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हाथापायी पर उतर आये प्रदेश कांग्रेस के दो बड़े नेता

  • डॉ उरांव के सामने ही पकड़ा एक दूसरे का कॉलर
  •  पार्टी की गुटबाजी सार्वजनिक हो गयी
  •  पिछले दरवाजे से निकले आलमगीर आलम
  •  मीडिया को बाहर निकालने तक कहा सुनी
राष्ट्रीय खबर

रांचीः हाथापायी देखकर ऐसा पता चला कि यह वाकई कांग्रेस का प्रदेश कार्यालय है। काफी

दिनों से ऐसा दृश्य भले ही देखने को नहीं मिला था लेकिन पूर्व में इसी तरह गुटबाजी की

वजह से एक दूसरे के खिलाफ चीखने चिल्लाने और कॉलर पकड़ने का क्रम दिखता था।

इस बार की विशेषता यह थी कि सत्तारूढ़ होने के बाद भी प्रदेश कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेता

हाथापायी पर उतर आये। मीडिया को आनन फानन में वहां से बाहर निकालने तक वहां

आरोप- प्रत्यारोप का दौर जारी ही थी। इससे झारखंड प्रदेश कांग्रेस का अंतर्कलह खुलकर

सामने आ गया है। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो बात यहीं तक नहीं रुकी और कांग्रेस के

कार्यकारी अध्यक्ष और प्रवक्ताओं ने एक दूसरे का कॉलर भी पकड़ लिया। कांग्रेस भवन में

पार्टी के कार्यकारी अध्यक्षों और प्रवक्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश ठाकुर ,केशव महतो कमलेश, मानस सिन्हा और

संजय पासवान एवम प्रदेश प्रवक्ता आलोक दुबे, राजेश गुप्ता छोटू और किशोर शाहदेव के

बीच जमकर नोकझोंक हुई। इस दौरान सभी ने एक-दूसरे पर कई गंभीर टिप्पणियां की

और आरोप-प्रत्यारोप लगाए। हंगामे बढ़ जाने के बाद विधायक दल के नेता आलमगीर

आलम को कांग्रेस भवन के पीछे के रास्ते से निकलना पड़ा। बढ़ते हंगामे को देख कर

कांग्रेस भवन में मंत्री के सुरक्षाकर्मी तैनात हो गए। दरअसल कांग्रेस भवन में प्रदेश

अध्यक्ष के नेतृत्व में पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमतों के विरोध में आंदोलन की रुपरेखा

तैयार करने को लेकर बैठक आहूत की गई थी। लेकिन इस बैठक के दौरान कांग्रेस की

गुटबाजी उभरकर सामने आ गई।

हाथापायी इस गुटबाजी का ऐसा परिणाम पहले से अपेक्षित था

मीडिया से हर रोज संवाद  करने वाले प्रवक्ताओं ने जब से प्रेस कांफ्रेंस का स्थान बदला

था, अनेक नेताओ को  परेशानी हो गयी थी। दरअसल इससे पूर्व जिस स्थान पर मीडिया

को संबोधित किया जाता था, उसके पीछे नेताओं की तस्वीर थी, जिससे बिना मीडिया से

मिले अथवा बात किये भी इन नेताओं को मीडिया कवरेज मिलता रहता था। तीनों

प्रवक्ताओं द्वारा स्थान बदल दिये जाने से इन नेताओं का चेहरा आना बंद हो गया था।

इसी वजह से पहले से पनप रही गुटबाजी का यह परिणाम हाथापायी के तौर पर आज

देखने को मिला।

 

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