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सुरक्षा बलों की चुनौतियां कठिन हुई म्यांमार सीमा के पास बढ़ रही है तस्करी

  • करीब 300 करोड़ रुपये कीमत की तस्करी का सामान जब्त

  • तस्करी की दवा भी 29 करोड़ से अधिक की जब्त

  • गश्ती पर निकले जवानों की गतिविधियां दिखी

  • सोने की बहुत बड़ी खेप नईदिल्ली में पकड़ी

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: सुरक्षा बलों को चीन की सीमा पर सतर्कता के साथ साथ तस्करी पर भी अधिक

ध्यान देना पड़ रहा है। कोविड-19 महामारी के इस दौर में भारत-म्यांमार सीमा के बीच

दवाओं की बड़ी खेप के साथ की तस्करी की जा रही है। 1,700 किलोमीटर लंबी भारत-

म्यांमार सीमा की रखवाली करने वाली असम राइफल्स ने शनिवार की रात तस्करी के

प्रयास को नाकाम कर दिया और दवाओं की बड़ी खेप जब्त कर ली।असम राइफल्स के

सूत्रों ने मीडियाकर्मियों को बताया कि अब जब शनिवार को तड़के करीब 3 बजे ड्यूटी पर

निकले जवानों को पूर्वी मणिपुर में मोरेह के पास स्थित होलोल्हाई गांव में अंतरराष्ट्रीय

सीमा पर कुछ संदिग्ध हरकत का पता चला। अधिकारियों ने कहा कि चुनौती दिए जाने

पर अज्ञात बदमाश म्यांमार की ओर भाग गए। इलाके की पूरी जाँच करने पर डिब्बों में

पैक तस्करी की दवाइयों का भंडार बरामद हुआ। मणिपुर के सीमावर्ती शहर मोरेह में

सीमा शुल्क (निवारक) अधिकारियों को आकार की चीजें सौंपी गईं। सीमा शुल्क

(निवारक) के अधिकारियों ने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है, और जब्त दवाएं लगभग

2.80 करोड़ रुपये के मूल्य की हैं।असम राइफल्स द्वारा जब्त की गई दवाओं की संरचना

के विवरण का खुलासा नहीं किया गया है। दूसरी ओर, असम राइफल्स के जवानों ने एक

व्यक्ति को पकड़ लिया और उसके कब्जे से 1.76 करोड़ रुपये की 1000 ग्राम संदिग्ध

ब्राउन शुगर जब्त की, जो मणिपुर के टेंगनपाल जिले के हरोलेहाई गाँव में शनिवार की

रात को हुई थी। पिछले छह महीनों के दौरान, असम राइफल्स ने मादक पदार्थों और

तस्करी के पदार्थों की तस्करी को रोकने में एक सक्रिय भूमिका निभाई।

सुरक्षा बलों को उत्तर पूर्व की सीमा पर कई जिम्मेदारियां 

मणिपुर में भारत-म्यांमार सीमा पर असम राइफल्स की कांगवई बटालियन के बीच,

कोविड-19 महामारी, ने जागरूकता कार्यक्रम भी चलाया। गृह विभाग के एक अधिकारी ने

कहा कि असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल सुखदीप सांगवान ने,भारत के

गृह सचिव अजय कुमार भल्ला और अन्य वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी गृह मंत्रालय के निर्देश

पर अंतर्राष्ट्रीय सीमा सुरक्षा को लेकर बैठक की।इस दौरान लेफ्टिनेंट जनरल सुखदीप ने

सभी को विश्वास दिलाया कि वह यहां किसी भी तरह की घुसपैठ नहीं होने देंगे। उन्होंने

सीमा पर सुरक्षा चौकियों को बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। इसके लिए उन्होंने सरकार से मदद

मांगी। गौरतलब है कि एक जुलाई से अब तक असम राइफल्स म्यांमार से आने वाले

लगभग 29.80 करोड़ के मादक पदार्थो को जब्त कर चुका है। उसने तस्करी के बारे में कहा

कि भारत-म्यांमार सीमा जिससे तस्करी के मामले बढ़ रहे हैं और वहां बॉर्डर की रखवाली

के लिए तैनात फोर्स ‘असम राइफल्स’ की चुनौतियां बढ़ रही हैं।

एक खास स्थान पर ही बरामद हुआ तीन सौ करोड़ का माल

पिछले कुछ दिनों में सिर्फ इसी एक पॉइंट से असम राइफल्स ने करीब 300 करोड़ रुपये

कीमत की तस्करी का सामान पकड़ा। जिसमें सबसे ज्यादा ड्रग्स था। दूसरी तरफ,

म्यांमार- इस क्षेत्र में भारत की सीमा के नागरिक नागरिक ने आरोप लगाया कि भारत-

म्यांमार बॉर्डर पर फ्री मूवमेंट रिजीम यानी FMR है। ये बॉर्डर के दोनों तरफ 16-16

किलोमीटर की एरिया में रहने वाले लोगों के लिए बनाया गया ताकि वह बॉर्डर के दूसरी

तरफ रहने वाले अपने रिश्तेदारों से मिल सकें। साथ ही रोजमर्रा की बुनियादी जरूरत का

सामान भी (पैदल हाथ या सिर में, गाड़ी पर नहीं) ला जा सकें। बॉर्डर पास जारी न होने की

वजह से कोई भी अपना आधार कार्ड दिखाकर बॉर्डर पार कर म्यांमार जा रहा है। यह

इलाका तरस्करी के साथ ही यहां सक्रिय उग्रवादी संगठनों की वजह से भी बेदह

संवेदनशील है। क्या कोई उग्रवादी संगठन के लोग भी बॉर्डर पार कर आ जा रहे हैं, इसका

पहचान नहीं हो पा रही है।

असम राइफल्स ने सोने की तस्करी को भी उजागर किया है

उल्लेख करें कि अगस्त 2020 के अंतिम सप्ताह में असम राइफल्स ने भारत-म्यांमार

सीमा पर सोने की तस्करी की बड़ी साजिश को नाकाम करते हुए 5 विदेशी घुसपैठियों को

गिरफ्तार किया था। पकड़े गए चार विदेशी घुसपैठिए मूल रूप से म्यांमार के नागरिक हैं।

असम राइफल्स ने उनके कब्जे से 36.316 किलोग्राम सोना बरामद किया था। बरामद

सोने की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग 11 करोड़ रुपये आंकी गई थी। असम

राइफल्स ने इन पांच विदेशी घुसपैठियों को सोने सहित सीमा शुल्क विभाग को सौंप दिया

था।अब सीमा शुल्क विभाग ने तस्करी के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद म्यांमार

दूतावास को सूचित किया है। असम राइफल्स के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार,

भारत-म्यांमार सीमा पर तैनात खुफिया विभाग से लगातार इनपुट मिल रहा था कि

म्यांमार के रास्ते से बड़ी तादाद में ड्रग्स की तस्करी की योजना बनाई जा रही है। यह ड्रग्स

म्यांमार से कुछ घुसपैठियों को भेजा जाएगा। खुफिया इनपुट के आधार पर, असम

राइफल्स की सेरशिप बटालियन ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी और घुसपैठियों के लिए

जाल बिछा दिया।


 

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