fbpx

इजरायल के वैज्ञानिको ने प्रकाश किरणों पर नई सफलता हासिल की

इजरायल के वैज्ञानिको ने प्रकाश किरणों पर नई सफलता हासिल की
  • दूसरे उपयोग के अलावा संचार की गति भी तेज होगी

  • सूचना तकनीक की वर्तमान विधि से बहुत तेज

  • आकार में भी छोटे हो जाएंगे इसके सारे यंत्र भी

  • अनेक वैज्ञानिक यंत्रों को मिलेगा इसका फायदा

राष्ट्रीय खबर

रांचीः इजरायल के वैज्ञानिको ने प्रकाश किरणों को संकुचित कर आगे प्रेषित करने की नई

विधि विकसित की है। इसके तहत किसी फाईबर के मुकाबले एक हजार गुणा पतले पदार्थ

से इस रोशनी को गुजारा जा सकेगा। इसकी मदद से रोशनी का भी संप्रेषण किया जा

सकेगा। यानी आम भाषा में अब रोशनी को भी ट्रांसमिट करना संभव हो जाएगा। इसकी

मदद से अन्य लाभ के अलावा सबसे अधिक लाभ इंटरनेट की दुनिया में होने वाला है, ऐसा

वैज्ञानिक मानते हैं। उनके मुताबिक रोशनी की मदद से वह सारा काम अत्यधिक तेज

गति से होगा जो अभी ऑप्टिकल फाईबर की जरिए किया जा रहा है। इस शोध से जुड़े दल

के नेता प्रोफेसर इडो कामिनर ने बताया है कि इससे पहले ऑप्टिकल तकनीक में सबसे

बड़ी बाधा प्रकाश तंरगों का बड़ा होना था। इसी वजह से उनका संप्रेषण तेज गति से नहीं हो

पाता ता। अब उसी प्रकाश को एक हजार गुणा छोटे आकार के पदार्थ से गुजारने के बाद

यह बाधा भी दूर हो गयी है। प्रकाश तरंग अब पतले हो गये हैं तो वे अधिक तेज गति से

सफर भी कर सकते हैं। इसका दूसरा फायदा तमाम किस्म के माइक्रोचिप में होना है, जो

अभी इसी अड़चन की वजह से उतनी तेज गति से काम नहीं कर पाते हैं। जाहिर है कि

माइक्रोचिप का इस्तेमाल करने वाले तमाम उपकरणों के काम करने की गति भी इससे

काफी तेज हो जाएगी। वर्तमान में जो फाईबर ऑप्टिक्स का इस्तेमाल होता है, वे बड़े

प्रकाश तरंगों वाले हैं। इसी वजह से वे अधिक सूचनाएं अपने साथ नहीं ले जा पाते हैं।

प्रकाश तरंगों का आकार बहुत छोटा होने की वजह से उनकी गति अभी के मुकाबले बहुत

तेज हो जाएगी। शोधकर्ता मानते हैं कि इस तकनीक की बदौलत पूरी ऑप्टिक आधारित

तकनीक बदल जाएगी और दुनिया को इसका लाभ मिलेगा।

इजरायल के वैज्ञानिको की खोज कई लाभ दे सकेगी

प्रकाश तरंगों का आकार पहले के मुकाबले छोटा होने की वजह से उन्हें ले जाने में सक्षम

उपकरणों का आकार भी छोटा हो जाएगा। अनुसंधान के क्रम में जिस पदार्थ का इसमें

इस्तेमाल किया गया है वह वर्तमान विधि में इस्तेमाल होने वाले एक माइक्रोन से भी एक

हजार गुणा छोटा है। लिहाजा यह समझा जा सकता है कि पूरी सूचना तकनीक पर

आधारित उपकरणों के आकार प्रकार में भी बदलाव कर पाना संभव होगा क्योंकि अधिक

चौड़ाई के प्रकाश तरंगों को ले जाने वाले उपकरणों का आकार भी नई तकनीक से छोटा हो

जाएगा। प्रोफसर कामिनर के साथ इस अनुसंधान में यानिव कुरमान और राफेल दहान

शामिल थे। इस तकनीक के बारे में जानकारी मिलने के बाद यूनिवर्सिटी ऑफ स्टटगर्ट के

प्रोफसर हैरल्ड गिसेन ने इसे एक क्रांतिकारी कदम बताया है। उनके मुताबिक यह

अत्यधिक तेज नैनो ऑप्टिक्स की दुनिया में क्रांति है और इसके ढेर सारे फायदे होंगे।

वर्तमान तकनीक में प्रकाश तरंगों को ले जाने की क्षमता सीमित होने की वजह से भी

ऑप्टिक फाईबर एवं अन्य उपकरण बड़े होते हैं। अब वे सारे तेज गति संपन्न तकनीक की

वजह से छोटे होंगे क्योंकि प्रकाश के संचारण की व्यवस्था ही बदल जाएगी। जिस पदार्थ

से यह तकनीक बनायी गयी है वह एक परत की है। इसकी विशेषता यह है कि उसमें एटम

के एक ही परत हैं। लेकिन इसके जरिए प्रकाश को अत्यंत तेज गति से गुजारा जा सकता

है। फिर भी यह पदार्थ दो आयामी यानी टू डी है यानी उसकी लंबाई और चौड़ाई है। इसकी

कार्यकुशलता की हर तरफ प्रशंसा हो रही है।

सूचना तकनीक की गति बहुत तेज हो पायेगी

अब इससे गुजरने वाले प्रकाश तरंगों को सीधे तौर पर देखने की विधि पर काम हो रहा है

क्योंकि तेज गति से प्रकाश तरंग के गुजरने के बाद भी वे खुली आंख से उसे देख नही पाये

हैं क्योंकि इसकी गति अत्यधिक तेज थी। इजरायल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की

प्रयोगशाला में यह काम किया गया है। इसमें कई विधाओँ के विशेषज्ञों ने मदद भी की है।

यहां तक की इस पदार्थ को बनाने तथा उसे नापने के यंत्र में विदेशी मदद भी मिली है। कई

अन्य विदेशी संस्थाओँ ने अपनी तकनीक की बदौलत इस काम में अपना अपना योगदान

दिया है। ध्वनि संकेत से उत्पन्न होने वाली रोशनी के आगे बढ़ने से कई अन्य फायदे भी

हो सकते हैं। मसलन रोशनी को आगे बढ़ाने के लिए किसी प्रकाश स्रोत का होना अब

जरूरी नहीं होगा, ऐसा भी माना जा रहा है। साथ ही इस प्रकाश की गति को तेज या कम

भी किया जा सकता है। इजरायल के वैज्ञानिको की इस खोज की मदद से अनेक किस्म के

आंकड़ों को एक साथ एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेज पाना अब संभव होगा, ऐसा

वैज्ञानिक मान रहे हैं।

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
Rkhabar

Rkhabar

... ... ...
error: Content is protected !!
%d bloggers like this: