओं को कर रही आत्मनिर्भर

  • अनुकृति टीम द्वारा निर्मित मास्क का डिमांड बढ़ा

विशेष प्रतिनिधि

पटना : मंजूषा कला को आगे बढ़ाने और इस कोरोना संकट में उसे और लोकप्रिय बनाने

का काम कर रही हैं अनुकृति की टीम की महिलाएं। शाहकुंड में संचालित अनुकृति आर्ट

द्वारा कपड़ों से निर्मित व मंजूषा आर्ट की कारीगरी से सवांरा गया मास्क का डिमांड मन

की बात में पीएम द्वारा सराहना के बाद इन दिनों काफी चर्चित है। कई सम्मानों से

नवाजी गई आर्ट सेंटर की संचालिका अनुकृति मिश्रा एवं उनकी टीम दिन-रात एक कर

कोरोना वायरस से बचाव करने का कार्य कर रही है। इनके द्वारा तैयार मास्क का तारीफ

बिहार हीं नहीं अन्य राज्यों में भी जोरों पर है। प्रसिद्ध गांधीवादी डॉ. मनोज मिता ने

मधुबनी पेंटिंग से तैयार इस मास्क के लिए अनुकृति का जम कर प्रशंसा की। उन्होंने कहा

कि किसी भी कला के विकास में प्रशंसकों का होना अतिआवश्यक है। इससे रोजगार का

भी सृजन हुआ है। जिससे नारियों में स्वालंबन के साथ सशक्तिकरण भी होगा। अनुकृति

ने बताया कि मास्क निर्माण का उद्देश्य महिलाओं को रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर

करने का प्रयास मात्र है। यहां मंजूषा आर्ट को निःशुल्क सिखाया जाता है, ताकि बिहार के

पारम्परिक कला को एक नया आयाम के साथ देश-दुनिया तक पहुँचाई जा सके।

यहां पहुंचने तक करना पड़ा काफी संघर्ष

आज की प्रेरणास्रोत बनी अनुकृति को बेहद संघर्ष करना पड़ा है। घरवाले भी अनुकृति के

बाहर जाने देने के पक्ष में नहीं थे लेकिन हर कदम पर मां का सहयोग मिलता रहा।

अनुकृति फिलवक्त चंडीगढ़ से बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स का कोर्स कर रहीं हैं। वर्ष 2009

में नाबार्ड के तहत दिशा ग्रामीण विकास मंच तहत मंजूषा कला का प्रशिक्षण प्राप्त की।

उसके बाद मंजूषा कला को नई पहचान देने वाले गुरु मनोज पंडित, सिद्धार्थ झा एवं नबीन

राय नबार्ड के पूर्व डीडीएम का मार्गदर्शन मिला। उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान के

निदेशक श्री अशोक कुमार सिन्हा का भी निरंतर सहयोग एवं मार्गदर्शन मिलता रहता है।

मंजूषा कला की खुद पीएम ने की सराहना

अनुकृति ने बताया कि रविवार को मन की बात में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा मधुबनी

पेंटिंग से तैयार मास्क की सराहना किया जाना मुझे बेहद अच्छा लगा। और मैं तथा मेरी

टीम सौगुणा ऊर्जा से मास्क निर्माण कार्य में लग गई। मैं कोरोना वायरस के संक्रमण

काल से हीं मंजुषा पेंटिग से युक्त मास्क निर्माण कर रही हूं। बहुत लोगों ने इस कार्य के

लिए मुझे शाबाशी दे कर मनोबल को बढ़ाया है। हमारे सेंटर पर मास्क के साथ अन्य

आकर्षक चीजें भी तैयार होते हैं, जिससे महिलाओं को रोजगार मिल सके। अनुकृति के

आर्ट सेंटर पर दीपशिखा कुमारी, नेहा खातून, नुसरत खातून, बबली खातून, रुखसार

खातून, रुअफजा खातून, लूसी खातून, साबरा खातून, नाज़िया खातून सहित अन्य

महिलाएं इस सदियों पुरानी मंजूषा कला की बेहतरी के लिए प्रयासरत हैं।


 

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