ईल मछली की तरह तैरेगा नया रोबोट, बिना मोटर के यंत्र का परीक्षण जारी

ईल
  • इसके चलने में कोई आवाज नहीं 
  • पानी भरे मांसपेशियों से चलता है
  • अब मछली की तरह सर लगाने की तैयारी
प्रतिनिधि
नयीदिल्ली : वैज्ञानिकों ने एक ऐसा रोबोट बनाया है, जो देखने में ईल मछली की तरह है।
इस प्रयोग के सफल होने पर अब गहरे समुद्र में उतरकर किसी चीज को तलाशना भी आसान होने वाला है।
वैज्ञानिकों ने एक ऐसा रोबोट तैयार किया है, जो नमकीन पानी में भी ईल मछली की तरह तैर सकता है।
चूंकि इसमें कोई बिजली चालित मोटर नहीं है, इसलिए उसके चलने में कोई आवाज भी नहीं होता।
वर्तमान में वैज्ञानिक प्रयोगशाला में इस रोबोट का परीक्षण कर रहे हैं ताकि आवश्यक
संशोधन के बाद इसे समुद्र में उतारा जा सके।
ईल मछली जैसे ही यह रोबोट पानी के अंदर अपनी शक्ति से इधर उधर जा सकती है।
इसमें मोटर नहीं होने के बाद भी यह रोबोट पानी भरे अपनी पेशियों के माध्यम से वह
सारा काम कर सकती है, जो किसी गहरे समुद्र में जांच के लिए जरूरी हो सकता है।
वर्तमान में यह रोबोट करीब एक फीट लंबा है।
इसका संचालन सतह के ऊपर रखे इलेट्रानिक बोर्ड से होता है। वैसे मजेदार बात यह है
कि जो बोर्ड पानी की सतह के ऊपर बनाया गया है, वह भी पूरी तरह पारदर्शी है।
सानडियागो और बार्कले के शोध दल ने गत 25 अप्रैल को अपने शोध की
उपलब्धियों की जानकारी सार्वजनिक की है।
इस प्रयोग के सफल होने से यह उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में तेजी से
मुड़ने और काम करने में सक्षम लचीले रोबोट भी बनाये जा सकेंगे।

ईल की तरह चुपके से काम करता है रोबोट

समुद्र के अंदर इस मछलीनुमा रोबोट की विशेषता यह है कि यह मछलियों के
बीच भी आसानी से तैरती रहेगी और उसके होने से अन्य समुद्री जीवों को कोई परेशानी भी नहीं होगी।
वर्तमान में समुद्र के अंदर जाने वाले सभी किस्म के पनडुब्बी मोटर युक्त होते हैं, जो शोर करते हैं।
इस शोर की वजह से नीचे के समुद्री जीवन के शांत वातावरण में बाधा पहुंचती है।
सानडियागो जैकब स्कूल आॅफ इंजीनियरिंग के शोध छात्र कालेब क्रिस्टियानसन ने
बताया कि बिना किसी शोर के काम करने की वजह से इस रोबोट को बेहतर आंकड़े उपलब्ध हो सकेंगे।
इस रोबोट के काम करने में उसके नकली पेशियां मददगार होंगी, जिनकी मदद से
पारदर्शी रोबोट बिल्कुल ईल मछली की तरह पानी के अंदर तैरता रहेगा।
समुद्र के खारे पानी से ही यह ऊर्जा प्राप्त करती है।
ईल की तरह अंदर की बिजली से यह आस-पास के इलाके में भी ईल मछली की तरह बिजली के तरंग पैदा करती हैं।
साथ ही अपने काम की ऊर्जा का विकास भी इसी माध्यम से कर लेती है।
अंदर पैदा होने वाली बिजली का नेगेटिव चार्ज बाहर की तरफ होता है जबकि पॉजिटिव चार्ज मोटर के अंदर मांसपेशियों के संचालन में मदद करती है।
प्रयोगशाला के अंदर यह रोबोट समुद्री जल से भरे टैंक के अंदर जैली फिश, कोरल और अन्य किस्म की मछलियों के बीच आराम से अपना काम करती रही।
वहां मौजूद अन्य मछलियों को इससे कोई प्रभाव नहीं पड़ा। अब रोबोट का वजन बढ़ाने का काम चल रहा है ताकि यह गहरे समुद्र तक जा सके।
साथ ही इसमें ईल मछली की तरह एक सर लगाने की योजना है। इस कृत्रिम सर के अंदर ही रोबोट के सारे सेंसर लगाये जाएंगे।

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