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अंतरिक्ष से समुद्री गतिविधियों पर नजरदारी में दिखा सुंदर नजारा

  • समुद्री जीवन की यात्रा पर ध्यान दे रहे हैं वैज्ञानिक
  • खास तकनीक और लेजर किरणों की मदद से काम
  • समुद्री पौधों के जीवन चक्र पर इन प्राणियों का भोजन
  • कार्बन चक्र को समझने में भी मददगार होना यह शोध
प्रतिनिधि

नईदिल्लीः अंतरिक्ष से समुद्री गतिविधियों पर गौर करने के बाद
वैज्ञानिक हैरान हो रहे हैं। उन्हें पहली बार समुद्र के अंदर जीवों के लंबी
दूरी तय करने का नजारा देखने को मिला है। इसके लिए अब वैज्ञानिक
खास किस्म के लेजर तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं।

इससे समूहों में एक स्थान से दूसरे स्थान तक की दूरी करने वाले
समुद्री प्राणियों की गतिविधियों को समझने में मदद मिल रही है। इस
क्रम में उनकी भोजन पद्धति के बारे में भी वैज्ञानिकों को नई जानकारी
मिल पायी है।

वैसे इस किस्म की समुद्री गतिविधियों के पूरी पृथ्वी के पर्यावरण से
सीधा रिश्ता है। खास कर इन प्राणियों के भोजन ग्रहण करने का संबंध
कार्बन के चक्र से जुड़ा हुआ है। अब इस बार में नई जानकारी मिलने से
वैज्ञानिकों को इस चक्र को और बेहतर तरीके से समझने में मदद
मिलने की उम्मीद है।

वर्तमान में पृथ्वी के पर्यावरण की स्थिति बदलने जाने की वजह से
इससे जुड़ी हर पहलु पर गौर करने की आवश्यकता महसूस की जा रही
है। अमेरिका और फ्रांस के वैज्ञानिक इस शोध के लिए एक साथ काम
कर रहे हैं।

पिछले दस वर्षों से इस पर अनुसंधान तो चल रहा था लेकिन पहली
बार अंतरिक्ष से समुद्री जीवन के एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने
की जानकारी देखने को मिली है।

अंतरिक्ष से समुद्री गहराई देखने के लिए लेजर

इसके लिए शोधकर्ता कैलिप्सो सैटेलाइट और खास किस्म के लेजर
का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस तकनीक से समुद्र के अंदर छोटे आकार
के जीवों की गतिविधियों को भी पानी के अंदर देखने की शक्ति
मिलती है।

इसी वजह से यह भी पता चल रहा है कि विशाल समूह कब समुद्र के
ऊपर आकर भोजन ग्रहण करता है और किस तरीके से समूह में रूकते
हुए आगे बढ़ता जा रहा है। वैसे इस जानकारी के आधार पर समझा जा
रहा है कि यह पृथ्वी की शायद सबसे लंबी यात्रा है।

इसी क्रम में कार्बन चक्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले समुद्री
पौधों
को बतौर भोजन ग्रहण करने की भी जानकारी मिल रही है।

समुद्र में कम गहराई में पाये जाने वाले प्लैंकोटोन ही इस समुद्री
प्राणियों का भोजन बन रहा है। यह पौधे सामान्य तौर पर
फोटो संश्लेषण की विधि से सूरज की रोशनी से ऊर्जा ग्रहण कर
खुद को विकसित करते हैं।

दूसरी तरफ समुद्री जीवों के लिए यही पौधा ही भोजन का मुख्य आधार
है। इन पौधों का दैनिक जीवन चक्र भी बड़ा अजीब है। वे रात के अंधेरे
में समुद्र के ऊपर आ जाते हैं जबकि सूर्य की रोशनी में वे पानी की
गहराई में रहते हैं।

इस प्रक्रिया को वैज्ञानिकों ने डायल वर्टिकल माइग्रेशन करार दिया है।
यह समुद्र अथवा मीठे पानी के तमाम प्लैंकटोन में एक जैसा होता है।
इसी जीवन चक्र की वजह से समुद्र के छोटे जीवन भी इनसे भोजन
ग्रहण करने के लिए उनकी दिनचर्या का अनुसरण करते हैं।

पौधे के हिसाब के जीव भी खुद को ढाल लेते हैं समुद्र में

वैज्ञानिकों ने पाया है कि यह पौधे समुद्र के ऊपर आकर अधिक मात्रा
में कार्बन डॉईऑक्साइड ग्रहण करते हैं। इससे ग्रीन हाउस गैसों की
मात्रा कम होती है।

दूसरी तरफ समुद्री प्राणी इनसे भोजन के तौर पर ठोस कार्बन का
स्वरुप ग्रहण करते हैं। इस तरीके से कार्बन का चक्र परिवर्तित होता
रहता है।

इस संबंध में नेचर पत्रिका में प्रकाशित शोध प्रबंध में बताया गया है
कि इस नई खोज से पृथ्वी के समुद्री जीवन से मौसम के बदलाव को
समझने में मदद मिलेगी।

यह टिप्पणी शोध प्रबंध के मुख्य लेकर माइक बेहरेनफेल्ड ने की है।
उनके मुताबिक कार्बन चक्र और इन प्राणियों के बीच का संबंध
समझने से मौसम में जो कुछ बदल रहा है, उसे कैसे सुधारा जा सकता
है, उसके नये रास्ते भी खुल सकते हैं।

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