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स्कूल फीस का मुद्दा भी भागलपुर के लोगों के लिए परेशानी का सबब

  • विधायक अजीत शर्मा ने निजी स्कूलों के रवैये पर नाराजगी जतायी

  • कहा लोगों के पास खाने को पैसा नहीं तो स्कूल फीस कहां से देंगे

  • राज्य सरकार को इस पर तुरंत फीस माफी का स्पष्ट आदेश देना चाहिए

  • कई बार सरकार के सभी विभागों को इस मुद्दे पर लिख चुके हैं पत्र

दीपक नौरंगी

भागलपुरः स्कूल फीस का मुद्दा भी भागलपुर के अनेक अभिभावकों को परेशान कर रहा

है। वैसे भी कोरोना संकट की वजह से अभी हर घर का बजट ही बिगड़ा हुआ है। ऐसी

स्थिति में स्कूल प्रबंधन की तरफ से बार बार फीस के लिए दबाव डालने का अनेक

अभिभावकों ने विरोध किया है। अभिभावकों के एक जत्थे ने इसी मुद्दे पर स्थानीय

विधायक अजीत शर्मा से भी मुलाकात कर उन्हें अपनी पीड़ा से अवगत कराया है।

वीडियो में देखिये क्या कहा विधायक अजीत शर्मा ने

अभिभावकों की शिकायत है कि स्कूल बंद होने के बाद भी स्कूल प्रबंधन परोक्ष तरीके से न

सिर्फ फीस के लिए दबाव बना रहा है बल्कि ऑन लाइन पढ़ाई के दौरान भी फीस की बात

कर बच्चों पर मनोवैज्ञानिक कुप्रभाव डालने वाला आचरण कर रहा है। इससे बच्चों पर

पड़ने वाले असर की वजह से घरवालों पर भी एक जैसा मानसिक दबाव बनाया जा रहा है,

जो पूरी तरह गलत है। स्कूल प्रबंधन के इस आचरण से नाराज अनेक अभिभावकों ने

स्कूल जाकर अपनी नाराजगी जतायी है। स्कूल के पास ही ऐसे कई अभिभावक मिले,

जिन्होंने कहा कि हर किस्म का दिशा निर्देश होने के बाद भी स्कूल प्रबंधन का यह रवैया

खासकर इस कोरोना संकट के दौर में पूरी तरह गलत है।

अभिभावकों की शिकायत है कि स्कूल प्रबंधन का रवैया गलत है

एक अभिभावक ने इस बात की भी शिकायत की कि बच्चों की ऑन लाइन परीक्षा लेने

और फीस नहीं देने वाले को परीक्षा में शामिल नहीं करने की बात कहकर भी नाहक दबाव

बनाने की कोशिश हो रही है। उनकी शिकायत है कि जो बात अभिभावकों के साथ की

जानी चाहिए, वह बार बार बच्चों को बतायी जा रही है। उन्होंने स्कूल प्रबंधन को इस

विषय पर अभिभावकों के साथ बैठक करने का भी सुझाव दिया था लेकिन कोई सुनवाई

नहीं हुई।

एक अन्य अभिभावक की शिकायत है कि ऑन लाइन क्लास में बहुत कम बच्चे ही नजर

आते हैं। इस बात को ध्यान में रखना चाहिए कि हर परिवार में हर बच्चे के लिए अलग

अलग मोबाइल का खर्च तो नहीं उठाया जा सकता। ऐसे में अगर किसी घर में एक से

अधिक बच्चा स्कूल में पढ़ता है तो उस परिवार के बच्चों की पढाई कैसे होगी।

स्कूल फीस माफी के लिए विधायक ने पत्र लिखा है

इस मुद्दे पर स्थानीय विधायक अजीत शर्मा ने कहा कि इस मुद्दे पर राज्य सरकार को वह

कई बार पत्र भी लिख चुके हैं। यह समझने वाली बात है कि दिहाड़ी मजदूर और छोटे

कारोबारियों का सब कुछ इतने लंबे समय से बंद है। अभी तो लोगों के पास दो वक्त

भोजन की चुनौती है। लोगों के पास पैसा ही नहीं है। ऐसी स्थिति में उनसे फीस मांगा

जाना ही गलत है। एक तो पढ़ाई नहीं हुई है ऊपर से लोगों के पास पैसा ही नहीं है तो ऐसे

अभिभावक फीस कैसे अदा करेंगे। इस विषय पर राज्य सरकार के तरफ से निजी स्कूलों

के लिए स्पष्ट निर्देश जारी होना चाहिए कि वे इस अवधि का फीस नहीं ले सकते हैं।

उन्होंने बच्चों को परीक्षा में शामिल होने का लिंक नहीं भेजने की शर्त को भी बेइमानी

बताते हुए कहा कि संबंधित सभी अधिकारियों को वह दोबारा भी पत्र भेज चुके हैं। इस

संकट की घड़ी में जब लोगों के पास भोजन के पैसे नहीं हैं तो ऐसे लोगों पर फीस के लिए

दबाव बनाना ही गलत है। बिहार सरकार को चाहिए कि वह अभी तुरंत फीस माफी के

संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी करे।


 

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2 Comments

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